टेस्ट क्रिकेट में बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं गांगुली,

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली अब बीसीसीआई के नए अध्‍यक्ष होंगे, यह अब तय हो गया है. उनसे मुकाबले के लिए कोई भी नामांकन नहीं हुआ है. सोमवार को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी. दोपहर तीन बजे तक सिर्फ सौरव गांगुली ने ही नामांकन कराया था. हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा 23 अक्‍टूबर को होगी. इस बीच क्रिकेट खिलाड़यों से लेकर अन्‍य क्षेत्रों के भी बड़े लोग उन्‍हें बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं. पाकिस्‍तान से भी उन्‍हें बधाई संदेश आ रहे हैं. हालांकि उनका कार्यकाल करीब दस महीने का ही होगा.

वर्ल्ड क्रिकेट में भारतीय बोर्ड (बीसीसीआई) की छवि बदलाव को देर से स्वीकार करने की रही है. जब टी20 क्रिकेट आया तो बीसीसीआई (BCCI) ने सतर्क प्रतिक्रिया दी. यहां तक कि वर्ल्ड कप-2007 खेलने से पहले भारत ने सिर्फ एक टी20 मैच खेला था. डीआरएस के लिए भारत की ना-नुकुर जगजाहिर है. इन दिनों भारतीय बोर्ड, डे/नाइट टेस्ट मैच से दूर भागता नजर आता है. लेकिन सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) बीसीसीआई के अध्यक्ष बनने के बाद डे/नाइट टेस्ट को लेकर रुख में बदलाव आ सकता है. गांगुली 23 अक्टूबर को अध्यक्ष पद संभालेंगे.

सौरव गांगुली ने साफ कर दिया है कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में डे/नाइट टेस्ट मैच (Day-Night Test) आयोजित कराने का विकल्प है तो भारत को इसमें पीछे रहने के बजाए आगे बढ़ना चाहिए. भारतीय टीम के पूर्व कप्तान ने कहा कि उनकी कार्यसूची में भारतीय टीम द्वारा दिन-रात टेस्ट मैच खेलने का मुद्दा रहेगा. सौरव गांगुली ने कहा, ‘हम इस पर काम करेंगे. इस पर हम किस तरह काम करेंगे, अभी यह कह पाना मेरे लिए जल्दी होगा. एक बार मुझे कार्यभार संभालने दीजिए. उसके बाद हम हर सदस्य से इस पर बात करेंगे.’

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भारतीय टीम के मुख्य कोच पिछले साल वेस्टइंडीज के साथ डे/नाइट टेस्ट मैच खेलने के लिए राजी हो गए थे. बाद में उन्होंने प्रशासकों की समिति (सीओए) को पत्र लिखकर कहा था कि टीम इसके लिए तैयार नहीं है और उसे 12 से 18 महीने रात में गुलाबी गेंद से खेलने में लगेंगे.

एक आम राय यह थी कि टेस्ट चैंपियनशिप में डे/नाइट टेस्ट मैच खेलने का प्रावधान नहीं है. इसलिए कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली भी इसके पक्ष में नहीं हैं. लेकिन गांगुली ने कहा कि टेस्ट चैंपियनशिप में डे/नाइट मैच नहीं होंगे, यह मानना गलत होगा. उन्होंने कहा, ‘विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में डे/नाइट टेस्ट मैच हैं. एडिलेड गुलाबी गेंद (Pink Ball Cricket) से होने वाले टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा. मुझे नहीं लगता कि यह कहना सही होगा कि विश्व चैंपियनशिप में डे/नाइट टेस्ट मैच नहीं होंगे.’

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के एक सीनियर अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया है कि अगर दोनों टीमें राजी हो जाती हैं तो टेस्ट चैंपियनशिप में दिन-रात टेस्ट मैच खेलने का प्रावधान है. इस अधिकारी ने कहा, ‘दोनों सदस्यों की रजामंदी से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भी डे/नाइट टेस्ट मैच खेले जा सकते हैं.’

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इस बीच भाजपा के कद्दावर नेता और देश के गृह मंत्री अमित शाह का भी बड़ा बयान सामने आया है. एक चैनल पर किए गए सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा कि बीसीसीआई अध्‍यक्ष चुनने में उनकी कोई भी भूमिका नहीं है. उन्‍होंने इस बात से भी साफ इन्‍कार किया कि सौरव गांगुली और उनमें किसी प्रकार की डील हुई है. उन्‍होंने किसी प्रकार की डील या बैठक से भी इन्‍कार कर दिया. चैनल से बातचीत करते हुए बीसीसीआई अध्‍यक्ष ने साफ किया कि बीसीसीआई अध्‍यक्ष कौन होगा, यह सब वह तय नहीं करते. बीसीसीआई की अपनी चुनाव प्रक्रिया है. उसी के आधार पर यह सब तय हुआ है.

जब अमित शाह से पूछा गया कि सौरव गांगुली के बीसीसीआई अध्‍यक्ष बनने के बदले पश्‍चिम बंगाल में 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव में वे भाजपा का चेहरा होंगे. इस पर अमित शाह ने कहा कि यह सब बातें गलत हैं. भाजपा को पश्‍चिम बंगाल में किसी चेहरे की जरूरत नहीं है. उन्‍होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में भी भाजपा पश्‍चिम बंगाल में बिना किसी चेहरे के ही लड़ी थी, इसके बाद भी 18 सीटें जीतने में कामयाबी हासिल की. उन्‍होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि चेहरों की जरूरत नहीं है, लेकिन हम किसी एक के बिना भी चुनाव जीतने की क्षमता रखते हैं.

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इससे पहले भी सौरव गांगुली के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थी. वहीं अमित शाह और सौरव गांगुली की मुलाकात भी हुई थी. अमित शाह ने कहा कि सौरव गांगुली उनसे मिलने कभी भी आ सकते हैं. अमित शाह भी क्रिकेट से लंबे अर्से तक जुड़े रहे हैं. वहीं अमित शाह के बेटे जय शाह सौरव गांगुली के साथ बीसीसीआई के सचिव बनने जा रहे हैं.

वहीं पूर्व कप्‍तान और अब बीसीसीआई के अध्‍यक्ष बनने जा रहे सौरव गांगुली ने भी कहा है कि वह अमित शाह से पहली बार ही मिले, लेकिन इस दौरान बीसीसीआई में किसी पद के बारे में कोई बात नहीं हुई थी. सौरव गांगुली ने कहा था कि इस बारे में कोई सवाल नहीं किया गया कि क्‍या मुझे कोई पोस्‍ट मिलेगी या नहीं, न ही इस तरह की बात हुई कि यदि आप सहमत हुए तो आपको यह मिलेगा. किसी तरह के राजनीतिक घटनाक्रम पर बात नहीं हुई.

 

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