नवरात्र व्रत में क्या खाएं

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नवरात्रे कल से शुरु  हैं ऐसे में कई सारे लोग ऐसे हैं जो पूरे नौ दिनों का व्रत रखते हैं और इस दौरान वो केवल फलहार की प्रयोग करते हैं. कई लोग अपनी क्षमता के अनुसार पूरे नियमों के साथ व्रत रखते हैं. लेकिन, व्रत रखने के साथ-साथ रोजमर्रा के बाकी के काम भी वैसे ही चलते रहते हैं, जिसके लिए व्यक्ति को उतनी ही ऊर्जा की जरूरत होती है. इसलिए पौष्टिक आहार लेना भी जरूरी हो जाता है. यहां हम ऐसे ही आहार के बारे में बता रहे हैं, जो आपको सेहतमंद बनाए रखेंगे व्रत के दौरान.

फल खाएं

व्रत के दौरान फल खाए जा सकते हैं. अलग-अलग फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल आदि की बहुत अधिक मात्रा पाई जाती है. जो भी फल आप खाएं वे ताजे होने चाहिए. तरबूज, नारंगी, मौसमी, पपीता, खरबूजा, छाछ, नारियल पानी, दूध और शुगर वाले फलों का सेवन करें. फलों की चाट का भी आनंद आप ले सकते हैं.

साबूदाना है फायदेमंद

व्रत के भोजन के तौर पर साबूदाना काफी फायदेमंद होता है. साबूदाने से मुख्य तौर पर कार्बोहाइड्रेट और साथ ही कैल्शियम और विटामिन सी भी मिलता है. वहीं, इसका स्वाद भी खाने में अच्छा लगता है. साबूदाने को खीर, पापड़ और खिचड़ी के तौर पर खाया जा सकता है.

ड्राई फ्रूट्स रखें ऊर्जावान

व्रत के दौरान ड्राई फ्रूट्स जैसे काजू, बादाम, किशमिश, पिस्ता, अखरोट, मखाने और बादाम गिरी आदि खाए जा सकते हैं. ड्राई फ्रूट्स के सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है. कई लोग मेवों को खीर में डालकर भी खाते हैं. यह भी सेहत के लिए अच्छी होती है.

पौष्टिक है आलू

नवरात्रों के व्रत में आलू का सेवन किया जा सकता है. यह एक पौष्टिक आहार है. इसमें सबसे ज्यादा स्टार्च पाई जाती है. आप आलू उबालकर खा सकते हैं. आजकल बाजार में आलू के चिप्स और पापड़ भी मिलने लगे हैं. कई लोग इन्हें व्रताहार के तौर पर खाते भी हैं लेकिन इन्हें सेहत के लिए फायदेमंद नहीं कहा जाता है.

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दूध से बनी रहे ऊर्जा

दूध सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद माना जाता है. व्रत में भी दूध का सेवन आपको पोषण और ऊर्जा प्रदान करता है. दूध में कैल्शियम प्रचूर मात्रा में होता है और शरीर को कैलोरी देता है. आप दूध और दूध से बने हुए अन्य पदार्थ जैसे पनीर, दही, लस्सी और मट्ठे का सेवन भी कर सकते है।

कुट्टू का आटा
नवरात्र में व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थ खाए जा सकते हैं। आप सिंघाड़े़ या कुट्टू के आटे की पकौड़ी या रोटी बनाकर खा सकते हैं। यह एक स्वादिष्ट आहार भी है.

ध्यान दें

हालांकि, यह भी ध्यान दिया जाना जरूरी है कि कहीं हम पौष्टिक आहार लेने के चलते आम दिनों से भी ज्यादा आहार न ले लें. ज्यादा तला-भुना खाने से बचें, तला हुआ खाना मोटापा बढ़ा देता है. वहीं, अगर आप बीमार हैं, तो व्रत न रखें. खाली पेट रहने से गैस बनती है इसलिए गर्भवती महिलाएं व्रत न रखें.

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पुराने जमाने में व्रत रखने वाले लोग सिर्फ एक वक्त ही आहार का सेवन किया करते थे जिसमें दूध, फल या सामक के चावल से बनी खिचड़ी या खीर प्रमुख थी। इस समय बाजार में व्रत और उपवास के लिए भी कई तरह के पैक्ड फूड आ रहे हैं। लेकिन इनकी शुद्धता पर संदेह होना लाजमी है। इसलिए नवरात्र में व्रत के दौरान घर पर बने खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा अच्छा होता है जो कि शुद्ध तो होता ही है साथ ही इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। तो आखिर जानते हैं क्‍या हैं नवरात्र के लिए दस आहार-

  • व्रत के दौरान साबूदाने का कई प्रकार से प्रयोग किया जाता है। साबूदाने को दूध में उबालकर पिया जाता है। साबूदाने की खीर भी व्रत में फायदेमंद होती है। इसके अलावा साबूदाने का पापड़ भी बनाया जाता है।
  • व्रत के दौरान ड्राइफूड्स का सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। ड्राईफूड्स जैसे काजू, बादाम, किशमिश, पिस्ता, अखरोट और बादाम गिरी आदि का सेवन किया जाता है जो कि व्रत के दौरान शरीर के फायदेमंद होता है। व्रत में ड्राईफ्रूट, मसाले और मूँगफली की गिरी के साथ बूरा मिलाकर पैक तैयार करके सेवन किया जा सकता है।
  • व्रत के दौरान आलू का अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है। आलू को उबाल कर खाने से शरीर से अतिरिक्त चर्बी समाप्त होती है जिससे मोटापा कम होता है। इसके अलावा आलू का चिप्स और पापड भी व्रत के दौरान खाया जाता है।
  • व्रत में दूध और दूध से बने हुए अन्य पदार्थ जैसे – पनीर, लस्सी और मट्ठा का अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है। दूध से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैलोरी मिलती है जिससे व्रत के दौरान खाना न खाने के दौरान भी शरीर की एनर्जी समाप्त नहीं होती। दूध और उससे बने अन्य खाद्य पदार्थों में फैट होता है जिससे भूख पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
  • व्रत में दही को कई प्रकार से खाया जा सकता है। फल और फलाहार में मिलाकर भी दही का सेवन किया जाता है। दूध की अपेक्षा दही में प्रोटीन, लैक्टोज, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस आदि कई विटामिन्स होते हैं। व्रत में दही को कई प्रकार से खाया जा सकता है। फल और फलाहार में मिलाकर भी दही का सेवन किया जाता है।
  • व्रत के दौरान विभिन्न प्रकार के फल जैसे – सेब, संतरा, अंगूर, केला आदि का सेवन किया जा सकता है। कोशिश यह होनी चाहिए कि आप जिस फल का सेवन करें वे ताजें हों जिससे उनका आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर खराब असर ना हो।
  • व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है। सिंघाडे़ या कुट्टू के आटे की पकौड़ी, रोटी आदि बनाकर खाया जा सकता है। कुट्टू के आटे से कुट्टू बॉल्‍स बनाने का तरीका जो खाने के साथ-साथ व्रत के दौरान सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला व्‍यंजन है।
  • व्रत में विभिन्न फलों से बने जूस का सेवन किया जाता है। जूस पीने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैलोरी मिलती है। जूस पीने शरीर में पानी की कमी नहीं होती और डिहाइड्रेशन से बचा जा सकता है।
  • व्रत के दौरान भूख लगना स्वाभाविक है। कुछ समय के अंतराल पर चाय पीने से भूख पर नियंत्रण पाया जा सकता है। व्रत के दौरान ग्रीन टी का सेवन भी फायदेमंद होता है। चाय आपको तरो-ताजा तो रखती है साथ ही बीमारियों से भी बचाती है। व्रत के दौरान ग्रीन टी का सेवन भी फायदेमंद होता है।
  • व्रत में विभिन्न प्रकार के मिठाइयों का सेवन किया जा सकता है। व्रत के खाने से पहले और खाने के बाद मिठाई खाया जा सकता है। व्रत में भूख लगने पर भी मिठाई खाकर कुछ हद तक भूख को शांत किया जा सकता है।
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व्रत में एक साथ खाने की बजाय दो-तीन घंटे के अंतराल पर खाते रहना चाहिए। व्रत के दौरान अधिक तले हुए खाद्य-पदार्थों के सेवन से बचें। क्योंपकि इसका साइड इफेक्टर आपके शरीर को नुकसान पहुंचाता है और आप बीमार हो सकते हैं।

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