दुरुस्त हो रहीं सड़कें, 5 घंटे में पटना पहुंच सकेंगे लोग

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोसी नदी पर बीपी मंडल सेतु के पुनर्निर्माण से जहां महेशखूंट और सहरसा के बीच की दूरी कम हो गई वहीं लोगों के लिए आवागमन भी आसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने यहां राष्ट्रीय राजमार्ग-107 के 16वें किलोमीटर (डुमरी घाट) में कोसी नदी पर पुनर्निर्मित बीपी मंडल सेतु का रिमोट से उद्घाटन करने के बाद कहा कि इस पुल से लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और महेशखूंट से सहरसा की दूरी कम हो जाएगी। वर्ष 1990 में निर्मित यह सेतु 2010 में कोसी में बाढ़ प्रवाह के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। क्षतिग्रस्त भाग 290 मीटर के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद आज यह निर्मित होकर लोगों को समर्पित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी पुल के समानांतर एक नए पुल की भी अनुशंसा की गई है, ताकि महेशखूंट से सहरसा के बीच आवागमन और आसान हो सके। इसके लिए कई सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण किया गया। इसके लिए पुलों के मजबूतीकरण, नए पुलों के निर्माण के साथ-साथ पुराने पथों के चौड़ीकरण एवं नए पथों के निर्माण के कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुल्तानगंज से अगवानी घाट के बीच नए पुल का निर्माण जोरों पर है, जिसकी लागत 1710 करोड़ रुपये है। इससे सहरसा एवं भागलपुर की दूरी कम हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं रेलमंत्री था, तो मैंने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से 25 दिसम्बर 2003 को मुंगेर और खगड़िया के बीच रेल पुल का शिलान्यास करवाया था। इस पुल के निर्माण से खगड़िया एवं मुंगेर के बीच दूरी कम हो जाएगी। खगड़िया-सहरसा-मधेपुरा-सुपौल के बीच संपर्कता बहाल करने के लिए नए पथों का निर्माण किया जा रहा है। इससे लोगों को पटना आने में भी सहुलियत होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसी से बदलाघाट के बीच की सड़क को भी डबल लेन किया जाएगा। बदलाघाट से फनगोघाट के बीच 15.5 किलोमीटर की दूरी है, इसके बीच चार नदियां बागमती, कात्यायनी कमला, मृत कोसी एवं कोसी नदी है। इस दूरी के लिए उच्चस्तरीय पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस कठिन पथ को बनाने के लिए काम किया जा रहा है, जिसकी लागत 1400 करोड़ रुपये की होगी। इस रास्ते से कात्यायनी मंदिर जाने में भी सहुलियत होगी, जो पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और इसे जल्द ही स्वीकृत कर काम शुरू किया जाएगा।सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-107 जो महेशखूंट से पूर्णिया तक 180 किलोमीटर की है, उसके सुदृढ़ीकरण के तहत 10 मीटर सड़क को और चौड़ा करने की स्वीकृति दी गई है। भू-अर्जन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। पूरी सड़क दो वर्षो में बनकर तैयार हो जाएगी। इसकी लागत 1380 करोड़ 61 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि इन पथों के निर्माण से पटना पहुंचने के पांच घंटे का लक्ष्य हासिल करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार न्याय के साथ विकास के पथ पर अग्रसर हैं। न्याय के साथ विकास का अर्थ हर तबके और हर इलाके का विकास है। उन्होंने कहा कि बिहार स्थलरुद्ध राज्य है और यहां बड़े उद्योग नहीं लग रहे हैं, लेकिन यहां लघु उद्योग की संभावना बढ़ रही है। विकेंद्रीकृत तरीके से राज्य में विकास किया जा रहा है। लोगों की आमदनी बढ़ रही है, जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कायरे के साथ-साथ सरकार समाज सुधार का काम भी कर रही है। बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ लगातार अभियान चलाये जा रहे हैं। राज्य में पूर्णत: शराबबंदी लागू होने से लोगों के जीवन स्तर एवं खान-पान में सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे शराब पीने वालों को समझाएं, नहीं समझने पर उनको पकड़वाएं। उन्होंने कहा कि हर घर तक बिजली पहुंच गई है। ट्रांसफॉर्मर के खंभे पर एक नंबर अंकित है, जिस पर शराब पीने वाले और उसके धंधेबाजों की सूचना दी जा सकती है। दो घंटे के अंदर पुलिस कार्रवाई करेगी और सूचना देने वालों का नाम भी गुप्त रखा जाएगा। इस संबंध में क्या कार्रवाई हुई, इसकी सूचना भी उन्हें दी जाएगी।सूरज उमेश जारी (वार्ता)नननन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर राज्य के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में विकास कायरे की गति काफी तेज की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसी भी कोने से लोग छह घंटे में राजधानी पटना पहुंचे, यह मेरी सरकार का लक्ष्य था, जो पूरा हो चुका है। अब लक्ष्य प्रदेश के किसी भी कोने से मात्र पांच घंटे में पटना पहुंचने का है और इस दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने जिले के बिरौल में सहरसा जिला अंतर्गत बलुआहा से गंडौल के बीच कोसी नदी पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल के पहुंच पथ का गंडौल से बिरौल (हाटी-कोठी) दरभंगा तक विस्तारीकरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गंडौल से बिरौल के बीच सड़क की लंबाई 13.6 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 404.45 करोड़ रुपये की लागत आयी है, जबकि 93 करोड 45 लाख रपए भूमि अर्जन के काम पर खर्च हुए हैं। इस प्रकार पूरे नर्माण कार्य पर कुल 950 करोड़ रपए खर्च हुए हैं। इस सड़क के निर्माण से दरभंगा से सहरसा की दूरी, जो पूर्व में 125 किलोमीटर थी, वह अब घटकर मात्र 42 किलोमीटर रह गयी है। उन्होंने आज ही कुशेश्वरस्थान-फुलतोड़ा मार्ग, जिसका शिलान्यास किया गया है, उस संबंध में कहा कि कल्पना कीजिये कि जब यह योजना पूर्ण हो जाएगी, तो दरभंगा से खगड़िया की दूरी कितनी कम हो जाएगी। इसका आज शिलान्यास किया गया है, और निर्माण 2 वर्ष में ही पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से 1126 करोड़ रुपये की लागत से रसियासाड़ी से बरुना ब्रिज तक सात मीटर चौड़े स्टेट हाईवे का निर्माण कराने जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने पर बरुना ब्रिज से हाजीपुर होते हुए लोग पटना आसानी से पहुंच सकेंगे। उन्होंने नवनिर्मित सड़क पर तेज गति से वाहन नहीं चलाने का अनुरोध लोगों से किया और सड़क के दोनों तरफ लोहे के बैरियर लगाने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में 1100 से अधिक पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार हैं। पंचायत सरकार भवन से आय, आवासीय, जाति प्रमाण पत्र जैसी 52 सेवाओं का लाभ भी लोगों को मिलेगा। लोक सेवाओं का अधिकार कानून के तहत मिलने वाली सेवाओं से संबंधित आवेदन अब पंचायत सरकार भवन से ही ऑनलाइन हस्तांतरित करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के लिए ऑनलाइन आवेदन भी अब पंचायत सरकार भवन से कर सकते हैं, जिसकी पावती रशीद आवेदकों को दी जाएगी। ‘‘हर घर नल का जल’ योजना तेज गति से क्रियान्वित है। खेतों की सिंचाई के लिए कृषि फीडर का निर्माण कराया जा रहा है। अब राज्य के हर किसान को 31 सितम्बर 2019 तक कृषि फीडर का कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने विकास के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का भी बीड़ा उठाया है। शराबबंदी, दहेज प्रथा बाल विवाह यह सभी सामाजिक कुरीति है। इसे समाप्त करने के लिए उन्होंने लोगों से अपील की और कहा कि आप इस कार्य में सरकार की मदद करें। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के धंधे पर अंकुश लगाने के लिए बिजली के खंभों पर मोबाइल नंबर लिखा दिया गया है। कोई भी आदमी अब शराब के संबंध में शिकायत कर सकता है। शिकायत के बाद 3 घंटा के अंदर में पुलिस आएगी और पकड़ के ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभा में मौजूद महिलाओं से कहा कि शराब पीने वालों को आप सभी भी समझाइए । उन्होंने राज्य के हर एक नागरिक को अपने अपने बच्चों को पढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटा बेटी नाती नातिन पोता पोती सभी को शिक्षा से जोड़ें। सभा के अंत में उन्होंने आने वाले नूतन वर्ष की सभी को शुभकामनाएं दिया।

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