दानापुर में दो फौजियों की लाश मिलने के मामले में किसी बड़ी साजिश की आशंका!

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दानापुर / पटना :  बिहार रेजिमेंट के रिकार्ड ऑफिस में कार्य करने वाले रिंकेश कुमार सिंह और बीआरसी के प्रथम रजिमेंट में हैदराबाद में कार्यरत संतोष कुमार सिंह की हत्या की खबर के बाद सैन्य छावनी में भी खलबली मच गयी। बिहार रेजिमेंटल सेंटर के कमांडर ब्रिगेडियर एम नटराजन से लेकर कई सैन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की पुरी जानकारी ली। वारदात की खबर पाकर सेना की आर्मी पुलिस, खुफिया इकाई भी सक्रिय हुई। जवानों की मौत की एक-एक खबर गुपचुप ढंग से जुटायी जा रही थी। बीआरसी के अधिकारी इस बात का भी पता लगा रहे हैं कि रिंकेश सिंह सेंटर से रविवार को आउट पास लेकर निकला था या वगैर किसी सूचना के बाहर गया था। सेना के सूत्रों के अनुसार कार्ट ऑफ इंक्वायरी बैठा दी गयी है। सेना का पूरा तंत्र अपने ढंग से तहकीकात कर रहा है। हालांकि इस मामले में सैना के किसी भी अधिकारी ने कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया।

कमरे के अंदर का दृश्य देख बहन के उड़ गये होश

दानापुर के मंगलम इलाके के लोगों के लिए सोमवार का दिन अमंगल साबित हुआ। एक कमरे में दो सैनिकों की गोली मारकर हुई हत्या से इलाका सन्न रह गया है। सुबह के छह बजे जब रिंकेश को खोजती हुई उसकी बहन पिंकी संतोष के किराये वाली कमरे में गयी तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अनहोनी की आशंका के बीच दरवाजे को जोर का झटका दिया तो अंदर की कुंडी खुल गयी। अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गये। रिंकेश और संतोष का खून से सना शव फर्श पर पड़ा था। जहां शव पड़ा था उसके बालकोनी का दरवाजा खुला हुआ था। हत्या कैसे और कब हुई किसी को पता नहीं चल सका। मकान के केयरटेकर के अलावे कई अन्य किरायेदार भी यहां रहते हैं लेकिन किसी ने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी जबकि राईफल से गोली चलने की बात सामने आ रही है। वह भी तीन राउंड। यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है कि राईफल से तीन गोली चले और आवाज दो कदम पर रहने वालों तक भी नहीं पहुंचे। घटनास्थल पर जो साक्ष्य मिले हैं उससे किसी साजिश की बू आ रही है। गोली एक कमरे में चली और शव दूसरी जगह पर मिला। पुलिस प्रथम दृष्टया संतोष द्वारा रिंकेश को गोली मारने के बाद खुद गोली मारने की बात कह रही है लेकिन पुलिस की योरी में दम नहीं लग रहा है। एक तरफ से कमरा बंद तो दूसरी तरफ से खुला है। संतोष के शव पर जैसे राइफल था उससे लगता है कि किसी ने वहां रखा है। फर्श पर गिरे खून को साफ भी किया गया है। संतोष की गर्दन में कपड़ा लिपटा मिला है। उसके गर्दन की हड्डी भी टूटने की बात कही जा रही है। फर्श पर गिरा खून काला हो गया था। एफएसएल टीम के सदस्यों ने बताया कि हत्या चौबीस घंटे पहले हुई है। फिलहाल एफएसएल टीम की जांच रिपोर्ट का पुलिस इंतजार कर रही है। घटना स्थल से सिर्फ एक गोली का खोखा मिला है। पुलिस राईफल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है ताकि पता लगाया जा सके कि गोली इसी राईफल से चली है या किसी और से।

पत्नी ने कहा-साजिश के तहत किसी तीसरे ने दोनों को मारा

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संतोष की पत्नी रिंकी देवी को यकीन नहीं हा रहा था कि उसके पति अब दुनिया में नहीं रहे। पति का शव देख वह दहाड़ मारकर रो रही थी। रिंकी देवी अपने बेटों की पढ़ाई के लिए यहां किराये के मकान में रहती थी। इस बीच संतोष भी छुट्टी लेकर दानापुर आया था। उसके आने के बाद रिंकी देवी बच्चों को लेकर नवरात्र की पूजा करने पैतृक गांव सारण जिले के मसरख थाने के चकिया चली गयी थी। वह चार दिनों से देवी की अराधना में लगी हुई थी। मगर पति की मौत से उसकी दुनिया ही उजड़ गयी। रिंकी ने कहा कि उसके पति संतोष और रिंकेश की हत्या की गयी है। संतोष और रिंकेश में गहरी दोस्ती थी। किसी भी सूरत में वे एक-दूसरे की हत्या नहीं कर सकते। उसने कहा कि साजिश के तहत किसी तीसरे ने दोनों को मौत के घाट उतारा है।

संतोष और रिंकेश में थी गहरी यारी

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सेना में सीनियर और जूनियर के बीच काफी सम्मान का भाव रहता है। हालांकि संतोष और रिंकेश के बीच सीनियर-जूनियर जैसा कोई भाव नहीं था। दोनों एक दूसरे के साथ दोस्त की तरह रहते थे। दो साल पहले जब रिंकेश बिहार रेजिमेंट में भर्ती हुआ था उस वक्त संतोष उसे प्रशिक्षण दिया करता था। उसी दौरान उनकी दोस्ती हो गयी थी। दोनों की दोस्ती की कहनी संतोष का किराये के कमरा बयां कर रहा था। कमरे में संतोष और रिंकेश के दर्जन भर फोटो लगे हुए थे। दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलने की बात भी चल रही थी।

 

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