पूर्व विधायक के पास से 10 करोड़ से ज्यादा के लेन-देन के मिले प्रमाण

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पूर्व राजद विधायक मुसाफिर पासवान और उनके संबंधियों के सभी ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी मंगलवार को दूसरे दिन भी चलती रही.
इस दौरान करोड़ों की अवैध संपत्ति के अलावा 10 करोड़ से ज्यादा के कैश के लेन-देन के रिकॉर्ड भी मिले हैं. विभागीय स्तर पर इसकी की गहन जांच चल रही है, ताकि इस लेन-देन में शामिल सभी लोगों तक पहुंचा जा सके. 10 करोड़ की इस लेन-देन में करीब दो से तीन करोड़ रुपये की जमीन खरीद का रिकॉर्ड मिला है.
अब तक की शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि इसमें किसी दूसरे नेता और व्यवसायी के रुपये समाहित हैं. विभागीय टीम इस मामले में यह पता करने में जुटी हुई है कि किन-किन नेताओं या ठेकेदारों का पैसा इस लेन-देन में शामिल है. जिनके  नाम सामने आयेंगे, उनसे भी पूछताछ हो सकती है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इनके पास से जब्त अवैध कैश और लेन-देन के रिकॉर्ड में मुजफ्फरपुर और वैशाली लोकसभा क्षेत्रों के एक-एक प्रत्याशी का पैसा भी इसमें शामिल है. हालांकि, इस मामले की अब तक कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.
सगे संबंधियों के पास भी मिले लाखों कैश
छापेमारी के दौरान मुसाफिर पासवान के पास से करीब 70 लाख कैश और 1.20 करोड़ का फिक्स डिपॉजिट, बिंदेश्वर पासवान के पास से 75 लाख कैश और साढ़े चार किलो सोने की ज्वेलरी मिली है. पूर्व विधायक के घर से बीरेंद्र कुमार के नाम पर दो करोड़ 81 लाख से ज्यादा की जमीन खरीद के कागजात भी मिले हैं. इसमें अब तक महज 35 लाख रुपये की जमीन खरीद का ही वैध प्रणाम दे पाये हैं. शेष जमीन अवैध रुपये से ही खरीदी गयी है.
इसके अलावा जांच के दौरान उमेश कुमार के नाम से एक बैंक लॉकर भी मिला है, जिसे सील कर दिया गया है. इसे जल्द ही खोला जायेगा. मुसाफिर पासवान के पास से इनोवा क्रिसटा, फॉर्च्यूनर समेत तीन लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं, जिनका उल्लेख उन्होंने अपनी संपत्ति के ब्योरे में कहीं नहीं किया है.
मुसाफिर पासवान व उनके संबंधियों के यहां मिला 1.45 करोड़ कैश व साढ़े चार किलो सोना
 
1.20 करोड़ का फिक्स डिपॉजिट, 2.81 करोड़ से ज्यादा की जमीन खरीदने के कागजात भी मिले
अधिकतर प्लॉट कैश पेमेंट करके खरीदे गये : जांच में यह बात भी सामने आयी है कि मुजफ्फरपुर, पटना व अन्य स्थानों पर दर्जनों प्लॉट खरीदे गये हैं. इनमें सबसे ज्यादा प्लॉट मुजफ्फरपुर बाइपास में खरीदे गये हैं.
अधिकतर प्लॉट कैश पेमेंट करके ही खरीदे गये हैं. अब तक की जांच में कैश पेमेंट करके खरीदे किये गये प्लॉट के अधिकतर मामलों में अवैध पैसे का ही निवेश किया गया है. इसमें इनके ही या अन्य लोगों के पैसे का भी निवेश है, इसकी भी जांच चल रही है.
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