पटना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 100 करोड़ मंजूर

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राज्य मंत्रि परिषद ने मंगलवार को पटना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 33 एजेंडों पर मुहर लगायी गयी।बैठक में राज्य के स्कूलों में प्रयोगशाला के लिए 220 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी। इसके लिए राज्य के 2000 उच्च माध्यमिक एवं 4000 माध्यमिक विद्यालयों को प्रयोगशाला के लिए दस-दस लाख रुपये देने का निर्णय लिया गया है। 2400 उच्च माध्यमिक विद्यालयों के उपस्करों की खरीद के लिए 120 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी। राज्य मंत्रि परिषद ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए 791 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है। बैठक में दस साल पहले भंग किये गये बोर्ड या निगमों के कर्मचारियों को समायोजित करने का भी फैसला लिया गया। इसके अलावा ओड़िशा के पुरी बिहार भवन बनाने की स्वीकृति दी गयी। इसी तरह सरकार ने बांका के बौंसी में लगने वाले मेले, औरंगाबाद के देव छठ मेला, मधेपुरा में बाबा विशु रावत मेला तथा नालंदा में लगने वाले आंगरी धाम मेले को राजकीय दर्जा देने का निर्णय लिया गया। मंत्रि परिषद ने एक बार पुन: मुख्य सचिव के ओएसडी सतीश ठाकुर को 31 मार्च 2019 तक के लिए एक साल का सेवा विस्तार दिया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने दिव्यांगों के लिए नया निदेशालय बनाने की मंजूरी दी है। इसके लिए 24 पद सृजित किये जायेंगे। इसमें एक निदेशक, दो सहायक निदेशक (मुख्यालय में) तथा हर जिले में एक-एक सहायक निदेशक होगा। बिहटा में आईटी पार्क की 25 एकड़ जमीन के लिए 53 करोड़ 31 लाख की स्वीकृति दी गयी। इसके अलावा बिहार पुलिस आशु नियमावली 2018 को तथा आईजीआईएमएस के लिए 214 पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गयी।

मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में पूरक पोषाहार मद में केंद्रांश की राशि की प्रत्याशा में 401 करोड़, 23 लाख रुपये की निकासी की मंजूरी प्रदान की है।
आइजीआइएम में 214 नए पदों का सृजन
राजधानी के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, शेखपुरा के विभिन्न विभागों हेतु विभिन्न स्तर के 214 अतिरिक्त पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद ने अपनी मंजूरी दे दी है।
चार मेलों को मिला राजकीय दर्जा
मंत्रिपरिषद ने बांका के बौंसी, औरंगाबाद के देव, मधेपुरा के विशुराउत धाम, नालंदा के एकंगरसराय अंतर्गत औंगारी धाम और नालंदा के ही बडग़ांव छठ मेले को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा पेश किए गए राजकीय दर्जा देने के प्रस्ताव को भी अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।
स्कूलों में प्रयोगशाला के लिए 220 करोड़
वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य के दो हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं चार हजार माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरणों की खरीद के लिए मंत्रिपरिषद ने 220 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए एक सौ करोड़ तथा माध्यमिक विद्यालयों के लिए 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
स्कूलों में कंप्यूटर के लिए 65.68 करोड़
वित्तीय वर्ष 2017-18 में केंद्र प्रायोजित योजना आइसीटी ऐट स्कूल कार्यक्रम के लिए भी मंत्रिपरिषद ने 65 करोड़, 68 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की है। इस राशि से सरकारी स्कूलों के लिए कंप्यूटर व अन्य संसाधनों की खरीद की जाएगी।

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