न्याय के साथ विकास जारी रहेगा :मुख्यमंत्री

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बक्सर – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को समीक्षा यात्र पर बक्सर जिले पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि अगर कहीं विकास को लेकर कोई असंतोष का भाव है तो उसकी जांच कराई जाएगी। हम लोगों की असंतुष्टि का कारण जानेंगे। समग्र विकास के साथ सामाजिक सुधार उनका मिशन है। लोग संकल्प लें कि जिस शादी में दहेज का लेनदेन हो उसमें नहीं जाएंगे।  समीक्षा यात्रा के क्रम में बक्सर पहुंचे श्री कुमार ने यहां आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नंदन गांव की घटना की जांच होगी, तब असली कारण का पता चलेगा। हम विकास का काम करते हैं तो उकसावे और बहकावे की राजनीति में जुटे कुछ लोगों को परेशानी होती है, जिसकी मुझे कोई परवाह नहीं है। बिहार की जनता ने सेवा करने का मौका दिया है और हम न्याय के साथ विकास का काम करते हैं। हमारा रिश्ता लोगों की सेवा करने से है, उनके वोट से नहीं। मुख्यमंत्री ने सात निश्चय योजना की र्चचा करते हुए कहा कि हर पंचायत में सात निश्चय के तहत निर्धारित विकास के काम होने हैं, जिसे 4 साल में हर हाल में पूरा करना है। कुछ लोगों के अंदर जो गलतफहमी है, वह अपने आप दूर हो जाएगी और किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का संवैधानिक अधिकार सबको है और इस तरह की हरकतों से अपनी बात को बुनियादी चीजों से भटकने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हर घर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना चाहती है, जिसको निश्चय का नाम दिया गया है। शिक्षा, स्वास्य, बुनियादी सुविधाएं, पुल-पुलिया, सड़क निर्माण जैसे हर क्षेत्र में विकास का काम तेजी से हो रहा है। श्री कुमार ने कहा कि बिहार पहला राज्य है, जहां प्राथमिक शिक्षक नियोजन, पंचायती राज और नगर निकाय के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। लड़कियों के लिए पोशाक योजना और साइकिल योजना की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि अब तक बिहार में आठ लाख स्वयं सहायता समूह का गठन हो चुका है और सरकार का लक्ष्य इसे दस लाख करने का है। जब महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, तभी वास्तव में महिला सशक्तीकरण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत चार लाख रुपये का ऋण, स्वयं सहायता भत्ता और कुशल युवा कार्यक्रम के जरिए युवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। बेहतर रोजगार की तलाश में जुटे युवाओं को दो साल तक स्वयंसहायता भत्ता के माध्यम से एक हजार रपए मुहैया कराया जा रहा है। कम्प्यूटर प्रशिक्षण, संवाद कौशल और व्यवहार कौशल की ट्रे¨नग भी युवाओं को कुशल युवा कार्यक्रम के जरिए मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, जीएनएम संस्थान, पारा मेडिकल संस्थान, महिला आईटीआई और हर सब डिवीजन में एएनएम स्कूल आईटीआई स्थापित किया जा रहा है ताकि बिहार के युवाओं को पढ़ने के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। श्री कुमार ने कहा कि कृषि रोड मैप बनाकर कृषि के क्षेत्र में काम करने वाले उस हर व्यक्ति को समृद्ध करना चाहते हैं। सरकार का लक्ष्य हर ¨हदुस्तानी की थाली में बिहार का एक व्यंजन पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004-05 में अनाज का प्रोक्योरमेंट नहीं के बराबर होता था। अब पैक्स के माध्यम से विकेंद्रीकृत तरीके से अनाज का प्रोक्योरमेंट हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले 17 प्रतिशत नमी तक वाले धान की ही अधिप्राप्ति होती थी, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर केंद्र सरकार ने 19 प्रतिशत कर दिया है। पहले जहां 50000 मीट्रिक टन ही धान की अधिप्राप्ति हो पाती थी, वह नमी की मात्रा बढ़ाए जाने के बाद इस वर्ष अब तक 230000 मीट्रिक टन से भी ज्यादा धान की अधिप्राप्ति की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांप्रदायिक एकता, सर्वधर्म सम्भाव और समाज में अमन-चैन कायम हुआ है लेकिन कुछ लोग झगड़ा लगाने में लगे हुए हैं। लेकिन वह अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपस में वैमनस्यता पैदा नहीं होने दें, तभी समाज आगे बढ़ेगा। श्री कुमार ने दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ जारी अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा बहुत ही बुरी चीज है और दोनों ही एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। दहेज के भय से लोग कम उम्र में अपनी बेटी की शादी कर देते हैं, जिसके कई दुष्परिणाम हैं। महिलाओं के कम उम्र में गर्भधारण से जो बच्चे पैदा होते हैं वे मंदबुद्धि और बौनेपन के शिकार होते हैं। दहेज के कारण हत्या और महिला उत्पीड़न की घटनाएं होती हैं, जिससे उबरना होगा। उन्होंने कहा कि विकास का काम करना, लोगों की सेवा करना और समाज सुधार की दिशा में काम करना ही सरकार का लक्ष्य है।सभा को राज्य के कला संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह, राधाचरण साह, विधायक ददन यादव उर्फ ददन पहलवान समेत अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।

Buxar: Angry peoples display black cloths protest against Bihar Chief Minister Nitish Kumar Samiksha Yatra in Buxar on Friday January 12,2018
Photo/Aftab Alam Siddiqui

नीतीश कुमार को एक बार फिर बक्सर में आक्रोश झेलना पड़ा। शुक्रवार को विकास समीक्षा यात्रा के दौरान नंदन गांव पहुंचे मुख्यमंत्री के काफिले पर ग्रामीणों ने अचानक धावा बोल दिया। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा ईंट पत्थर से उनके वाहन सहित काफिले में शामिल वाहनों पर जमकर पथराव किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री घायल होने से बाल बाल बच गए। पथराव की इस घटना से गांव में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों के हमले में डुमरांव थानाध्यक्ष सुबोध कुमार समेत कई अधिकारी व जवान जख्मी हो गए। पुलिस कर्मियों को जख्मी होते देख एसपी राकेश कुमार ने खुद कमान संभाली तबतक काफी देर हो चुकी थी। एक एक कर पुलिस वाले घायल हो रहे थे और सीएम का काफिला आगे बढ़ते जा रहा था। बताया तो ये भी जा रहा है कि पथराव में मुख्यमंत्री के काफिले में चल रहे आलाधिकारियों तथा मंत्रियों के वाहन के शीशे भी फुटे है। पथराव शांत होते ही आनन फानन में घायल जवानों का प्राथमिक ईलाज डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल व सीएम के काफिले में शामिल एंबुलेंस में कराया गया। इसके बाद बेहतर ईलाज के लिए सभी को रेफर कर दिया गया। घटना में थानाध्यक्ष के अलावे संतोष कुमार, देवान तिवारी, राणा प्रताप सिंह, जीके मिश्र व तेज नारायण सिंह आदि जवान भी घायल हुए है। वही सूत्रों का कहना है कि कई अन्य पदाधिकारियों को भी चोटे आई है। लेकिन अभी तक इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि घटना स्थल पर वाहनों के फुटे शीशे तथा सड़क पर पड़े इस बताया जाता है कि जैसे ही सीएम का काफिला नंदन गांव के भ्रमण व विकास का सच देख गांव से निकल रहा था। कि मुख्य निकास द्वार से करीब 20 मीटर अंदर अचानक कुछ लोग मुख्यमंत्री का काफिला रूकवाना चाहे। लेकिन जब काफिला नहीं रूका तो ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। प्रशासन व पुलिस की टीम कुछ समझती तथा पथराव कर रहे ग्रामीणों को रोकती तबतक ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव में आधा दर्जन से अधिक वाहनों के शीशे टूट गए थे तथा दर्जनों लोग जख्मी हो गए थे। आक्रोशित लोगों में महिलाएं व लड़कियां भी शामिल थी। डीएम अरबिंद कुमार वर्मा ने ग्रामीणों के हमले में छह पुलिसकर्मियों के घायल होने की पुष्टि की है। 

डुमरांव – विकास समीक्षा यात्रा के दौरान शुक्रवार को नंदन पहुंचे सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने गांव में सात निश्चय के क्रियान्वयन तथा विकास के सच को अपनी आंखों से देखा। इस दौरान मुख्यमंत्री गांव के दक्षिणी छोर पर पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बनाए गए माडल अहरी तथा बतख प्वाइंट की जमकर सराहना किए तथा गांव की सफाई, शौचालय, पेयजल, नली, गली, बिजली आपूत्तर्ि, कुशल युवा कार्यक्रम सहित सात निश्चय की योजनाओं को धरातल पर उतरते देख काफी गदगद दिखे। इसके पूर्व गांव में पहुंचते ही पंचायत के मुखिया राजीव कुमार उर्फ बब्लू पाठक ने उन्हें सामाजिक कुरितियों तथा डुमरांव के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों वाला प्रतीक चिन्ह दे सम्मानित किया। वही दहेज प्रथा व बाल विवाह के विरूद्ध नाटक का मंचन भी किया गया। गांव में चारों तरफ रंगोली बना दहेज प्रथा व बाल विवाह को चुनौती दिया गया था तो एक एक गली व नाली चकाचक दिख रही थी। मुख्यमंत्री ग्रामीणों का अभिवादन स्वीकार करते हुए आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने गांव में हर नल योजना के तहत बने जलमीनार का उदघाटन करने के साथ ही घर घर हुए विकास की जानकारी ली। इस दौरान पंचायत के मुखिया सहित डीएम अरबिंद कुमार वर्मा व आलाधिकारी एक योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी मुख्यमंत्री को दे रहे थे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पा नंदन के ग्रामीण काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। करीब एक घंटा तक मुख्यमंत्री नंदन गांव में थे।

 मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला कराने की साजिश करने वालों ने इतनी सफाई से इस घटना को अंजाम दिया है कि हमले में शामिल होने वालों को भी भनक नहीं लगी है। जिस दलित तथा महिला वर्ग के विकास के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई योजनाएं चला रहे है तथा धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन को नाको चने चबाने पड़ रहे है। नंदन में उसी दलित वर्ग तथा महिलाओं को मोहरा बना सफेदपोशो द्वारा मुख्यमंत्री के काफिले पर हमले की साजिश रची गई। 

मुख्यमंत्री पर हुए रोड़ेबाजी पर बक्सर विधायक ने खेद व्यक्त कियाबक्सर (सदर)। सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने मुख्यमंत्री के समीक्षा यात्रा के दौरान नंदन गांव की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा हैं कि बक्सर जिले की शांत एवं आतित्य सत्कार की भावना को गहरी ठेंस पहुंची है। विधायक श्री तिवारी ने सरकार से इस घटना में पुलिस प्रशासन की विफलता को खूफिया एजेंसी से जांच कराने की मांग की। 

डुमरांव – नंदन में सीएम के काफिले पर हुआ हमला अचानक नहीं था। बल्कि इसकी आग पिछले कई दिनों से सुलग रही थी। गांव के कई वाडरे में विकास को लेकर पहले से ही भेदभाव का आरोप ग्रामीण लगा रहे थे। खासकर महादलित टोले में विकास का सूरज नहीं उग पाया था। इसकों लेकर बस्ती वालों में गहरा आक्रोश था। हालांकि प्रशासन समय रहते इस आक्रोश को नहीं समझ सका। महादलित टोले के लोगों को उम्मीद था कि मुख्यमंत्री के उनके गांव में आने से उनके टोले की सूरत बदलेगी तथा यहा भी विकास की गंगा बहेगी। लेकिन बार बार आलाधिकारियों से कहने के बाद भी जिला प्रशासन इस पहलु पर नजर अंदाज करता रहा। महादलित टोले में अभी भी सात निश्चय योजना को लागू नहीं किया गया है। जिसको लेकर बस्ती वाले खासे नाराज थे। मुख्यमंत्री जब इस गांव में प्रवेश कर रहे थे उसी समय ग्रामीणों का विरोध मुखर हो गया था तथा बस्ती के लोग मुख्यमंत्री से अपना दुखड़ा सुनाना चाह रहे थे। लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें खदेड़ दिया गया। इधर मुख्यमंत्री गांव में पहुंच विकास का सच देख रहे थे तथा नंदन गांव में हुए विकास की तारीफ कर रहे थे तो दूसरी तरफ इसी दौरान बस्ती वालों ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री के काफिले के सामने आने का निश्चय किया। इसमें कई महिलाएं व लड़कियां भी शामिल थी। लेकिन जब उन्हें यह लगा कि मुख्यमंत्री का काफिला उनके पास नहीं रूकेगा तथा प्रशासन उन्हें मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं करने देगा तब ग्रामीणों ने पथराव कर अपना आक्रोश जताया। सूत्रों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री थोड़ा समय बस्ती वालों को देते तो उनका आक्रोश इस कदर नहीं भड़कता। इस घटना के तार राजनैतिक विरोध से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। 

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