तिहरे हत्याकांड : दंपति के जब्त मोबाइल से खुलेगी वारदात की वजह

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Patna-June.11,2019-Dead bodies of businessman Nishant Sharaf with his wife Alka Sharaf and daughter Ananya Sharaf are laying who committed suicide at his residence at Kidwaipuri in Patna under Kotwali police station.

आखिर वह कौन सी वजह थी कि निशांत ने पत्नी- बेटी-बेटा समेत स्वयं को गोली मार ली। पत्नी-बेटी और खुद निशांत इस दुनिया में नहीं रहे। बेटा ईशांत बेली रोड के एक निजी हॉस्पीटल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। पटना पुलिस के आला अधिकारी मामले की तफ्तीश में स्वयं निगाह रख रहे हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल के निरीक्षण के बाद बताया कि जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया उसके रूट में कोई गहरा विवाद था। मृतक के सुसाइड नोट से पुलिस को जांच में मदद नहीं मिल रही है। वजहों की तलाश के लिए पुलिस ने पति-पत्नी के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है। उसका सीडीआर पुलिस खंगालेगी।

जोनल आईजी सुनील कुमार समेत एसएसपी गरिमा मल्लिक व सिटी एसपी पीके दास के मुताबिक पुलिस वारदात की जांच कई बिंदुओं पर कर रही है। जांच के दायरे में कई प्वाइंट को शामिल किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वारदात में तीन की मौत हो गयी। चौथा एक बच्चा जख्मी है उसकी भी स्थिति गंभीर है। जांच में अब यह मान कर चला जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच यदि कोई विवाद होगा भी तो वह परिजन से ही पता लग सकता है।

निशांत के परिजन हतप्रभ हैं। अभी कुछ दिनों पूर्व ही निशांत परिवार समेत गर्मी की छुट्टियां बिताकर यूरोप से पटना पहुंचे थे। परिवार के हर सदस्य का कहना था कि निशांत काफी हंसमुख स्वभाव के व्यक्ति थे। पुलिस जहां वारदात के पीछे गहरे विवाद पर फोकस कर रही है। वहीं परिजनों की मानें तो पति-पत्नी का संबंध बेहतर था। कोई विवाद उनके बीच नहीं था। यही कारण था कि निशांत के चेहरे पर कभी शिकन नहीं देखी गयी थी।

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अशोक सर्राफ के दो बेटों में निशांत दूसरे नंबर पर थे। परिवार के सदस्य के मुताबिक अशोक सर्राफ चार भाई हैं।अशोक के बाद किशोर सर्राफ,अनुज सर्राफ और मनोज सर्राफ हैं। किशोर पटना सिटी में रहते हैं जबकि अनूप रेडियो स्टेशन के पास और मनोज सर्राफ अशोक सर्राफ के किदवईपुरी मकान में ही ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं। परिजनों को यह यकीन नहीं हो पा रहा कि पारिवारिक कलह के कारण निशांत ने इतना बड़ा कदम उठाया। कारोबार को लेकर भी वह काफी संवेदनशील थे। अभी हाल में ही नया कारोबार शुरू किया था और उसमें सिने तारिका अमिषा पटेल को बुलाकर उसका उद्घाटन कराया था।

एसी रूम व क्लोज रेंज से फायरिंग के कारण नहीं फैली आवाज
परिवार के लोगों के मुताबिक किसी ने भी फायरिंग की आवाज नहीं सुनी। यह माना जा रहा है कि वारदात को देर रात अंजाम दिया गया। घर के लोगों को सुबह आठ बजे उस वक्त पता लगा जब पिता अशोक सर्राफ और बड़े भाई विक्की उनके कमरे में खोजने गये। डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोलने पर अंदर का दृश्य देखकर लोगों के होश उड़ गये। परिवार के लोगों के मुताबिक निशांत व घर के अन्य सदस्यों का कमरा एसी है। उस कारण कमरा एयरटाइट था। उस कारण अंदर से बाहर आवाज नहीं आयी।

जोनल आईजी सुनील कुमार के मुताबिक सभी के सिर में गोली गोली मारी गयी है। आईजी के मुताबिक क्लोज रेंज अर्थात गोली सभी के सिर में सटाकर मारी गयी। सटाकर गोली मारने से तेज आवाज नहीं होती है। यही कारण है कि घर के सदस्यों समेत आसपास के मकान के लोगों ने फायरिंग की आवाज नहीं सुनी। जोनल आईजी के मुताबिक छह लाइन का सुसाइड नोट मिला है। इसके अलावा पीओ(प्लेस ऑफ ऑकरेंस) डिसटर्व मिला। अब तक की जांच से यह पता लगता है कि पति ने पत्नी और बच्चों को गोली मारने के बाद स्वयं गोलीमार कर जान दे दी।

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विवादों की जांच की जाएगी
अभी परिवार के लोग परेशान हैं। कुछ नॉर्मल होने पर उन लोगों से पुलिस संपर्क करेगी। बहरहाल पटना पुलिस फॉरेंसिक विशेषज्ञों से जहां मदद ले रही है वहीं निशांत और उनकी पत्नी अलका के मोबाइल को जांच के लिए रखा गया है। एसएसपी की विशेष टीम दोनों मोबाइल की जांच में जुट गयी है। उसका सीडीआर खंगाला जा रहा है।
आर-पार हो गयी थी गोली, सिर की हड्डी गयी थी टूट : पटना मेडिकल कॉलेज में फॉरेंसिक मेडिसिन के सहायक प्राध्यापक डॉ.संजय कुमार ने तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम किया। फॉरेंसिक सूत्रों के मुताबिक पत्नी और बेटी को बायें ओर से सिर में गोली मारी गयी थी जबकि निशांत ने दाहिने ओर से सिर में गोली मार ली थी। सिर में सटाकर गोली मारने के कारण गोली आरपार हो गयी थी। सिर की हड्डी टूट गयी थी और ब्रेन भी क्षतिग्रस्त हो गया था। वारदात को खाने के चार से पांच घंटे बाद अंजाम दिया गया। यही कारण था कि भोजन की थैली में खाना नहीं बल्कि फ्लूड मिला। मेडिकल के मुताबिक खाने के बाद खाना पचने में चार घंटे का समय लगता है।

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निशांत सर्राफ की मौत की जानकारी मिलते मंगलवार को रामबाग कपड़ा मंडी बंद हो गयी। निशांत सर्राफ रामबाग कपड़ा व्यवसायी संघ के उपाध्यक्ष भी थे। पटना सिटी रामबाग स्थित मकान सह प्रतिष्ठान में निशांत के चाचा किशोर सर्राफ कापरिवार रहता है। यहां भी सन्नाटा पसरा है। सिर्फ कारोबारी और हमददरे की भीड़ लगी है। हर आंखें नम हैं और निशांत के व्यवहार का ही र्चचा हर जगह है। आज निशांत सर्राफ की मौत की खबर जैसे ही रामबाग में कारोबारियों को मिली, कारोबारी अपनी-अपनी प्रतिष्ठान बंद कर दिये । दिनभर निशांत सर्राफ के मौत की खबर की ही र्चचा मंडी में होती रही। पूरा मंडी सन्नाटा पड़ गया। रामबाग में निशांत सर्राफ का धोली सती टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिष्ठान और मारुफगंज में सर्राफ एण्ड सन्स नामक प्रतिष्ठान है, जहां थोक हल्दी, मिर्चा, ड्राई फूड्स बिकता है। स्वभाव से मृदुभाषी निशांत सर्राफ सामाजिक और धार्मिक कायरे में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे। वे मारवाड़ी सेवा समिति के उपाध्यक्ष भी थे। मारवाड़ी सेवा समिति के अध्यक्ष संजीव देवड़ा ने बताया कि निशांत दो भाई थे। बड़ा भाई अमित सर्राफ नाला रोड में अपनी प्रतिष्ठान को संभालता है। जबकि निशांत हाल के दिनों तक पटना सिटी स्थित रामबाग में ही धोली सती प्रा. लिमिटेड के प्रतिष्ठान को संभालते थे। करीब 15-20 दिन पूर्व ही पटना सिटी छोड़कर पटना रहने चले गये थे। निशांत की शादी 2007 में अलका सर्राफ से पश्चिम बंगाल में हुई थी। निशांत सर्राफ की बेटी अनन्या सर्राफ 9 साल की थी, जबकि पुत्र ईशांत सर्राफ चार वर्ष का है। निशांत सर्राफ बेटा-बेटी को बहुत प्यार करते थे।

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