पूरे देश में शराबबंदी कानून लागू करायें नीतीश : शरद

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Patna-June.12,2018-Loktantrik Janata Dal leader Sharad Yadav is addressing a press conference at Hotel Chanakya in Patna.

लोकसभा चुनाव 2019 में सभी विपक्षी पार्टियां एक साथ होगी और बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस पार्टी उसका ध्रुवीकरण करेगी। देश आज कठिन दौर से गुजर रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव के समय भाजपा ने लोगों से जो वादा किया था उसे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। सत्ता में आने से पहले भाजपा ने हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार, किसानों को डेढ़ गुणा दाम , विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने और सभी लोगों के खाते में 15-15 लाख रुपये जमा कराने का वादा किया था। भाजपा ने इस तरह के 42 वादे लोगों से किये थे जिनमें से कोई भी पूरा नहीं हुआ। इसी तरह किसानों के साथ भी किया गया वादा पूरा नहीं किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं वादाखिलाफी के कारण लोगों में काफी आक्रोश है। नीतीश कुमार ने राजग से हाथ मिलाकर प्रदेश के 11 करोड़ लोगों के साथ विासघात करने का काम किया है। प्रदेश के लोगों ने महागठबंधन को पांच वर्षो के लिए जनादेश दिया था। प्रदेश में शराबबंदी होने के बावजूद शराब की बिक्री हो रही है। शराबबंदी कानून के तहत सिर्फ गरीब लोग पकड़े जा रहे हैं और ऐसे 90 प्रतिशित लोग जेल में बंद हैं।अब नीतीश कुमार शराबबंदी कानून में संशोधन करने की बात कह रहे हैं। केन्द्र और बिहार में जब डबल इंजन की सरकार है तो पूरे देश में ही शराबबंदी कानून लागू करा देनी चाहिए ।यह बातें लोकतांत्रिक जनता दल के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव ने पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही। इस अवसर पर पूर्व विधायक शिवजी राय और जदयू श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष रामाशीष चौहान ने अपने-अपने समर्थकों के साथ लोजद में शामिल होने की घोषणा की। शरद यादव ने उन्हें लोकतांत्रिक जदयू में शामिल कराया। उन्होंने कहा कि भाजपा से लोगों की नाराजगी का पता उत्तरप्रदेश के कैराना , गोरखपुर और फूलपुर उप चुनाव के नतीजे से स्पष्ट पता चलता है । इसी तरह बिहार में लोकसभा के एक और विधानसभा की दो सीटों के लिए हुए उप चुनाव में लोगों ने राजग प्रत्याशी को आईना दिखाने का काम किया है। देश के लोग अब किसी तरह के भुलावे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने मोदी को अच्छी तरह से समझ लिया है। देश के लोगों की इच्छा है राजग को सत्ता से हटाना और इसी को लेकर विपक्षी दलों की गोलबंदी हो रही है। विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा यह चुनाव के बाद तय होगा। पहले भी वर्ष 1977 में मोरारजी देसाई , वर्ष 1989 में वीपी सिंह एवं 1996 एच डी देवगौड़ा के नेतृत्व में केन्द्र में सरकार बनी थी और उस समय भी प्रधानमंत्री कौन बनेगा यह तय नहीं था। मोदी सरकार ने अपने चार वर्ष के कार्यकाल में सिर्फ लोगों को सपना दिखाने का काम किया है। सरकार सभी मोर्चे पर विफल साबित हुयी है। पेट्रोल डीजल के दाम प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, जिसके कारण मंहगाई बढ़ती जा रही है।

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