पटना एयरपोर्ट पर टला हादसा, टेक ऑफ के दौरान एयर इंडिया के प्लेन से टकराया पक्षी

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बिहार के पटना एयरपोर्ट पर गुरुवार को बड़ा हादसा टल गया. पटना से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI 410 से पक्षी टकरा गया. पायलट ने अपनी कुशलता से विमान को रनवे पर सही सलामत उतार लिया. जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया.

बता दें, हाल के दिनों में पटना एयरपोर्ट पर बर्डहीट की ये दूसरी घटना है. इससे पहले 16 जून को पटना एयरपोर्ट पर दो-दो बर्डहीट की घटना हो चुकी हैं. जानकारी के मुताबिक, जो विमान हादसे का शिकार होने से बचा है, उसमें 124 यात्री सवार थे. सभी यात्री फिलहाल सुरक्षित हैं.

16 जून की घटना में स्पाइस जेट की मुंबई से आनेवाली फ्लाइट लैंडिंग के दौरान पक्षी से टकरा गई थी. वहीं उसी दिन शाम को इंडिगो की फ्लाइट 6E508 के साथ भी ऐसा ही हादसा हुआ था. दिल्ली से आने वाली यह फ्लाइट भी एक पक्षी से टकरा गई थी. आज हुए हादसे ने एक बार फिर से पटना एयरपोर्ट के दावों और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

लैंडिंग से पहले कुछ देर तक होल्ड पर रहा विमान 
विमान के कैप्टन ने एटीसी को मामले की जानकारी  देते हुए वापस लैंडिंग की अनुमति मांगी. आनन फानन में एटीसी ने फायर ब्रिगेड को सतर्क किया. इस दौरान पांच मिनट तक विमान को आकाश में चक्कर भी लगाना पड़ा. एटीसी लगातार विमान के साथ संपर्क में बनी हुई थी  और उसने पायलट से प्रायोरिटी लैंडिंग के बारे में भी पूछा. दोपहर 2 बजे में विमान पटना एयरपोर्ट पर वापस उतरा और  उसके यात्रियों को बाहर निकाला गया.
अटक गयीं यात्रियों की सांसें 
विमान यात्रियों को जब आपात लैंडिंग की सूचना मिली तो वे घबड़ा गये. कई यात्रियों ने बताया कि जब उनको विमान में तकनीकी खराबी आने और उसके कारण वापस पटना लौटने की जानकारी मिली तो पहले तो उनकी सांस अटक गयी. बाद में क्रू मेंबर ने उन्हें ढांढ़स बंधाया. लेकिन पटना एयरपोर्ट पर उतरने के बाद ही उन्हें पूरा चैन आया.
फ्लाइट कैंसिल, छूटे कई यात्रियों के कनेक्टिंग फ्लाइट 
पटना एयरपोर्ट पर वापस उतरने के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI410 को कैंसिल कर दिया गया. पटना से दिल्ली जाने वाली अन्य फ्लाइट भरी हुई थी. लिहाजा अधिकतर यात्रियों को शुक्रवार या बाद के दो-तीन दिनों में रिशिडयूल किया गया. इसके कारण कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट भी छूट गयी. कुछ यात्रियों ने दो-तीन दिन बाद टिकट रिशिडयूल करवाने के बजाय टिकट की कीमत ही वापस ले ली.
खतरे में पड़ी लोगों की जान   
पटना एयरपोर्ट पर पिछले 13 दिनों के भीतर यह तीसरी बर्ड हिट की घटना है. पहली  दो घटनाएं विगत 16 जून को हुई थीं, जब स्पाइस जेट और इंडिगो एयरलाइंस के विमान पटना एयरपोर्ट पर उतरते समय बर्ड हिट के शिकार हुए थे. उन दोनों  फ्लाइट में  कुल 365 यात्री सवार थे और पिछले एक पखवाड़े में  बर्ड हिट के  कारण अब तक कुल 495 लोगों का जीवन खतरे में पड़ चुका  है.
24 घंटे लगेगा मरम्मत में, देर से उड़े विमान 
क्षतिग्रस्त विमान को दुरुस्त करने और उसकी तकनीकी खराबी दूर होने में कम से कम 24 घंटे का समय लगेगा. इसके पार्ट-पुर्जे  गुरुवार की रात मंगवाये गये और देर रात मरम्मत का काम शुरू हुआ. शुक्रवार दोपहर से पहले यह ठीक नहीं हो पायेगा और शाम से पहले इसके दिल्ली वापस जाने की संभावना नहीं है. गुुरुवार को  एक पार्किंग बे व्यस्त रहने के कारण एक दर्जन  विमानों का परिचालन आधे से एक घंटे तक देर से हुआ. शुक्रवार को भी एयर इंडिया के विमान के वापस जाने तक पटना एयरपोर्ट पर विमानों का परिचालन बाधित रहने की आशंका है.
विमान के ढांचे में छेद करता अंदर तक घुस जाता पक्षी 
एयरबस 320 और बोईंग 737 जैसे मंझोले विमानों का वजन फ्यूल सहित 70 से 75 टन होता है जबकि पक्षी का वजन केवल दाेे से पांच किलो के बीच  होता है. इसके बावजूद  तेज गति से उड़ने के कारण उसका संवेग  बहुत बढ़ जाता है. ऐसे में टकराव से इतनी ऊर्जा पैदा होती है कि पक्षी का शरीर बंदूक के गोली की तरह  विमान के ढांचे में छेद करता हूुआ उसके अंदर तक घुस  जाता है. विमान के अलग-अलग भागों से पक्षी के टकराने पर उसका अलग-अलग असर होता है. इंजन से टकराने पर वह बंद हो जाती है जबकि कॉकपिट से टकराने पर उसका कांच टूट जाता है. विमान के अग्रभाग(थूथने) से टकराने पर उसका संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है. ऐसे में बर्ड हिट बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकती है.
पक्षी भगाने के कई प्रबंध पर नहीं दिख रहा असर 
पटना एयरपोर्ट पर रनवे के आसपास पक्षियों की विशेष रूप से निगरानी की जाती है और उसे भगाने के भी कई प्रबंध किये गये हैं. इनमें बर्ड स्केरर, विशेष प्रकार के गन  और पटाखों का इस्तेमाल शामिल हैं. इसके लिए विशेष रूप से टेंडर जारी किये जाते हैं और हर महीने कई लाख रुपये खर्च किये जाते हैं. फिर भी एक पखवाड़े में तीन तीन बर्ड हिट हो गये. विमान में आयी तकनीकी खराबी की जानकारी क्रू टीम को लगभग एक हजार फीट की ऊंचाई पर हुई, जब विमान के ऊपर चढ़ने की गति बहुत धीमी हो गयी थी. रफ्तार में अप्रत्याशित कमी से पायलट समझ चुका था  कि  सब कुछ सामान्य नहीं है. आशंका थी कि कोई  छोटा या बड़ा पक्षी विमान के एक इंजन से टकरा गया है. इससे उसका एक इंजन सीज कर चुका है और बचे एक इंजन से ही विमान चल रहा है. अब पायलट ने विमान में सवार 130 लोगों के जान को खतरे में डालने के बजाय उसे वापस पटना एयरपोर्ट की ओर ले जाने का निर्णय  किया, हालांकि तब तक विमान तीन हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया था.
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