पद्मावती के विरोधी बने शत्रुघ्न सिन्हा, PM मोदी-स्मृति ईरानी और भंसाली पर बोला हमला

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पटना : अभी हाल में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा के सुपौल के छातापुर से विधायक रंजीत कुमार सिंह ने फिल्म पद्मावती पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र सौंपा. मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को यह आदेश दे दिया कि जब तक निर्माताओं की ओर से स्पष्टीकरण नहीं मिलता और फिल्म पर विवाद खत्म नहीं हो जाता, यह फिल्म बिहार में नहीं चलनी चाहिए. इसी क्रम में भाजपा के सांसद और सिने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने भी फिल्म का विरोध किया है. बिहारी बाबू फिल्मी दुनिया से जुड़े ऐसे लोगों में से हैं, जो फिल्म पद्मावती का विरोध कर रहे हैं. इस फिल्म के लिए वह राजपूत समाज और करणी सेना के समर्थन में हैं. शत्रुघ्न सिन्हा के इस समर्थन को देखते हुए करणी सेना की बिहार इकाई ने उन्हें पद्मावती की तस्वीर देकर सम्मानित किया है.

फिल्म पर विवाद शुरू होने के बाद कई कलाकार इसके समर्थन में आये. यहां तक मुंबई में शबाना आजमी के नेतृत्व फिल्म की कलाकार दीपिका पादुकोण को मिली धमकी के विरोध में एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया. वहीं, दूसरी ओर मंगलवार को पटना में करणी सेना के लोगों ने शत्रुघ्न सिन्हा को फिल्म के लिए सम्मानित किया. शत्रुघ्न सिन्हा का मानना है कि संजय लीला भंसाली को इस पूरे विवाद को शांत करने के लिए अपनी फिल्म को राजपूत समाज के लोगों को दिखानी चाहिए. सम्मान समारोह के दौरान सिन्हा ने एक बार फिर कहा कि पद्मावती विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सूचना एवं जन संचार मंत्री स्मृति ईरानी को भी इस पूरे मुद्दे में अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए.

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बिहारी बाबू ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री और स्मृति ईरानी के अलावा संजय लीला भंसाली को भी सामने आना चाहिए और राजपूत समाज ने पद्मावती फिल्म को लेकर जो आपत्ति जताई है उस पर अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए. शत्रुघ्न सिन्हा ने इस बात को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की है कि संजय लीला भंसाली ने पद्मावती फिल्म सेंसर बोर्ड को ना दिखाकर कुछ चुनिंदा पत्रकारों को पहले यह फिल्म दिखला दी. हाल के दिनों में शत्रुघ्न सिन्हा करणी सेना के समर्थन में आकर लगातार बयान दे रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब भंसाली ने इस फिल्म के निर्माण के वक्त करणी सेना के लोगों से फिल्म बन जाने के बाद दिखाने का वादा किया था, तो उन्हें यह फिल्म करणी सेना से जुड़े लोगों को दिखानी चाहिए थी. बिहारी बाबू के इस समर्थन से उत्साहित राजपूत समाज के लोगों ने उन्हें पटना में सम्मान दिया है.

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