देश की रक्षा करते लेह में शहीद हुआ बिहार का बेटा अंकित

0
98

शेखपुरा – देश की रक्षा करते हुए बिहार के शेखपुरा जिले का जांबाज बेटा अंकित उर्फ सिट्टू बर्फबारी का शिकार हो कर शहीद हो गया। अंकित 24 साल का था तथा चार साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था।

अंकित शेखपुरा जिला के चेवाड़ा थाना के एकाढा गांव के निवासी किसान अमरेंद्र कुमार सिंह उर्फ मंटू सिंह का बेटा है। वह भारतीय थल सेना के सीएमपी जवान के रूप में लेह में तैनात था। बर्फबारी के दौरान यह हादसा शुक्रवार पांच जनवरी को हुई थी। इस बर्फबारी में अंकित अपने छह अन्य साथियों के साथ बर्फ में दब गया। बाद में रेस्क्यू करके जब इन सैनिकों को बर्फ से निकाल कर सेना के अस्पताल में ले जाया गया। जहां सभी की मौत हो गई।

इस बाबत शहीद जवान अंकित उर्फ सिट्टू के पिता मंटू सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात उन्हें फोन पर यह सूचना मिली। पिता मंटू सिंह ने बताया कि सेना से उनके बड़े बेटे कुमार गौरव को अंकित के शहीद होने की सबसे पहले सूचना मिली। बाद में कुमार गौरव ने घर पर फोन करके अपने पिता को भाई के शहीद होने की सूचना दी।

यह भी पढ़े  भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह गंभीर रूप से बीमार, पीएम अस्पताल पहुंचे

शहीद जवान अंकित का पार्थिव शरीर रविवार को गांव आएगा। बेटे के शहीद होने की सूचना के बाद घर-परिवार सहित समूचे इलाके में शोक व्याप्त है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे को खोने के गम मां रेणु देवी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है, तथा बार-बार बेहोश हो रही है। इधर सेना के जवान अंकित के शहीद होने की सूचना के बाद जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में बीडीओ पुष्पलता तथा सीओ अरविंद चौधरी ने एकाढा गांव जाकर पीडि़त परिवार से मुलाकात की और उन्हें हिम्मत बंधाई।

महीने भर की छुट्टी के बाद पहली जनवरी को पकड़ी थी ड्यूटी

ब$र्फबारी में शहीद हुए जिला का जाबाज बेटा अंकित लंबी छुट्टी के बाद पहली जनवरी को ही ड्यूटी पकड़ी थी। इस बाबत शहीद अंकित के पिता मंटू सिंह ने बताया कि इसके पहले अंकित एक महीने की छुट्टी पर घर आया था। महीने भर की छुट्टी घर पर परिवार वालों के साथ बिताने के बाद अंकित 27 दिसंबर को घर से दिल्ली पहुंचा था।

यह भी पढ़े  मेधा दिवस पर मैट्रिक-इंटर के टॉपर आज होंगे सम्मानित

मंटू सिंह ने बताया कि दिल्ली से पहली जनवरी को अंकित को लेह भेजा गया था। शहीद अंकित तीन भाइयों में बीच का था। अंकित से बड़े भाई कुमार गौरव मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में लाईब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं। जबकि सबसे छोटा भाई अभी स्नातक का छात्र है।

मंटू सिंह बताते हैं कि उनके बेटे अंकित में छात्र जीवन से ही देश की रक्षा के प्रति जज्बा था। स्कूल में पढऩे के समय से ही अंकित सेना में शामिल होकर देश की रक्षा की बात अपने दोस्तों के बीच करता था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here