पंखे से लटका इंजीनियरिंग छात्र

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फुलवारीशरीफ- फुलवारीशरीफ में कम्प्यूटर इंजीनियरिंग के 21 वर्षीय छात्र ने अपने ही मफलर से फांसी लगा पंखे के हुक से लटककर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। मृतक छात्र मां-पिता का इकलौता बेटा था। मृतक 23 दिसंबर को छुट्टी में घर आया था। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया और आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गयी । सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया। पुलिस ने यूडी केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है और मृतक का मोबाइल जब्त कर लिया है। किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना शुक्रवार को फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के सहबाजपुरा गांव में हुई। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सहबाजपुरा निवासी एलआईसी एजेंट विद्या प्रसाद का इकलौता पुत्र विजय चंद्र कम्प्यूटर इंजीनियरिंग का अतिम वर्ष का छात्र था। 23 दिसम्बर को छुट्टी में वह घर आया था। गुरुवार को उसने मां और पिता के लिए गर्म पायजामा और वाशिंग मशीन लेकर आया था और रात में 9:30 बजे खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया। शुक्रवार को आठ-नौ बजे के बीच परिवारवालों ने विजय चंद्र को जगाने के लिए कमरे का दरवाजा नॉक किया तो नहीं खुला। परिवार वालों को लगा कि कोई बात जरूर हुयी है। दरवाजा को तोड़कर अन्दर घुसे तो देखा कि अपने मफलर से ही फांसी लगा कर विजय पंखे के हुक में मृत लटका हुआ है। परिवार वालों ने शव को नीचे उतारा। घटना के बाद घर में चीत्कार मच गयी।

मृतक के पिता विद्या प्रसाद ने बताया कि विजय चंद्र कम्प्यूटर इंजीनियरिंग का अंतिम वर्ष का छात्र था। पिता का विद्या विकास निकेतन स्कूल भी चलता है। स्कूल की पूरी देखभाल विजय चंद्र ही करता था। बंगलुरू में रहकर भी स्कूल का संचालन किया करता था। पिता ने बताया कि गुरुवार की रात दस से ग्यारह बजे उसके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन कई बार आया मगर बात नहीं हो पायी और उसने जब रिटर्न कॉल किया तब भी बात नहीं हुई। उस अज्ञात नंबर को पुलिस को जांच के लिए दे दिया। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम केलिए पीएमसीएच भेज दिया है। थानेदार अजीत कुमार ने बताया कि यूडी केस दर्ज कर लिया गया है। मृतक के मोबाइल का कॉल डिटेल निकाल कर जांच होगी। प्रेम-प्रसंग समेत अन्य विन्दुओं पर जांच होगी। 

छात्र विजय चंद्र ने अपने दोस्तों के साथ गत 26 दिसम्बर को घर में ही बर्थ डे पार्टी मनायी थी। इस पार्टी में विजय के दो-तीन दोस्त भी आये थे। घर का इकलौता बेटा होने के चलते घर वालों ने बहुत ही मान-सम्मान से उसे पाला-पोसा था। उसकी एक ही बहन है जिसकी शादी हो चुकी थी। घटना के बाद मां सुनीता देवी कभी मृत बेटे के मुंह चूम कर कह रही थी कि बेटा उठ, नाश्ता कर ले। देर हो गयी। आसपास के लोगों ने मां को समझा-बुझा कर मृत बेटे के शव से अलग किया। मसौढ़ी गांव के इसरचक के मूल निवासी पिता ने रोते-रोते कहा कि विजय गांव की पैतृक जमीन पर एक सीबीएसई स्कूल खोलने का प्लान बना रहा था। स्कूल खोलने का अरमान लिये वह दुनिया से चला गया। 

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