तीन साल में खुलेंगे 13 मेडिकल कॉलेज :मंगल पांडेय

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राज्य के स्वास्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा कि अगले तीन साल में राज्य को 13 और मेडिकल कॉलजों का तोहफा मिलने जा रहा है। पहले से बिहार में 13 मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं जिनमें तीन निजी मेडिकल कॉलेज हैं। स्वास्य मंत्री श्री पांडेय आज सूचना भवन के संवाद कक्ष में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने विस्तार से मेडिकल कॉलेज की र्चचा करते कहा कि पहले तीन मेडिकल कॉलेज पूर्णिया, छपरा व समस्तीपुर की घोषणा हो चुकी है। पूर्णिया मेडिकल कॉलेज के लिए 36 करोड़ की टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। छपरा मेडिकल कॉलेज के लिए 349.78 करोड़ के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होनी है। समस्तीपुर में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में है। निश्चय योजना के तहत सात मेडिकल कॉलेज खोले जाने हैं। ये कॉलेज झंझारपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, बेगूसराय, मधेपुरा हैं। भारत सरकार ने पांच अन्य मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की है। ये कॉलेज झंझारपुर, सीतामढ़ी, सीवान, बक्सर व जमुई में खोले जाने हैं। इनमें झंझारपुर व सीतामढ़ी राज्य व केन्द्र दोनों की ही योजनाओं में शामिल हैं। इसलिए झंझारपुर व सीतामढ़ी में केन्द्र सरकार व राज्य सरकार मिल कर खर्च वहन करेगी। इन अस्पतालों के लिए एमओयू साइन कर दिया गया है। डीपीआर भेज दिया गया है। भूमि को चिन्हित करते इसी कैलेन्डर वर्ष में काम होना है। इसके अलावा नालंदा जिले के रहुई में एक डेन्टल कॉलेज खोला जाना है। यह कॉलेज 404 करोड़ की लागत से तैयार किया जाना है। जहां 100 नामांकन होंगे तथा 100 बेड का अस्पताल बनाने की निविदा प्राप्त की जा चुकी है। पूर्णिया जिले में लगभग 346 करोड़ की लागत से 100 सीटों का राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय व 300 बेड का अस्पताल निर्माणाधीन है। निविदा प्राप्त की जा चुकी है। भोजपुर जिले में 128.96 करोड़ की लागत से मानसिक आरोग्यशाला के निर्माण कार्य की निविदा आमंत्रित की गई है। स्वास्य मंत्री ने कहा कि नये इशेंसियल ड्रग लिस्ट में 310 औषधियों को चिन्हित किया गया है। सी.टी स्कैन व एमआरआई की भी व्यवस्था की जा रही है। एनएमसीएच पटना व एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में अधिष्ठापित व कार्यरत है। डीएमसीएच में अधिष्ठापित है और 7 जुलाई 2018 से कार्यरत भी हो जाएगा। श्री पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 2018-19 में 534 स्वास्य संस्थाओं को हेल्थ वेलनेस सेंटर में उत्क्रमित करने की कार्रवाई की जा रही है। 15 अगस्त तक 43 हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर प्रारम्भ करने की योजना है। स्वास्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि कहा कि मातृ मृत्यु अनुपात दर में काफी कमी आई है। यह 208 से घटकर 165 तक आ गयी है। यह दर 8 ईएजी स्टेट में उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड व उडीसा से काफी कम है। इस दर को और भी कम करना है। आने वाले वर्षो में इसे 100 से नीचे लाना है। उन्होंने कहा कि राज्य में टीकाकरण का लक्ष्य भी 84 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2018-19 में 32 लाख गर्भवती मंिहलाओं व 29 लाख बच्चों का पूर्ण टीकाकरण करना है। 

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