दीघा रेललाइन : अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया होगी प्रारंभ, सव्रे जारी

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Patna-June.15,2018-Patna District Magistrate Kumar Ravi is inspecting land of Digha-R�Block railway line in Patna

जिलाधिकारी कुमार रवि ने पदाधिकारियों के साथ पटना-दीघा रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि पटना-दीघा रेलवे ट्रैक का बिहार सरकार को रेलवे द्वारा हस्तांतरित किया गया है। इस ट्रैक के स्थान पर फोर लेन सड़क बनाने की बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। पटना-दीघा रेलवे ट्रैक 71 एकड़ से अधिक में सात किलो मीटर में स्थित है। रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ अतिक्रमण है। करीब पांच सौ कच्चा-पक्का मकान, खटाल एवं मंदिर बनाया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि रेलवे द्वारा जमीन हस्तांतरण की औपचारिक रूप से पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र प्राप्त होते ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। फिलहाल जिला प्रशासन द्वारा सव्रे कराया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा कार्य योजना बनाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। अंचलाधिकारी पटना सदर को निर्देश दिया गया है कि लगातार सात दिनों तक माइक से अतिक्रमण हटाने का प्रचार करवायें। अंचलाधिकारी पटना सदर एवं थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि पटना-दीघा रेलवे ट्रैक क्षेत्र का लगातार निगरानी रखेंगे, ताकि किसी तरह का नया अतिक्रमण नहीं हो सके। निरीक्षण के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक डी. अमरकेश, अनुमंडल पदाधिकारी सुहर्ष भगत, प्रभारी दंडाधिकारी, जिला नियंतण्रकक्ष शैलेश कुमार भारती, डीपीआरओ अनिल कुमार चौधरी, कार्यपालक दंडाधिकारी राजीव मोहन सहाय, अंचलाधिकारी पटना सदर, थानाध्यक्ष एवं संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे। 

शुक्रवार को डीएम कुमार रवि ने  एसडीओ सुहर्ष भगत व पुलिस-प्रशासन की टीम के साथ  इस रेलखंड का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अतिक्रमण से लेकर पूरे भूखंड की चौड़ाई, लंबाई और बगल में बह रहे नाले की वर्तमान स्थिति देखी.  निरीक्षण के बाद डीएम कुमार रवि ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने से पहले सात दिनों तक लोगों से अपना निर्माण खुद हटाने की मुनादी की जायेगी, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय थाना व अंचलाधिकारियों को दी गयी है. इसके बाद प्रशासन अपने स्तर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर देगा.
 71 एकड़ में फैले भूखंड की चौड़ाई औसतन 40 मीटर है. कई जगहों पर चौड़ाई 110 फुट से लेकर 116 फुट है. इसमें अधिकतर निर्माण कच्चे व झुग्गी-झोंपड़ी जैसे हैं. एसडीअो सदर ने बताया कि फिलहाल जमीन के कागजात रेलवे की ओर से नहीं आये हैं. कागजात मिलने के बाद प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा. इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनायी जा रही है. पूरी जमीन पांच थानों के अंतर्गत आती है. फिलहाल थाना व अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि अब से कोई नया निर्माण नहीं हो, इसका ध्यान रखा जाये. अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन के अलावा रेलवे और पथ निर्माण विभाग के लोगों को भी साथ रखा जायेगा.
मंदिरों को हटाना चुनौतीपूर्ण होगा
इस ट्रैक  के किनारे इंद्रपुरी और राजीव नगर इलाके में आधा दर्जन से अधिक मंदिर हैं.  इन मंदिरों पर स्थायी निर्माण किया गया है. इन्हें हटाना प्रशासन के लिए  चुनौती का काम हो सकता है. एसडीओ ने बताया कि मंदिरों को हटाने में  धार्मिक सद्भाव का पूरा ध्यान रखा जायेगा. इसके लिए विभिन्न प्रखंडों के  अंचलाधिकारियों को जमीन खोजने का निर्देश दिया गया है, ताकि ट्रैक के  किनारे से इन मंदिरों को नयी शिफ्ट किया जा सके.
डीएम कुमार रवि ने िकया जमीन का निरीक्षण, चलेगा अतिक्रमण हटाने का अभियान
 
हफ्ते भर में बंद हो जायेगा ट्रेन परिचालन
पूर्व-मध्य रेलवे के जीएम एलसी त्रिवेदी ने बताया कि इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन हफ्ते भर में बंद हो जायेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस रूट पर पब्लिक की कोई दिलचस्पी नहीं है, इसलिए इस लाइन को बंद करने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी. त्रिवेदी ने कहा कि 221 करोड़ रुपये रेलवे के खाते में बिहार सरकार देगी. उसके बाद ही जमीन राज्य सरकार के नाम होगी.
सर्वे का काम पूरा किया गया है. रेलवे की ओर से जमीन हस्तांतरण के कागजात मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी. अतिक्रमण हटाने के िलए अिभयान शुरू िकया जायेगा.
कुमार रवि, डीएम, पटना
 
बरसात बाद शुरू होगी सड़क निर्माण की प्रक्रिया विस्तार दीघा पुल तक
इस रेललाइन पर सड़क बनाने को लेकर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने शुक्रवार को रेल अधिकारियों के साथ  बैठक की. इसमें मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार रेलवे को 30 जून तक इस जमीन के एवज में 221 करोड़ रुपये दे देगी. बैठक में यह भी तय हुआ कि बरसात के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.
इससे पहले तमाम कागजी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस सड़क का विस्तार अब दीघा पुल तक होगा. पहले यह दीघा स्टेशन तक ही बननी थी. इस दौरान पूर्व मध्य रेलवे के जीएम एलके त्रिवेदी ने बताया कि 380 करोड़ से बनने वाली इस सड़क के निर्माण में रेलवे हर तरह से सहयोग करेगा. तीन वर्षों के अंदर इसके तैयार होने की संभावना है.
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