धन को तेरह गुना करने का पर्व है धनतेरस

0
15

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी दीपावली से दो दिन पहले भगवान धन्वंतरि के प्राकटय़ दिवस पर धनतेरस पर्व मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 5 नवम्बर दिन सोमवार को हस्त नक्षत्र में मनाया जाएगा। समुद्र मंथन के समय इस धनत्रयोदशी के दिन ही भगवान धनवंतरि ने रोगस्थ प्राणियों के लिए अमृत कलश लिए समुद्र से उत्पन्न आयुव्रेद विद्या का प्रसाद किया। भगवान धन्वंतरि ने कठिन तपश्र्चया, अविरस्थ साधना और गंभीर अन्वेषणापूर्ण अनुभूतिभर धन जो सभी धनों का तेरह गुना ज्यादा है। इसी से इस दिन बर्तन, सोना, चांदी आदि खरीदने की परंपरा है। इस दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।कर्मकांड विशेषज्ञ राकेश झा शास्त्री ने बताया कि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 5 नवम्बर दिन सोमवार को धन की देवी के उत्सव का प्रारंभ हो जाएगा। धनतेरस के दिन जनकल्याण के लिए दो वस्तुएं आवश्यक हैं ज्ञान और भोजन। उन्होंने कहा कि धनतेरस के दिन जो जातक ज्ञान व भोजन का दान करता है उसकी अकाल मृत्यु से नि:संदेह रक्षा होती है। इस दिन प्रदोषकाल में यम को तिल तेल का दीपक घर के बाहर दक्षिण मुख दिखाने से काल-संकट , रोग,शोक, भय, दुर्घटना, मृत्यु से बचा जा सकता है। समुद्र मंथन के समय कलश के साथ भगवान धनवंतरि का अवतरण हुआ उसी प्रतीक में ऐश्वर्य,धन ,सौभाग्य, सुख आदि वृद्धि के लिए बर्तन खरीदने की परम्परा है। इस वर्ष इस दिन हस्त नक्षत्र होने से यह और भी उत्तम हो गया है।इस दिन लक्ष्मी पूजन और खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त पंडित राकेश झा के अनुसार धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी की पूजा या खरीदारी करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। सालांतर में इसका महत्व तेरह गुना बढ़ जाती है। इस दिन झाड़ू खरीदने की अनोखी परम्परा है। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदने से दरिद्रता दूर होती है। धनतेरस के दिन लक्ष्मी-गणोश की प्रतिमा, सोना, चांदी, रत्न, जेवरात, वाहन, भूमि, घर में इस्तेमाल आने वाली वस्तुओं की खरीदारी की जाती है।लक्ष्मी पूजन मुहूर्त- प्रदोष काल एवं वृष लग्न संध्या 05.35 बजे से रात्रि 07.30 बजे तक खरीदारी करने का मुहूर्त स्थिर लग्न – प्रात: 07.07 बजे से 09.15 बजे तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11.11 बजे से 11.55 बजे तक गुली मुहूर्त – दोपहर 12.56 बजे से 02.30 बजे तक वृष लग्न- शाम 05.35 से 07.30 बजे तकराशि के अनुसार करें खरीदारी होगी भाग्य में वृद्धिमेष – चांदी या तांबा के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामानवृष – चांदी या तांबे के बर्तन, वस्त्र, श्रृंगार की सामग्री, कलश मिथुन राशि- स्वर्ण आभूषण, स्टील के बर्तन, हरे रंग के घरलू सामान, पर्दाकर्क – चांदी के आभूषण या पायल, बर्तन, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामानसिंह – तांबे के बर्तन या कलश, वस्त्र, सोनाकन्या – गणोश की मूर्ति, सोना या चांदी के आभूषण, कलशतुला – वस्त्र, सौंदर्य सामान या सजावटी सामान, चांदी या स्टील के बर्तनवृश्चिक – इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सोने के आभूषण, बर्तन, तांबा या मिट्टी का गमलाधनु – स्वर्ण आभूषण, तांबे या स्टील बर्तन मकर – वस्त्र ,वाहन, चांदी के बर्तन या आभूषणकुम्भ – सौन्दर्य के सामान, स्वर्ण, ताम्र पात्र, जूता-चप्पलमीन – स्वर्ण आभूषण, चांदी या पीतल के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

यह भी पढ़े  50 करोड़ से अधिक की बेशकीमती मूर्ति का चोर मेडिकल कॉलेज का छात्र निकला

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here