दलित वोट में सेंध लगाने आज दिखेगी नीतीश-रामविलास की ‘जुगलबंदी’

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संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की आज जन्म जयंती है. इस मौके पर पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान की सियासी जुगलबंदी देखने को मिलेगी. इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल होंगे. लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) और दलित सेना की ओर से बापू सभागार में यह कार्यक्रम मनाया जा रहा है.

एलजेपी की ओर से मनाए जाने वाले इस कार्यक्रम को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि सीएम नीतीश खुद इसका जिक्र करते हुए इसे ऐतिहासिक होने की बात कह चुके हैं. नीतीश कैबिनेट के मंत्री महेश्वर हजारी की माने तो नीतीश कुमार आज ‘महादलित’ शब्द के खत्म करने की घोषणा कर सकते हैं.

नीतीश के करीबी नेता लागातार इस बात का जिक्र चुके हैं कि नीतीश कुमार और रामविलास पासवान की सियासी जुगलबंदी एनडीए को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस पहल है. उनके मुताबिक जोर पकड़ रहे दलित राजनीति के बीच बिहार ही नहीं पूरे हिंदी भाषी क्षेत्र में इन दोनों नेताओं की जुगलबंदी निश्चित तौर पर 2019 में एनडीए को मजबूत करेगी.

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बीजेपी ने भी अपने सभी दलित सांसदों से जनता के बीच जाकर आरक्षण के मुद्दे पर सरकार की मंशा से लोगों को रूबरू कराने का निर्देश दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी अपने संबोधन में कह चुके हैं कि मोदी सरकार की ना तो मंशा है आरक्षण हटाने की और ना ही वह किसी को ऐसा करने देगी.

वहीं, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की ओर से भी जिला स्तर पर आंबेडकर जयंती का आयोजन किया जा रहा है. पार्टी के सांसद, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को जिलों में आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए कहा गया है. नालंदा में आयोजित समारोह में राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह, सारण में मौजूद हरिवंश नारायण, समस्तीपुर में सांसद रामनारायण ठाकुर और मुंगेर में कौशलेंद्र कुमार शामिल होंगे.

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