नीलगाय को भगाने वाले यंत्र पर दिया जाएगा अनुदान : प्रेम

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पटना :राज्य के कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि नीलगाय, सूअर एवं अन्य जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु जंगली जानवरों को भगाने वाले दो प्रकार के बिजली चालित बायोएकॉस्टिक यंत्र को कृषि यांत्रिकरण योजना में शामिल कर अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों प्रकार के बायोएकॉस्टिक यंत्र पर अनुदान का प्रावधान किया गया है। इनमें से एक सोलर पैनल के साथ और दूसरा बिना सोलर पैनल का है। सोलर पैनल के साथ वाले बायोएकॉस्टिक उपकरण में अनुदान की राशि सामान्य जाति के किसानों के लिए यंत्र के मूल्य का 50 प्रतिशत एवं अधिकत्तम 20,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए यंत्र के मूल्य का 50 प्रतिशत एवं अधिकतम 25,000 रुपये है। जबकि बिना सोलर पैनल के साथ वाले बायोएकॉस्टिक उपकरण में अनुदान की राशि सामान्य जाति के किसानों के लिए यंत्र के मूल्य का 50 प्रतिशत एवं अधिकत्तम 15,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए यंत्र के मूल्य का 50 प्रतिशत एवं अधिकत्तम 19,000 रुपये है। एक यंत्र से दो से ढाई हेक्टेयर फसल की सुरक्षा की जा सकती है। इस यंत्र की महत्ता को ध्यान में रखते हुए इसे मांग आधारित वर्ग में रखा गया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि में कृषि यंत्रों का महवपूर्ण योगदान है। समय एवं श्रम की बचत के साथ-साथ कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए नई तकनीक के उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग करना किसानों के लिए आवश्यक है। इन्हीं सब बातों को घ्यान में रखकर सरकार द्वारा कृषि यांत्रिकरण योजना पर विशेष रू प से ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2016-17 में 42 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान का प्रावधान कृषि यांत्रिकरण राज्य योजना अंतर्गत किया गया था। वर्त्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 में इसे बढ़ाकर कृषि यांत्रिकरण राज्य योजनान्तर्गत 180 करोड़ रुपये की लागत से 71 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष कुछ नये यंत्रों को भी कृषि यांत्रिकरण के अनुदानित कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

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