पौने दो लाख क्यूसेक पहुंचा कोसी का डिस्चार्ज, कई गांव जलमग्न

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सुपौल : कोसी के नेपाल स्थित जलअधिग्रहण क्षेत्र में विगत दो दिनों से हुई भारी बारिश के कारण नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है. शुक्रवार को कोसी का डिस्चार्ज इस वर्ष के रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच चुका है. जाहिर तौर पर तटबंध के भीतर बसे लोगों की परेशानी भी बढ़ने लगी है. पानी का फैलाव होने से नदी के करीब अवस्थित गांव के घरों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है. फसलें डूब चुकी है. वहीं, पशु चारा की भी विकट समस्या उत्पन्न हो रही है. बाढ़ के बढ़ते खतरे के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र के लोग सुरक्षित ठिकाने की ओर निकलने लगे हैं. जल स्तर में बढ़ोतरी से सुपौल, किसनपुर, सरायगढ़, मरौना, निर्मली व बसंतपुर प्रखंड के दर्जनों पंचायत बाढ़ की चपेट में है. तटबंध के अंदर स्थित करीब दो दर्जन पंचायत क्षेत्र की हजारों की आबादी बाढ़ विपदा से त्राहिमाम कर रही है.
ऊंचे स्थानों पर जाने लगे लोग, राहत सामग्री की लगायी गुहार
जल स्तर में वृद्धि होने के कारण हो रही परेशानी के मद्देनजर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से नाव, पशु चारा, राहत सामग्री और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री के व्यवस्था की प्रशासन से मांग की है. लोगों ने बताया कि अभी तक प्रशासन द्वारा पर्याप्त स्तर पर नाव व राहत सामग्री की व्यवस्था नहीं की गयी है. इसके कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.

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दो लाख के करीब पहुंचा कोसी का डिस्चार्ज
महज चार दिनों के अंतराल में कोसी के डिस्चार्ज में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. 09 जुलाई को जहां कोसी का जल स्राव 01 लाख क्यूसेक से भी कम था. वह धीरे-धीरे बढ़ते हुए शुक्रवार को पौने दो लाख के पार पहुंच गया. नियंत्रण कक्ष से प्राप्त सूचना के मुताबि क शुक्रवार की शाम 04 बजे कोसी बराज का डिस्चार्ज 01 लाख 75 हजार 825 क्यूसेक दर्ज किया गया. जो बढ़ने के क्रम में है. वहीं नेपाल के बराह क्षेत्र में कोसी का जल स्तर 01 लाख 33 हजार 475 क्यूसेक मापा गया.

64.95 किमी बिंदु पर धंसने लगा है स्पर
कोसी के जल स्तर में बढ़ोतरी के बाद तटबंध के विभिन्न बिंदुओं पर दबाव भी बढ़ने लगा है. जानकारी मुताबिक सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कोसी तटबंध के 64.95 किलोमीटर बिंदु पर स्थित स्पर खतरे में आ गया है. स्पर का अगला हिस्सा (नोज) कई दिनों से धंस रहा है. जो खतरनाक रूप धारण कर सकता है. हालांकि विभाग द्वारा स्पर को बचाने की कवायद युद्ध स्तर पर की जा रही है. फ्लड फाइटिंग का काम रात-दिन चल रहा है. अब तक करीब 01 लाख एनसी बैग और 20 हजार जियो बैग का इस्तेमाल किया जा चुका है. अधीक्षण अभियंता ओम प्रकाश, कार्यपालक अभियंता महेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता दिनेश कुमार, कनीय अभियंता राधेश्याम यादव आदि कार्य की निगरानी में जुटे हैं. तटबंध के करीब बसे जानकार बताते हैं कि अगर यह स्पर कट गया तो तटबंध के टूटने का खतरा उत्पन्न हो सकता है. जिससे भयानक तबाही मचेगी. हालांकि विभागीय अभियंता स्थिति को नियंत्रण में बताते हैं.
इन गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
कोसी के जल स्तर में वृद्धि से किशनपुर प्रखंड के बौराहा पंचायत के अरराहा, सोनवर्षा, बुर्जा मुसहरी, बेंगा, बौराहा, गोढियारी, सोनबरसा, झखराही, कमलदाहा, परसामाधो के परसामाधो, एकडारा, नौआबाखर के सिमराहा, चलेलवा, खाप, परसाही, सिमराहा, नौआबाखर छिट टोला, शिवपुरी के मुरकुचिया, बालू टोला, मोमिन टोला, हांसा, किसनपुर उत्तर के वार्ड नंबर एक, दो व तीन, मौजहा के सुकमारपुर, सिसवा, दुबियाही के दुबियाही पर्वी भाग, दिघीया पूर्वी भाग, बेला, बेगमगंज, मरौना प्रखंड के घोघडिया पंचायत के खुखनाहा, गोठ खुखनाहा, मुसहरी आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है.

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