दीवार गिरने से दो की मौत, पांच जख्मी घटना पालीगंज की

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पालीगंज – मिल्की गांव में रविवार की देर रात दीवार गिरने से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गयी जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये। सभी जख्मी लोगों का इलाज पीएमसीएच में चल रहा है। वहीं परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही एवं अस्पताल का गेट खोलने में देरी करने का आरोप लगाकर पालीगंज के अरवल मोड़ पर शव रखकर एवं टायर जलाकर मुख्य पथ को जाम कर दिया एवं जमकर नारेबाजी की। बाद में आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल पहुचंकर जमकर हंगामा किया और अस्पतालकर्मी को मारपीट करते हुए लाखों रपए की सम्पत्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया। अस्पतालकर्मी का आरोप है कि अस्पताल में ताडंव मच रहा था और सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब आधे घंटे बाद पहुंची। पालीगंज डीएसपी मनोज पांडेय, एसडीओ सुरेन्द्र कुमार और बिक्रम थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। सूत्रों के मुताबिक मिल्की गांव नहर मुहल्ले में रविवार की रात मटुकन नट की पत्नी गौरी देवी अपने परिवार के सात लोगों के साथ गर्मी से बचाव के लिए घर के बाहर गली में सो रही थी। रात करीब 12 बजे अचानक दीवार गिर गयी जिसमें सभी दब गये। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकालकर अनुमंडलीय अस्पताल ले गये। जब वे लोग अस्पताल पहुंचे तो उसका गेट बंद था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का गेट खोलने में करीब आधे घंटे लग गये और तब तक बाहर मरीज तड़पते रहे। परिजनों द्वारा बाहर गेट पर काफी शोर मचाने के बाद कर्मी ने गेट खोला और बिना प्राथमिक उपचार किये सभी को पीएमसीएच रेफर कर दिया। इसी दौरान 55 वर्षीय गौरी देवी एवं 10 वर्षीय सोनी कुमारी की मौत हो गयी। जख्मी पिंटू नट, आरती देवी, मोनी कुमारी, विशाल कुमार और कृष्णा कुमार गंभीर हालत में पीएमसीएच में भर्ती हैं। सोमवार की सुबह परिजन मृतकों के शव लेकर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर अरवल मोड़ को जाम कर दिया और अस्पताल में घंटों तोड़फोड किया। इस दौरान कम्पाउंडर दीनानाथ प्रसाद, निबंधनकर्मी मोहन प्रजापति, राजीव कुमार और हेल्थ मैनेजर केके सिंह समेत आधा दर्जन लोग जख्मी हो गये। सैकड़ों लोगों के हुजूम को आते देख चिकित्सक एवं नर्सिग स्टाफ जान बचाकर भाग निकले। उपद्रवियों ने ओपीडी, निबंधन शाखा, जांच घर समेत लाखों रपए के सामान को क्षतिग्रस्त कर दिया। अस्पतालकर्मी की मानें तो समय रहते पुलिस को सूचना दी गयी लेकिन अस्पताल से थाना महज कुछ ही दूरी पर रहने के कारण भी पुलिस को आने में आधे घंटे लग गये। पुलिस की लापरवाही के कारण अस्पताल में तोड़फोड की घटना होने की बात कही। वहीं अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. आभा कुमारी ने बताया कि चिकित्सकों ने बिना सुरक्षा के कार्य नहीं करने की बात कही है और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं। पालीगंज डीएसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को पहचान की जा रही है। कारवाई के लिए थानाध्यक्ष को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है।

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