..तो प्रायोजित था बक्सर में सीएम के काफिले पर पथराव!

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Buxar: Womens attcak on Bihar Chief Minister Nitish Kumar carcade during Samiksha Yatra in Buxar on Friday January 12,2018

पटना – बक्सर जिले के नंदन गांव में सीएम के काफिले पर पत्थरबाजी स्वत: स्फूर्त नहीं, बल्कि प्रायोजित थी। घटना से एक दिन पहले गांव में बैठक भी हुई थी। घटना स्थल के पास पत्थर का ढेर एकत्रित किया गया था। आसपास के घरों की छतों पर भी पहले से पत्थर रखे गये थे। बक्सर घटना की जांच में लगी टीम के अहम सूत्र की मानें तो घटना पूर्व प्रायोजित थी। सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच कर रही टीम को इस संबंध में पुख्त सबूत मिले हैं।सूत्र बताते हैं कि जांच टीम को गांव में बैठक, मोबाइल का सीडीआर और घटना की शैली आदि को लेकर अब तक जो सबूत हाथ लगे हैं उनसे साफ जाहिर होता है कि पथराव के पीछे साजिश है। इसके बाद जांच टीम के दायरे में राजनीति से लेकर प्रशासन के लोग भी आ रहे हैं। वहीं, घटना के पीछे प्रशासनिक चूक और इंटेलिजेंस फेल्योर को भी माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी है। पूरे मामले को साजिश बताने के पीछे कई तर्क दिए जा रहे हैं। मसलन, घटना के लिए गांव की सड़क के टर्निग (मोड़) को चुना गया था, जहां गाड़ियों की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है। मोड़ से सटे आलू के खेत में पत्थर रखे गये थे, ताकि पथराव के लिए आसानी से पत्थर उपलब्ध हो सके। कुछ छतों पर से भी पत्थर फेंके जाने के वीडियो फुटेज प्राप्त हुए हैं। वीडियो और फोटो के आधार पर 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पचास से अधिक लोगों का बयान लिया गया है जिसमें डीएम, एसपी के अलावा अधिकारी, मजिस्ट्रेट और आम लोग भी शामिल हैं। कॉल डिटेल के माध्यम से यह खंगाला जा रहा है कि घटना से पहले और बाद में किसने, किससे और कितनी बार बात की है।सूत्र बताता है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को बाधित करने की साजिश ‘‘मीटिंग’ में भी तय कर ली गयी थी जिसका साक्ष्य जांच टीम को मिल चुका है। कार्यक्रम में जाते समय ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था। ग्रामीण हाथ में तख्ती लेकर सीएम का अभिनंदन करते दिख रहे थे। कुछ महिलाएं दहेज और बाल विवाह उन्मूलन के समर्थन में फॉर्म भी भर रखी थीं। हालांकि सीएम के लौटते समय इस अप्रिय घटना को अंजाम दिया गया। गांव के क्षेत्र में विकास नहीं होने की बात भी गलत साबित हो रही है। जिस क्षेत्र के विकास की बात नहीं कही जा रही है वहां भी सारे काम प्रगति पर है। गली का ढलाई मात्र भर नहीं हो पाया है जिसका पैसा संबंधित व्यक्ति के एकाउंट में जा चुका था। सूत्र बताते हैं कि एक वीडियो फुटेज से उपद्रवियों के निशाने पर सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री ही थे, जिसमें पुलिस पर पथराव से आम लोगों को रोका जा रहा था।

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