प्रणब मुखर्जी ही नहीं, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी भी शामिल हो चुके है संघ के कार्यक्रम में

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प्रणब मुखर्जी के संघ के कार्यक्रम में जाने से भले ही कांग्रेस के कुछ नेता असहज महसूस कर रहे हों लेकिन ये पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस के नेता संघ से जुड़े प्रोग्राम में जा रहे हों। यही वजह है कि बीजेपी ने कांग्रेस से सवाल पूछा है कि प्रणब मुखर्जी के संघ के कार्यक्रम में जाने में बुराई क्या है वै ये पहला मौका नहीं है जब संघ से जुड़े किसी कार्यक्रम में कांग्रेस के नेता पहुंचे हों या कांग्रेस के नेताओं ने सरकारी कार्यक्रम में संघ को बुलाया हो। 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान संघ के स्वयंसेवकों ने सरहद में राशन पहुंचाने में मदद की थी जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 1963 में गणतंत्र दिवस की परेड में संघ को न्योता भेजा था।

पूर्व प्रधानमंत्रियों लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी भी हुए थे शामिल

1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में संघ के स्वयंसेवकों की मदद ली थी। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विश्व हिंदू परिषद की एकात्म जलयात्रा कार्यक्रम में शामिल हुईं थी। 1977 में संघ नेता एकनाथ रानाडे के न्योते पर इंदिरा गांधी ने विवेकानंद रॉक मेमोरियल का उद्घाटन किया था। यही वजह है कि अब बीजेपी नेता कह रहे हैं कि अगर प्रणब मुखर्जी भी संघ के कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं तो इसमे बुराई क्या है।

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”पॉलिटिकल अनटचेबिलिटी ठीक नहीं”
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पॉलिटिकल अनटचेबिलिटी ठीक नहीं, बातचीत होनी चाहिए। विरोध करने वाले लोग छोटे दिल के होते हैं। वहीं बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि इसमें क्या गलत है कि प्रणब मुखर्जी आरएसएस को संबोधित कर रहे हैं। वो वहां सुनेंगे नहीं बल्कि आरएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। इसमें क्या परेशानी है। प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के समारोह में शामिल होने पर सवाल उठाने वालों को संघ से जुड़े लोगों ने भी नसीहत दी है। आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। वो अब किसी राजनीतिक संस्था से नहीं जुड़े हैं।

आरएसएस के सर सह कार्यवाह मनमोहन वैद्य ने भी दिया जवाब
प्रणब मुखर्जी के संघ के समारोह में शामिल होने पर सवाल उठाने वालों को आरएसएस के सर सह कार्यवाह मनमोहन वैद्य ने भी जवाब दिया है। मनमोहन वैद्य ने एक अंग्रेजी अखबार में ‘प्रणब दा, नागपुर में आपका स्वागत है’ नाम से एक लेख लिखा हैं। अपने लेख में मनमोहन वैद्य ने आरएसएस को अपने से अलग मत रखने वालों से मिलने-जुलने और उन्हें सुनने वाला संगठन बताया है और यही वजह है कि आरएसएस ने अपने प्लेटफॉर्म पर देश के पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी को बुलाया है। फिलहाल प्रणब मुखर्जी नागपुर पहुंच चुके हैं। जहां वो आज आरएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे।

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