नए टाइटल और पांच कट के साथ पास होगी ‘पद्मावती’

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नए साल की पूर्वसंध्या पर संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का विवाद फिर सुर्खियों में है। फिल्म के टाइटल और दृश्यों समेत कुल पांच बदलाव के साथ सेंसर बोर्ड यूए सर्टिफिकेट देकर इस फिल्म को हरी झंडी देने की तैयारी में है। दूसरी ओर, सेंसर बोर्ड की इस फिल्म पर सक्रियता के तुरंत बाद करणी सेना भी मैदान में आ गई और इस संगठन की ओर से फिल्म रिलीज करने पर सिनेमाघरों में तोड़फोड़ की धमकी को दोहराया गया। करणी सेना का आरोप है कि अंडरवल्र्ड के दबाव में सेंसर बोर्ड फिल्म को पास करने के लिए प्रयत्नशील हुआ है। दूसरी ओर, सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने पद्मावती को वोट बैंक की शिकार हुई फिल्म बताया।

सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने शनिवार को उन मीडिया रिपोर्टो को खारिज किया जिनमें बताया गया था कि फिल्म में 26 कट लगाए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि फिल्म में कोई कट नहीं लगाया गया है। फिल्म पद्मावती को लेकर बोर्ड ने पांच कट प्रस्तावित किए हैं, जिनमें दो कट डिस्केलमर को लेकर हैं। डिस्कलेमर को लेकर बोर्ड का आदेश है कि इसे इतिहास आधारित फिल्म न कहा जाए। यानी ये फिक्शन फिल्म होगी। दूसरा बदलाव फिल्म के टाइटल को पद्मावती से पद्मावत करने पर है, क्योंकि मलिक मुहम्मद जायसी की जिस रचना को लेकर ये फिल्म आधारित है, उसका शीर्षक पद्मावत है। फिल्म के चर्चित घूमर गाने में दो बदलाव प्रस्तावित हैं। चौथा बदलाव ऐतिहासिक स्थलों को लेकर है और पांचवां बदलाव इस बात पर है कि एक दूसरा डिस्कलेमर भी जोड़ा जाए कि फिल्म कहीं से भी सती प्रथा को प्रोत्साहन नहीं देती है।

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प्रसून जोशी का ये भी दावा है कि फिल्म निर्माताओं ने नए बदलावों पर अपनी सहमति जता दी है। सेंसर बोर्ड के नए कदम पर फिलहाल भंसाली की टीम या इस फिल्म की साझीदार कंपनी वायकॉम 18 की ओर से कोई अधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। सेंसर बोर्ड ने हाल ही में गठित विशेषज्ञों की एक कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर पद्मावती को लेकर फैसले लिए हैं। इस कमेटी में शामिल इतिहासकारों में उदयपुर के अरविंद सिंह और जयपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर केके सिंह भी हैं। इस कमेटी ने 28 दिसंबर की बैठक में फिल्म को यूए सर्टिफिकेट देने का फैसला किया है। 1बोर्ड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पद्मावती की टीम को इन बदलाव की लिखित सूचना भेजी जा रही है और उनसे जवाब मांगे गए हैं। भंसाली और वायकाम 18 की टीम की प्रतिक्रिया के आधार पर ही सेंसर बोर्ड फिल्म को सर्टिफिकेट जारी करने का फैसला करेगा।

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इस बीच करणी सेना की तीखी प्रतिक्रिया ने बोर्ड की पहल से पद्मावती के भविष्य को लेकर दिख रही उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। करणी सेना के नेताओं का कहना है कि वे अपने रवैये पर कायम हैं। सेंसर बोर्ड से जिन सीनों में कट की बात कही गई है, उनमें घूमर गाना भी शामिल है। इसके अलावा सेंसर अलाउद्दीन खिलजी के किरदार पर कैंची चलाना चाहता है, ताकि इस किरदार में कोई हीरोज्म न रहे। सेंसर बोर्ड की इस नई पहल के बाद भी पद्मावती की रिलीज तारीख पर कोई पुख्ता बात नहीं हो सकती। मार्च से पहले तो इस फिल्म की रिलीज डेट तय होना मुश्किल लगता है। इसके बाद अप्रैल से लेकर जून तक सभी शुक्रवारों को बड़ी फिल्मों की रिलीज शेड्यूल है।

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