नयी तकनीक से सड़कों की सतह होगी दुरुस्त : नंदकिशोर

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पथ निर्माण मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा है कि राज्य में सड़कों की सतह को ठीक करने के लिए माइक्रो सरफेसिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा। प्रयोगात्मक रूप से इसकी शुरुआत राजधानी पटना से की जाएगी जिसके लिए पांच पथों का चयन किया गया है। इस तकनीक का उपयोग वैसे पथांशों पर किया जाना अधिक लाभदायक होगा, जिनका निर्माण अच्छी गुणवत्ता के साथ किया गया हो, किन्तु सड़क की सतह पर सूक्ष्म एवं मध्यम क्रेक की समस्या अथवा स्टोन चिप्स के उखड़ने की समस्या हो गयी हो।श्री यादव ने वुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में सहयोग कार्यक्रम के बीच बताया कि इस तकनीक को पहली बार भारतीय रोड कांग्रेस ने अपने पांचवें संशोधन में शामिल किया है। सड़कों पर इस तकनीक को अपनाने से बरसात या बहने वाला पानी सड़क के अंदर नहीं जाएगा और यह फिसलन को भी रोकेगा। सड़कों में उभरे छिद्र को बन्द कर देगा। प्रयोग के तौर पर राजधानी के चार पथों फ्रेजर रोड, गांधी मैदान के चारो ओर, शहीद पीर अली मार्ग, बोरिंग कैनाल रोड और अशोक राजपथ (इंजीनीयरिंग कॉलेज तक) का चयन किया गया है। नवम्बर 2018 में इसका टेंडर कार्य सम्पन्न हो जाएगा। जनवरी 2019 में काम शुरू हो जाने की संभावना है। इस तकनीक के उपयोग से सड़कों की सतहों के उन्नयन में काफी कम लागत आती है। फाइन एग्रीगेट का उपयोग होने के कारण इसकी मोटाई काफी कम होती है, जिसके कारण पथांश की ऊंचाई में नगण्य बढ़ोतरी होती है।श्री यादव ने बताया कि राजधानी पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में पटना में यह प्रयोग सफल हुआ तो राज्य के अन्य शहरों में भी इसे लागू किया जाएगा। इसमें खर्च कम होता है। इस तकनीक का जिस सड़क पर उपयोग होगा इसके लिए यातायात को बाधित करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और दो घंटे के बाद ही सड़क पर आवागमन चालू हो जाएगा। लेकिन भारी वाहन इस मार्ग का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। इस तकनीक के उपयोग से शहरी इलाके को ही लाभ मिलेगा।

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