पटना के दीघा घाट पर पंचतत्व में विलीन हुए दिवंगत नेता एलपी शाही ,मुख्यमंत्री समेत कई वरीष्ठ नेताओं ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की

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पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता ललितेश्वर प्रसाद शाही का अंतिम संस्कार आज दीघा घाट पर होना है. शाही का पार्थिव शरीर शनिवार को दिल्ली से पटना लाया गया था. जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को राजधानी के बोरिंग रोड स्थित उनके आवास पर रखा गया था. रविवार की सुबह उनके पार्थिव शरीर को विधानसभा भी ले जाया गया. जहां पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, श्याम रजक समेत कई नेताओं ने शही के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की. इससे पहले उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी आवास पर जाकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया.
इससे पहले बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य की कई राजनीतिक हस्तियों ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री ललितेश्वर प्रसाद शाही के निधन पर शोक व्यक्त किया. अपने संदेश में मलिक ने ही को एक देशभक्त करार दिया जिन्होंने स्वतंत्रता संघर्ष में हिस्सा लिया था और जिनका जीवन शुचिता एवं निष्ठा से परिपूर्ण था. मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि जानेमाने समाजसेवी एवं राजनीतिक कार्यकर्ता शाही का निधन बिहार के लिए अपूरणीय क्षति है.

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वहीं राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं एनसीपी के महासचिव तारिक अनवर और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी शाही के निधन पर शोक व्यक्त किया. कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद सहित कई अन्य ने शाही के निधन पर शोक व्यक्त किया.

गौरतलब हो कि कांग्रेस के कद्दावर नेता एलपी शाही का शनिवार को दिल्ली एम्स में हो गया था. उनका निधन 98 वर्ष की आयु में हुआ. एलपी शाही को तबीयत बिगड़ने पर सात जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. शाही राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में शाही ने शिक्षा एवं संस्कृति राज्य मंत्री के तौर पर अपनी सेवाएं दी थी. शाही की पुत्रवधु वीणा शाही बिहार की राबड़ी देवी सरकार (2000-2005) में मंत्री थीं. अपने पति और वैशाली से विधायक रहे हेमंत शाही की हत्या के बाद वीणा ने राजनीति में कदम रखा था. वीणा शाही पत्नी बिहार के सहकारी मंत्री थी.

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