पटना में ‘जल प्रलय’: 48 घंटे में घटा महज छह से आठ इंच पानी, तबाही बरकरार

0
37
राजधानी पटना के नगर निगम क्षेत्र में पिछले 48 घंटों (दो दिनों) से बारिश थमी है. लेकिन राजेंद्र नगर, कदमकुआं, पूर्वी-पश्चिमी लोहानीपुर, कंकड़बाग के ऑटो स्टैंड, अशोक नगर, रामलखन पथ, मलाही पकड़ी, हनुमान नगर, भूतनाथ रोड, बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी, बाजार समिति रोड, नंद नगर कॉलोनी, संदलपुर, पंचवटी नगर सहित सैकड़ों इलाकों में अब भी सिर्फ छह से आठ इंच ही पानी घटा है.
निगम प्रशासन की सारी व्यवस्था ध्वस्त होने से इन मुहल्लों में मंगलवार की शाम तक बाढ़ जैसे हालात बने हैं. तबाही बरकरार है. मुहल्लों में रहने वाले लोग भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी समान को लेकर तरस रहे हैं. इससे लोग पलायन को मजबूर हैं.
कंकड़बाग के शालीमार स्वीट्स से ऑटो स्टैंड जाने वाली रोड हो या फिर ऑटो स्टैंड से मलाही पकड़ी जाने वाली सड़क, जय प्रभा हॉस्पिटल रोड, डॉक्टर्स कॉलोनी से मलाही पकड़ी जाने वाली सड़क, केंद्रीय विद्यालय की ओर जाने वाली सड़क आदि सड़कों पर जलजमाव की समस्या बनी थी. लेकिन, इन सड़कों से मामूली पानी घटा है.
अशोक नगर, रामलखन पथ, डिफेंस कॉलोनी, डॉक्टर्स कॉलोनी, हनुमान नगर, हाउसिंग कॉलोनी, योगीपुर आदि इलाके में तीन से पांच फुट तक पानी जमा है. बारिश व नाले के पानी एक होने से अब बदबू आने लगा है. पानी की बदबू व मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग अपने स्तर से कमर भर पानी से निकल कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं.
नीतीश उतरे सड़कों पर, लिया जायजा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार देर शाम को पटना में जल-जमाव वाले क्षेत्रों का दौरा किया. राहत कार्यों का जायजा लिया. सबसे पहले श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचे, जहां लोगों के लिए पैक किये जा रहे फूड पैकेट को स्वयं देखकर उसकी गुड़वत्ता की पड़ताल की. सभी सामानों की क्वालिटी परखने और पैकिंग की जांच के बाद वह जल जमाव से प्रभावित इलाके सैदपुर का भ्रमण करने पहुंचे. यहां आम लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी. संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश दिये.
बाढ़ से निबटने को लेकर जल्द जायेगी एक और केंद्रीय टीम
नयी दिल्ली : बिहार में आयी बाढ़ को लेकर केंद्र सरकार सजग है. मंगलवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें बिहार में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की गयी.
इसमें बाढ़ की मौजूदा स्थिति और इससे निबटने की तैयारियों तथा राहत और बचाव कार्यों चलाने को लेकर विस्तृत विचार किया गया. राज्य सरकार द्वारा मांगी गयी मदद को तत्काल मुहैया कराने का आदेश दिया गया. समीक्षा बैठक में गृह, रक्षा, कोयला, जलशक्ति मंत्रालय के अलावा एनडीएमए, एनडीआरएफ, मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. राज्य सरकार के अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये अपनी मांग रखी.
बिहार में बाढ़ से अब तक 42 लोगों की मौत 
आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने बताया कि भारी वर्षा और बाढ़ से अब तक 42 लोगों की जान जा चुकी है. भारी वर्षा और बाढ़ से मरने वालों में भागलपुर में दस, गया में छह, पटना एवं कैमूर में चार-चार, खगड़िया और भोजपुर में तीन-तीन, बेगूसराय, नालंदा और नवादा में दो-दो, पूर्णिया, जमुई, अरवल, बांका, सीतामढ़ी और कटिहार में एक-एक व्यक्ति शामिल हैं.
एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टरों से पटना के जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों के बीच फूड पैकेट सहित अन्य आवश्यक सामग्री गिरायी जा रही है. गत 27 सितंबर से राज्य में अप्रत्याशित वर्षा होने एवं नदियों के जल स्तर में वृद्धि से पटना, भोजपुर, भागलपुर, नवादा, नालंदा, खगड़िया, समस्तीपुर, दरभंगा जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
यह भी पढ़े  17 को पटना होगा मेट्रो का शिलान्यास, बरौनी से पीएम करेंगे शिलान्यास, सीएम भी रहेंगे मौजूद

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here