पटना की मेयर जलजमाव के मुद्दे पर संवाददाता सम्मेलन में हो गयीं पानी पानी

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पटना शहर में जल जमाव को लेकर प्रभावित इलाकों में सभी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गुस्‍सा है फिर चाहे वो मंत्री हों, विधायक या मेयर. इसका अंदाज़ा इन सबों को है लेकिन अब अपनी गलतियों को स्वीकार करने की बजाय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सारा ठीकरा फ़ोड़ने की एक रणनीति के तहत ये लोग बारी-बारी से संवादाता सम्मेलन कर रहे हैं. लेकिन पटना कि मेयर सीता साहू का ये दांव शुक्रवार को तब उल्टा पड़ गया जब वो संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों के अधिकांश सवालों का जवाब नहीं दे पाईं. इस संवाददाता सम्मेलन का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें पत्रकार जब उनसे पूछ रहे हैं कि आख़िर पटना में कितने सम्प हाउस काम कर रहे थे तो उन्होंने कहा 49 उसके बाद नाला कि उड़ायी पर कितना ख़र्च हुआ तो उसका जवाब उनके पास नहीं था.

पटना की मेयर सीता साहू को तो ये तक पता नहीं कि पटना में जल निकासी के लिए कितने संप हाउस हैं? पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पटना में 49 संप हाउस काम कर रहे हैं, जबकि सच्चाई ये है कि पटना में कुल 39 संप हाउस ही हैं। ये आंकड़ा जब उनके साथ बैठे पार्षदों ने दिया तो वह सकफका गईं। उसके बाद मेयर यह भी नहीं बता पाईं कि अभी जलनिकासी के लिए कितने संप हाउस चल रहे हैं?

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एक तरफ राजधानीवासियों ने भीषण जलजमाव के संकट से जूझते हुए आठ दिन गुजार लिए उसके बाद मेयर साहिबा की नींद टूटी और वे मीडिया के सामने आईं। इसके बाद उन्होंने राजधानी में भीषण जलजमाव का ठीकरा सरकार पर फोड़ दिया। उन्होंने साफ कहा कि राजधानी में जिस प्रकार का जलजमाव हुआ है, उसकी जिम्मेदारी बुडको की है। नगर निगम इस मामले में किसी प्रकार से जिम्मेदार नहीं है।

इतना ही नहीं, प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उनसे जब पूछा गया कि इस भीषण जलजमाव के लिए वह जिम्मेदारी लेंगी, तो उन्होंने कहा कि हमलोग कैसे जिम्मेदार हो गए? संप हाउस के परिचालन की जिम्मेदारी बुडको की है। संप हाउसों का पंप नहीं चला, इस कारण राजधानी का पानी नहीं निकल पाया। उनकी गलती है तो हम इसकी जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा क्यों दें?

मेयर से जब अगला सवाल किया गया कि आप आठ दिनों बाद दिख रही हैं। इस पर उन्होंने कहा कि हम फील्ड में थे। लोगों की स्थिति की जानकारी ले रहे थे। जलजमाव वाले क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे थे।

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मेयर ने कहा कि हमने नाला की सफाई कराई थी। संप हाउस के काम नहीं करने के कारण लोगों को परेशानी हुई। हालांकि, प्रेस कांफ्रेंस में मेयर नाला उड़ाही का बजट नहीं बता पाईं। मेयर ने सीधे तौर पर इस जलजमाव व राजधानीवासियों को हुई भारी परेशानी के लिए सरकार पर ठीकरा फोड़ दिया। नगर निगम को क्लीन चिट दे दी।

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