पटना पहुंचा डॉ. मिश्र का पार्थिव शरीर, विभिन्न दलों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि ,अंतिम संस्कार आज पैतृक गांव पर

0
47

पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र का पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना आने के बाद विधानसभा लाया गया, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुष्प-चक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिये ईर से प्रार्थना की।जगन्नाथ मिश्र को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष हारून रशीद, राज्य सरकार के मंत्रियां, विधायकों, विधान पार्षण सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि दी। बिहार विधानमंडल में पुष्प-चक्र अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री के शास्त्री नगर स्थित आवास जाकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र के शास्त्री नगर स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि जगन्नाथ मिश्र के निधन से हम सब दुखी हैं। वैसे तो यह नियति की बात है कि जो इस धरती पर आया है, उसे आज न कल जाना ही है। वे तो चले गये लेकिन उन्होंने जो काम किया है, बिहार में उनकी जो ऐतिहासिक भूमिका रही है, उसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम समय तक वे बिहार की समस्याओं के बारे में हमेशा सक्रिय रहते थे। वे सरकार में नहीं थे लेकिन जो भी जानकारी उनके पास होती थी, उसके बारे में उनसे र्चचा करते थे। व्यक्तिगत रूप से उनके प्रति मेरे मन में हमेशा सम्मान का भाव रहा है। पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे लेकिन जब भी मुलाकात होती थी तो ऐसा लगता था कि उनमें आत्मविास अभी पूरे तौर पर है। कल अचानक कुछ ही समय में उनकी तबीयत खराब हुई और यह घटना घटी। हम उनकी स्मृति को पण्राम करते हैं और उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मुझे पूरा विास है कि बिहार उनको सदैव याद रखेगा।

शास्त्रीनगर आवास पर रखा गया पार्थिक शरीरपूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र का पार्थिव शरीर मंगलवार की दोपहर दिल्ली से पटना लाया गया। मौके पर काफी संख्या में कांग्रेस, भाजपा और जदयू के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री के पार्थिव शरीर को पटना एयरपोर्ट से सीधे विधानसभा लाया गया जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। लोगों के अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर शास्त्रीनगर स्थित उनके आवास पर रखा गया। पूर्व मुख्यमंत्री का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव सुपौल जिले के बलुआ गांव में राजकीय सम्मान के साथ बुधवार को किया जायेगा।

यह भी पढ़े  लालू फैमिली की सुरक्षा नीतीश से अधिक:पुलिस मुख्यालय

इससे पहले स्व. मिश्रा का पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पर पहुंचने पर स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा, प्रेम चंद्र मिश्रा, भाजपा सांसद सीपी ठाकुर ने श्रद्धांजलि दी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मिश्र का पार्थिव शव आज अपराह्न फूल से लदे वाहन में सदाकत आश्रम लाया गया। मीडिया प्रभारी एचके वर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में उपस्थित कांग्रेस नेताओं ने आश्रुपूर्ण नेत्र से उनके पार्थिव शरीर पर माल्यापर्ण किया एवं ‘‘जब तक सूरज चांद रहेगा डॉ. जगन्नाथ मिश्र तेरा नाम रहेगा, डॉ. जगन्नाथ मिश्र, अमर रहे के नारे लगाये। माल्यार्पण करने वालों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री तारिक अनवर, कौकब कादरी, विजय शंकर दूबे, चंदन बागची, डॉ. शकील अहमद खान, प्रेमचन्द्र मिश्रा, आदि शामिल थे।

पैतृक गांव बलुआ में उदासी
पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के निधन से उनके पैतृक गांव बलुआ में सन्नाटा पसर गया है। हालांकि, उनके पैतृक आवास पर फिलहाल परिजन नहीं हैं। इसके बावजूद उनके भतीजे और पड़ोस के लोग आवास पर पहुंच कर आनेवाले लोगों से मिल रहे हैं। डॉ. मिश्रा के निधन की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग मायूस हैं। आवास पर पहुंचे लोगों का कहना है कि ये क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती। गांव के लोग उनके किये कायरे की र्चचा कर उन्हें याद कर रहे हैं। अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ की वजह से डॉ. मिश्रा तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। पहली बार उन्होंने मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी वर्ष 1975 में संभाली। दूसरी बार वे 1980 में मुख्यमंत्री बने। आखिरी बार वह वर्ष 1989 से 1990 तक मुख्यमंत्री रहे। 90 के दशक में वे केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी रहे। राजनीति में आने से पहले डॉ. मिश्रा ने अपने कॅरियर की शुरुआत लेक्चरर के तौर पर की थी। बाद में उन्होंने बिहार यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। मिथिलांचल के सबसे कद्दावार नेताओं में उनका नाम शुमार किया जाता है।

यह भी पढ़े  बारिश ने बिगाड़ी शहर की सूरत

मालूम हो कि सोमवार को लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली थी। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को सुपौल के बलुआ में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।पाटलिपुत्र विविद्यालय के कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल ने डॉ जगन्नाथ मिश्र के असामयिक निधन को देश के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मिश्र के साहसिक फैसले को आज भी याद किया जाता है। विविद्यालय परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया और ईर से प्रार्थना की कि शोक की इस घड़ी में प्रभु उनके परिवार को धैर्य एवं शांति प्रदान करें। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सह विधान परिषद सदस्य डॉ. संतोष कुमार सुमन ने डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पटना आवास पर जाकर उनके पार्थिक शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। हम पार्टी नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की। संतोष मांझी ने कहा कि कोसी क्षेत्र से आते हुए भी उन्होंने पूरे बिहार के विकास के लिए बहुत से जन कल्याणकारी कार्य किए।

बिहार और केंद्र की संसदीय राजनीति में दशकों तक प्रभावाली हस्तक्षेप करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र का पार्थिव शरीर आज विशेष विमान से पटना हवाई अड्डा पर पहुंचने पर भाजपा नेता और कार्यकर्ता अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नेताओं ने नम आंखों से डा. मिश्र के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उपस्थित नेताओं ने डॉ. मिश्र के पुत्र और बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीतीश मिश्रा को ढांढस बंधाया। हवाई अड्डा प्ररिसर में उपस्थित भाजपा नेताओं के बीच र्चचा का मुख्य विषय यही रहा कि डॉ. मिश्र की बेवाकीत्त् उनकी विद्वता, व्यव्हार, कुशलता, प्रशासनिक क्षमता उन्हें जनमानस सदैव जिन्दा रखेगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि हाल के दिनों में जब केंद्र को नरेन्द्र मोदी सरकार ने आर्थिक सुधार के फैसले हो या फिर 370 जैसा साहसिक कदम डॉ. मिश्र ने हमशा उसका समर्थन किया था। बाद में जब उन्होंने सक्रिय राजनीति से सन्यास ले लिया तब भी श्री मोदी जी के निर्णयों पर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देते रहे और जीवन पर्यत बौद्धिक तौर पर सक्रिय रहे।

यह भी पढ़े  मोदी ने ट्रंप को दिया उसी की भाषा में जवाब, 30 प्रॉडक्ट्स पर लगाया 100% तक टैक्स

पूर्व मुख्यमंत्री के निधन को बिहार की राजनीति के एक अध्याय का अंत बताते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र सिंह, राधामोहन शर्मा, सुशील चौधरी, प्रमोद चन्द्रवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कुमार, मिथिलेश तिवारी, श्यामा सिंह, सम्राट चौधरी तथा राजेन्द्र गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन, निखिल आनंद, प्रदेश मंत्री ऋतुराज सिन्हा, कोशी पूर्णिया के संगठन मंत्री अभय गिरी , अर्चना राय भट आदि ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित की। शोक-संवेदना प्रकट करते हुए भाजपा प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि डा. जगन्नाथ मिश्र उन गिने चुने राजनेताओं में शुमार हैं, जिनकी आजादी के बाद बिहार को आगे बढ़ाने में काफी अहम भूमिका रही है। राजनीति में कई उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद डॉ. मिश्र समाज के वंचित और हाशिए पर खड़े लोगों के साथ हमेशा ही मजबूती से खड़े रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here