पुलिस के हत्थे चढ़ा हार्डकोर माओवादी अनिल टाइगर

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Patna-June.12,2018-Senior Superintendent of Police (SSP) Manu Maharaj is showing arrested hardcore naxal Anil Tiger with arms & bullets during a press conference at his chamber in Patna.

मसौढ़ी एवं धनरूआ थाना के पुलिस के लिए पिछले कई वर्षों से सिर दर्द बना नक्सली अनिल टाइगर आखिर कार पुलिस गिरफ्त में आ ही गया। पुलिस ने अनिल टाइगर को नाटकीय ढंग से एक देशी पिस्तौल एवं चार जिंदा कारतूस के साथ धनरूआ थाना के सोनवाई स्थित एक पुलिया के पास से उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए अपने कुछ गुगरें के साथ साजिश कर रहा था। करीब 14 वर्षों से फरार चल रहे हार्डकोर माओवादी अनिल टाइगर पर मसौढ़ी एवं धनरूआ थाने में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने अनिल टाइगर की गिरफ्तारी के बाद राहत की सांस ली है। इस सम्बंध में पुलिस अनिल टाइगर से गहन पूछताछ करने के बाद उसके निशान देही पर उसके गुगरें की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी अभियान चलाया मगर पुलिस को सफलता नहीं मिल पायी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पिछले कई दिनों से गिरफ्तार अनिल टाइगर इलाके में लेवी के लिए धमकियां दे रहा था इसी कड़ी में दो दिन पूर्व धनरूआ थाना क्षेत्र के रामपुर लवाईच वियर बराज के पास चल रहे भवन निर्माण कार्य में लगी मदर इंडिया कंस्ट्रक्शन कम्पनी के ठेकेदार से लागत राशि के पांच प्रतिशत लेवी की मांग माओवादी मगध जोन के पैड पर परचा साट कर मांगा था। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में बेचैनी आ गई और पुलिस ने गुप्त ढंग से एक योजना बना कर अनिल टाइगर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी प्रारंभ की और सोनवई गांव के पास एक पुलिया के समीप से अनिल टाइगर को अपराध की साजिश करते धर दवोचा। गिरफ्तार माओवादी नेता अनिल टाइगर पर नक्सली कांड, रंगदारी, हत्या आदि करीब आधा दर्जन मामले धनरूआ थाना में दर्ज हैं। साथ ही साथ अन्य थानों में भी कई मामले दर्ज हैं। अनिल टाईगर धनरूआ थाना के हुलासचक वीर गांव का रहने वाला है जो मसौढ़ी उपकारा में 1998 से 2004 तक बंद था। जेल में रहने के दौरान ही वर्ष 2000 में करीब 50 चक्र कारतूस की चोरी कर ली थी। जेल से छूटने के बाद एक बार फिर अनिल टाइगर विभिन्न जगहों पर रंगदारी को लेकर धौंस धमकी देने लगा। इसी कड़ी में सोनवई गांव के पास रामपुर लवाईच गाँव के पास बन रहे वियर बराज के भवन के ठेकेदार से परचा के माध्यम से रंगदारी की मांग की। इस छापेमारी अभियान में धनरूआ थानाध्यक्ष अजय कुमार, मसौढ़ी थानाध्यक्ष शम्भू यादव, धनरूआ दारोगा नीरज कुमार सहित कई लोग शामिल थे। इस छापेमारी का नेतृत्व पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक मनु महाराज के निर्देश पर मसौढ़ी डीएसपी सोनू कुमार राय कर रहे थे। अनिल टाइगर के गिरफ्तारी के बाद मसौढ़ी एवं धनरूआ थाना की पुलिस ने राहत की सांस ली है।

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