निर्णयों के कार्यान्वयन में कोताही बर्दाश्त नहीं : राज्यपाल

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PATNA RAJBHVAN MEIN KULPATIYON KI BAITHAK KO SAMBODHIT KERTE RAJPAL LAL JI TONDON

राज्यपाल ने ‘‘बीएड पोस्ट एप्स’ पर ‘‘अपलोडेड तस्वीरों’ का निरंतर परीक्षण करने का निर्देश राजभवन के पदाधिकारियों और कुलपतियों को दिया है। उन्होंने कहा कि विविद्यालय निरीक्षकों को बीएड कॉलेजों में शिक्षण एवं उपस्थिति का निरीक्षण करते रहने के लिए ताकीद किया जाना जरूरी है। इसी क्रम में राज्यपाल ने कहा कि बायोमैट्रिक संयंत्रों के संस्थापन-कार्य को हर हालत में जनवरी, 2019 तक सभी शेष शिक्षण-संस्थानों में हर हालत में पूरा कर लिया जाना चाहिए। उन्होंने निदेशित किया कि राजभवन, शिक्षा विभाग एवं सभी विविद्यालय-मुख्यालयों में भी इस संयंत्र की केन्द्रीकृत इकाई कार्यरत होनी चाहिए, जो उपस्थिति का सूक्ष्मता से विश्लेषण कर रिपोर्ट पेश करे। राज्यपाल शुक्रवार को राजभवन में कुलपतियों की बैठक ले रहे थे। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट देनेवाली एजेन्सियों को ही विविद्यालय के नोडल पदाधिकारियों की अनुशंसा के आधार पर भुगतान करने का निदेश दिया। प्रधान सचिव महाजन ने बैठक में शेष बचे शिक्षण संस्थानों में बायोमैट्रिक मशीनें एवं सीसीटीवी कैमरे जनवरी, 2019 तक हर हालत में संस्थापित करने का निर्देश दिया। कन्या उत्थान योजना से संबंधित प्रस्ताव भी याथाशीघ्र विभाग को भेजने का निदेा सभी कुलपतियों को दिया गया। बैठक में राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने ‘‘गवर्नमेंट-ई-मार्केटप्लेस’ के जरिये खरीददारी, ‘‘नेशनल एकेडमिक डिपोजिटोरी सिस्टम’ के कार्यान्वयन, लोक शिकायत कोषांग के संचालन, विविद्यालय/महाविद्यालयों की वेबसाइटों के आधुनिकीकरण आदि विन्दुओं पर राज्यपाल सचिवालय द्वारा पूर्वनिर्गत निदेशों की अनुपालन-स्थिति की समीक्षा की। बैठक में राज्यपाल सचिवालय में नवनियुक्त सलाहकार (उच्च शिक्षा) प्रो.आरसी सोबती ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के सुधार-प्रयासों को और अधिक तेज करना होगा तथा सारी योजनाओं का कार्यान्वयन समय-सीमा के भीतर पूरा करना होगा।
 राज्यपाल सह कुलाधिपति लाल जी टंडन ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए संसाधनों की कमी नहीं है। राजभवन एवं राज्य सरकार तत्परता के साथ उच्च शिक्षा के विकास को गति प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास जारी है। आवश्यकता है कि निर्णयों को दृढ़निचय के साथ शीघ्र कार्यान्वित किया जाये। निर्णयों के कार्यान्वयन में कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जायेगी। राज्यपाल शुक्रवार को राजभवन में कुलपतियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर तर्कपूर्ण और सार्थक सुझावों का सदैव स्वागत किया जायेगा। किन्तु आदेशों के कार्यान्वयन में टाल-मटोल या शिथिलता अक्षम्य होगी। उच्च शिक्षा के जो प्राइवेट संस्थान, नियमों और प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे हैं, उनमें ताला लग जाना ही बेहतर होगा। राज्यपाल ने कहा कि सभी कुलपतियों को पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सीनेट से अनुमोदन प्राप्त करते हुए मान्यता प्राप्ति के प्रस्ताव हर हालत में 15 जनवरी तक राज्य सरकार को भेज देना है। विविद्यालयों को देखना चाहिए कि मान्यता प्राप्ति के लिए अनुशंसित महाविद्यालय निर्धारित मानकों पर पूरी तरह खरे उतरनेवाले हों। राज्य के सभी विवविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को नैक प्रत्ययन हेतु तत्परतापूर्वक प्रयास करना चाहिए। ‘‘नैक प्रत्ययन’ के अभाव में विविद्यालय एवं महाविद्यालय साहित विभिन्न केन्द्रीय शैक्षिक एजेन्सियों से अनुदान नहीं प्राप्त कर पाते। ‘‘नैक प्रत्ययन’ नहीं रहने पर मान्यताप्राप्त कॉलेजों को अनुदान नहीं दिये जाने पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए। अंगीभूत कॉलेजों एवं सभी विविद्यालयों को भी शिक्षा विभाग से सहयोग प्राप्त करते हुए पूरी तैयारी ठोस ढंग से करनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के विविद्यालयों में ‘‘परीक्षा कैलेंडर’ का अनुपालन हर हालत में सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। पूर्व लंबित सभी परीक्षाएं अविलंब आयोजित कराते हुए उनके परीक्षाफल शीघ्र घोषित कर दिये जाने चाहिए। यूआईएमएस का कार्यान्वयन आगामी सत्र से हर हालत में होना चाहिए, अतएव सभी विविद्यालय जनवरी तक कार्यकारी एजेन्सी का निर्धारण करते हुए इसे हर हाल में कार्यान्वित कर दें। राज्यपाल ने कहा कि सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों का वेतन-सत्यापन कराते हुए उनका नियमित वेतन हर हालत में डिजिटल भुगतान के जरिये सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। जब राज्य सरकार ने नियमित वेतन-भुगतान एवं सेवान्त लाभ के भुगतान हेतु राशि आबंटित कर दी है, तब विविद्यालयों में नियमित वेतन भुगतान या सेवांत लाभ के भुगतान की कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। श्री टंडन ने कहा कि ‘‘पेंशन अदालतें’ आयोजित करते हुए सेवान्त लाभ के मामलों को तेजी से निष्पादित किया जाना चाहिए। विविद्यालयों में आरक्षण-नियमों तथा बीपीएससी द्वारा निर्धारित पात्रताओं के आलोक में ‘‘गेस्ट फेकेल्टी’ की नियुक्ति अविलंब कर ली जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बिल्कुल ही बाधित नहीं हो। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा विभाग यूआईएमएस के कार्यान्वयन हेतु 10 लाख रुपये एवं महाविद्यालयों एवं विविद्यालयों के पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण हेतु क्रमश: तत्काल दो लाख एवं पांच लाख रुपये की राशि उपलब्ध करा रहा है, इसका सदुपयोग करते हुए सूचना-तंत्र एवं पुस्तकालयों को आधुनिक युग की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए। राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित आज की इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के विविद्यालयों के कुलपतियों के अतिरिक्त शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन, राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, सहित शिक्षा विभाग एवं राज्यपाल सचिवालय के कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे। 

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