तनवीर लड़ाई में नहीं, मेरी लड़ाई गिरिराज सिंह से है: कन्हैया

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Patna-Mar.24,2019-Ex-president of JNU Students Union Kanhaiya Kumar is addressing a press conference ahead Lok Sabha Election 2019 at Janshakti office in Patna.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के युवा नेता व जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने रविवार को बेगूसराय लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित होने के तुरंत बाद अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी गिरिराज सिंह पर संवाददाता सम्मेलन में तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि हमारा समझौता बेगूसराय की जनता से है। बेगूसराय में कट्टरवादी सोच के खिलाफ युवा जोश मैदान में है। युवा जोश की जीत होगी। कन्हैया ने कहा कि बेगूसराय की जन भावना को ध्यान में रखते हुए मेरे कंधे पर जिम्मेदारी दी गयी है। बात बात में पाकिस्तान भेजने वाले गिरिराज सिंह पाकिस्तान के वीजा मंत्री हैं। देशहित को लेकर भाजपा विरोधी मतों को बिखराव नहीं होने देंगे। मेरा एकतरफा प्यार किसी दल के लिए नहीं बल्कि बिहार की जनता के लिए है। इसलिए हम महागठबंधन को कई सीट पर मदद करेंगे। आज के समय में हमारी लड़ाई भाजपा से है। अगर एक बार फिर बीजपी सरकार में आई तो फिर चुनाव नहीं होंगे।कन्हैया कुमार ने कहा कि जब लोग टिकट के लिए दिल्ली-पटना के दौर लगा रहे थे। तब मैं बेगूसराय में कैंप कर गांव-गांव घूम रहा था। बेगूसराय की जनता से मेरा गठबंधन हो चुका है। मेरे चलते बेगूसराय के लोगों ने गाली सुनी है। इसलिए मैं चुनाव बेगूसराय से ही लडूंगा। मैं बेगूसराय का बेटा हूं। उन्होंने कहा कि बेगूसराय की जनता तो गिरिराज सिंह को हरायेगी ही, पूरे बिहार व देश से भाजपा का सफाया हो जाएगा। उन्होंने महागठबंधन की तरफदारी भी की। उन्होंने कहा कि देशहित में भाजपा विरोधी मत का बिखराव नहीं होना चाहिए। मुझे भाकपा ने बेगूसराय से उम्मीदवार बनाया है और यहां का युवा कट्टरवादी ताकतों खिलाफ हुंकार भरेगा। कन्हैया कुमार ने कहा कि मेरी लड़ाई राजद, रालोसपा, हम और मुकेश सहनी की पार्टी से नही हैं। मेरी लड़ाई संविधान, लोकतंत्र और देश को बर्बाद करने वाले लोगों से है। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हम चुनाव मैदान में आये हैं। उन्होंने गिरिराज सिंह पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा उम्मीदवार तो बेगूसराय आना भी नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामला सहित विभिन्न संघर्षो में वामदलों के साथ राजद और कांग्रेस सड़क पर उतरी थी। 25 अक्टूबर, 2018 को गांधी मैदान में भाकपा की रैली में राजद-कांग्रेस के लोगों ने भी भाजपा को हराने के लिए एकजुट होने की अपील की थी। लेकिन भाकपा को महागठबंधन में जगह क्यों नहीं मिली। इसका जवाब राजद के लोग ही दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम जात पात के आधार पर राजनीति नहीं करेंगे।

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