ओडिशा के तट से टकराया प्रचंड तूफान ‘फनि’, तेज हवाओं के साथ बारिश ,11 लाख लोगों को हटाया गया

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भुवनेश्वर: ओडिशा की तरफ बढ़ रहा चक्रवाती तूफान ‘फनि’ सूबे में दस्तक दे चुका है। ओडिशा के तट से फनि की टक्कर के साथ ही तेज हवाओं के साथ बारिश भी शुरू हो गई है। इससे पहले रफ्तार पकड़ चुका फनि तेजी से ओडिशा के तट की तरफ बढ़ रहा था। तटीय ओडिशा में चक्रवात फनि की वजह से बारिश और तेज हवाएं चलने के बीच राज्य सरकार ने 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा और लोगों से शुक्रवार को घरों में रहने की सलाह दी।

तटीय ओडिशा में चक्रवात फानी की वजह से बारिश और तेज हवाएं चलने के बीच राज्य सरकार ने 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा और लोगों से शुक्रवार को घरों में रहने की सलाह दी. यह तूफान पुरी के पास शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे दस्तक दिया . अत्यंत प्रचंड च्रकवात ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा है और यह अनुमानित समय दोपहर बाद 3 बजे से बहुत पहले ही सुबह में तटीय क्षेत्र से टकरा गया। राज्य के मुख्य सचिव ए. पी. पधी ने कहा था कि चक्रवात के धार्मिक नगरी पुरी के बेहद करीब शुक्रवार को पुरी पहुंचने की संभावना है। बताया जा रहा है कि फनि ओडिशा में 4-5 घंटे तक तांडव मचाएगा। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान घरों के अंदर ही रहें और कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

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राज्य के मुख्य सचिव एपी पधी ने कहा कि चक्रवात के धार्मिक नगरी पुरी के बेहद करीब शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे पहुंचने की आशंका है और इसके यहां टकराने की पूरी प्रक्रिया चार-पांच घंटे की होगी. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान घरों के अंदर ही रहें और कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं.

इस बीच, नई दिल्ली मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय तटरक्ष बल और नौसेना ने भी राहत इंतजाम में अपने पोत और कर्मियों को तैनात किया है. तट रक्षक बल ने ट्वीट कर कहा कि चक्रवाती तूफान फानी को देखते हुए 34 राहत दलों और चार तटरक्षक पोतों को राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है.

नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने दिल्ली में कहा कि भारतीय नौसेना के पोत सहयाद्री, रणवीर और कदमत को राहत सामग्री तथा चिकित्सा दलों के साथ तैनात किया गया है, जिससे वे चक्रवात के तटीय इलाके से गुजरने के फौरन बाद राहत कार्य शुरू कर सकें. इस बीच, नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पार्टी कार्यकर्ताओं से चक्रवात प्रभावितों की मदद करने को कहा है.

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी कि गुरुवार मध्य रात्रि से भुवनेश्वर से उड़ानों का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा. शुक्रवार सुबह से कोलकाता हवाई अड्डे से भी उड़ानों का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा और हालात बेहतर होते ही उड़ानों को बहाल कर दिया जाएगा. रेलवे ने ओडिशा से रेलगाड़ियों का परिचालन पहले ही अस्थायी रूप से रोक दिया है.

कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में एनसीएमी की बैठक के बाद गृह मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि ओडिशा सरकार ने राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) को गुरुवार को जानकारी दी कि 10,000 गांव और 52 शहर एवं कस्बे इस तूफान से प्रभावित होंगे. ओडिशा सरकार द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का कार्य पहले से ही किया जा रहा है. सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे लोगों के रहने के लिए लगभग 900 तूफान आश्रय स्थल पहले ही तैयार कर लिए गए हैं.

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