दिल्‍ली के बाद बिहार के आकाश में भी धूलकणों की परत, फिलहाल राहत के आसार नहीं

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राजस्थान से चली धूलभरी हवा से उत्तरी भारत के मैदानी भाग के आकाश में भी धुंध भर गई है। इसका असर बिहार के पटना समेत अधिकांश शहरों में देखा जा रहा है। आसमान में गुरुवार को धूलकणों की परत जमा हो गई।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एसके पटेल का कहना है कि गुरुवार की सुबह 4 बजे तेज पछुआ हवा अपने साथ धूलकणों को लेकर आई जिससे प्रदेश का आकाश धूल से भर गया है। पश्चिमी देशों से आने वाली हवा राजस्थान के रेगिस्तान से गुजरने के दौरान धूल के साथ आगे बढ़ रही है। यही हवा दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं बिहार में भी पहुंच रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक सूबे में भारी बारिश नहीं होगी, तब तक धूलकणों से राहत नहीं मिलने वाली है।

मानसून फिलहाल ठिठका

दक्षिणी-पश्चिमी मानसून बंगाल के उत्तरी हिस्से में ही इतना कमजोर हो गया कि बिहार में उसके सक्रिय होने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को उत्तर-पूर्व बिहार में कई जगहों पर प्री-मानसून की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से राज्य के अधिकांश शहरों में लोगों को तेज धूप सताएगी। 20 जून तक तापमान में वृद्धि की संभावना है।

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गुरुवार को पूर्णिया में 0.4 एमएम और भागलपुर में 2 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। मधुबनी, चंपारण, किशनगंज, शिवहर, दरभंगा, सीतामढ़ी और सुपौल में गरज के साथ छींटे पड़ीं। शुक्रवार को पटना, भागलपुर, पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी हो सकती है। गुरुवार को पटना का अधिकतम तापमान 37.6 और न्यूनतम 27.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

गया का अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री रहा। भागलपुर का अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पूर्णिया का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 16 जून से प्रदेश में तल्ख धूप के साथ तापमान में वृद्धि होगी। गया, औरंगाबाद, नालंदा, राजगीर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और पटना का तापमान 40 डिग्री पार करने की संभावना है।

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