नहीं बचेंगे घोटालेबाज : नीतीश

0
5
PATNA - C . M . NITISH KUMAT LOKSAMVAD KARKARAM JANTA KA SUJHAV LATA

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन के रद्द होने को लेकर लगाये गये आरोपों को सिरे खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि यह केंद्र सरकार का कार्यक्रम था और इसे रद्द करने का निर्णय भी केंद्र ने ही लिया था। शौचालय घोटाले के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, सरकारी राशि का गबन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यही नहीं प्राथमिकी दर्ज करने में गड़बड़ी के संबंध में उन्होंने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी करता है तो उसे पुलिस सेवा में रहने का हक नहीं उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नीतीश ने यहां ‘‘लोकसंवाद’ के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 10 और 11 नवंबर को राजगीर में सभी राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों का सम्मेलन होने वाला था लेकिन अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया गया। इससे लोगों को काफी असुविधा हुई है क्योंकि कई अतिथि पहुंच गये थे और कुछ पहुंचने वाले थे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के रद्द होने का कारण केंद्र सरकार ही बता सकती है। इस सम्मेलन के आयोजन में बिहार सरकार की भूमिका केवल सहयोग करने की ही थी। इस मौके पर उपस्थित बिहार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों का सम्मेलन बिहार में होने का निर्णय इससे पूर्व गुजरात के बड़ौदा में हुये सम्मेलन में ही लिया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत इस सम्मेलन का आयोजन बिहार में किया जाना था। वहीं, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि जहां तक खर्च की बात है केंद्र सरकार के विभिन्न उपक्रमों के द्वारा कुल एक करोड़ 90 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। बिहार सरकार को आतिय पर खर्च करना था जिसके लिए मात्र 15 लाख रुपये की जरूरत थी। उल्लेखनीय है कि राजद अध्यक्ष यादव ने ऊर्जा मंत्रियों का सम्मेलन रद्द होने पर आरोप लगाते हुए कहा था कि नीतीश सरकार ने इस कार्यक्रम पर पानी की तरह पैसा बहाया है। मुख्यमंत्री ने राजद अध्यक्ष एवं उनके परिवार के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि राजद यादव की पार्टी नहीं बल्कि उनकी निजी संपत्ति है। राजद में पिछले साल ही चुनाव हुआ था और इस बार भी हो रहा है। उनकी पार्टी में किस तरह का संविधान है ये उनका अंदरुनी मामला है। उन्हें मालूम है कि किस तरह मीडिया में जगह बनाई जाती है। उनको विकास से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने तेजस्वी प्रसाद यादव के संबंध में कहा कि वह तो अभी बच्चे हैं उनका क्या जवाब दें। नीतीश ने शौचालय घोटाले के सवाल पर कहा, मैंने निर्देश दिया है कि किसी क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने के पहले चीजों को दुबारा जांच लिया जाये। र्थड पार्टी से सत्यापन करवाया जाये। सासाराम जिले को ओडीएफ घोषित किया गया है, इसकी पुन: जांच कराने का निर्देश दिया गया है। इस कार्य में शामिल गैर सरकारी संगठनों को राशि देने से लेकर सारी चीजों की जांच कराई जाये। सरकारी राशि का गबन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्राथमिकी दर्ज करने में गड़बड़ी के संबंध में कहा कि कागज एवं अन्य चीजों के लिए थानों को तीन श्रेणियों में बांटकर 25 हजार, 15 हजार, 10 हजार रुपये उपलब्ध कराये गये हैं। यदि कोई गड़बड़ी करता है तो उसे पुलिस सेवा में रहने का हक नहीं उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शराब संबंधी शिकायत के लिए बिजली के पोल पर नंबर लिखे जाने के सुझाव पर काम हो रहा है। इसके लिए ऊर्जा विभाग, पुलिस विभाग एवं मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग से बात हो गई है। 
लोक संवाद कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए कोई परेशानी नहीं होने का दावा करते हुए सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह वहां भी भाजपा को सफलता मिलेगी। नीतीश ने यहां‘‘लोकसंवाद’ के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि गुजरात में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को कोई दिक्कत नहीं और उसे इस वर्ष मार्च में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तरह सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है और स्वाभाविक है कि वहां के लोग विधानसभा चुनाव में मोदी को समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि इसलिए किसी भी स्तर पर कोई भ्रम नहीं है और भाजपा प्रत्येक सीट पर जीत दर्ज करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव को वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल कहा जाना उचित नहीं है। लोकसभा चुनाव से पहले कई राज्यों में विधानसभा का चुनाव होना आम बात है। उन्होंने कहा कि वह लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा, ग्राम पंचायत और स्थानीय निकायों का चुनाव कराने के हमेशा से पक्षधर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 1967 तक सभी चुनाव एक साथ होते थे। इसके बाद मध्यावधि चुनाव से ये स्थिति बदली है। पांच वर्ष के लिए एक साथ चुनाव हो, तो यह बहुत अच्छा रहेगा। इससे पूरे समय काम करने का मौका मिलेगा। संविधान के अतंर्गत कुछ बदलाव करना होगा। कई प्रावधान करने होंगे। इसके लिए विमर्श की आवश्यकता है। नीतीश ने गुजरात में पाटीदार समुदाय को आरक्षण दिये जाने के सवाल पर कहा कि वह न सिर्फ पाटीदार बल्कि जाट, मराठा एवं अन्य समुदाय जो कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, उनके आरक्षण की मांग का समर्थन करते हैं। समय के साथ कृषि संबंधी संकट उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए लोग आरक्षण की मांग कर रहे हैं। परिस्थिति के अनुसार बदलाव हुआ है। इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण के सवाल पर कहा कि जिस समय उनकी पार्टी जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद थे, उस समय भी रास में महिला आरक्षण विधेयक का उनकी पार्टी ने समर्थन किया था। यदि आज लोकसभा में इस आशय का प्रस्ताव आए तो वह समर्थन करेंगे। उनकी सरकार ने बिहार में वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं में एवं वर्ष 2007 में नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था। इससे सभी वर्ग की महिलाओं को लाभ मिल रहा है। पिछड़ी जाति की महिलाओं को भी इसका लाभ मिल रहा है। यह नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।नीतीश ने आउटसोर्सिंग में आरक्षण के प्रश्न पर कहा कि आउटसोर्सिंग के जरिए सरकार अपने काम के लिए लोगों को बहाल कर रही है। इसके लिए सरकारी राजकोष से उस कंपनी को धन मुहैया कराया जाता है। स्वाभाविक है कि सरकार के धन का उपयोग करने पर आरक्षण कानून को मानना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चाहे संविदा हो चाहे आउटसोर्स दोनों में आरक्षण के नियमों का अनुसरण किया जाता है। मुख्यमंत्री ने अनुच्छेद 370, समान आचार संहित और अयोध्या विवाद पर पूछे गये सवाल के जवाब में कहा, मैं इन मुद्दों पर अपने पुराने रुख पर कायम हूं। गौ-रक्षक की बात पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से इस मामले पर बात हुई है। उनकी भी सहमति है कि इसके खिलाफ न्यायसंगत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक, गृह सचिव को भी कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here