टीसीएस से आईटी हब बन सकता है बिहार

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केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिहार को आईटी क्षेत्र में पहचान के लिए पहल शुरू कर दी है। आईटी क्षेत्र में देश व विदेशों में अपनी डुगडुगी बजाने वाली टाटा कंपनी का एक बड़ा केन्द्र पटना में स्थापित करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी सिलसिले में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रोखरन ने केंद्रीय कानून व न्याय, संचार और इलेक्ट्रनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से दिल्ली में मुलाकात की है।दोनों ने भारत के डिजिटल सेक्टर से जुड़े विषयों पर र्चचा की और एक उज्जवल डिजिटल भविष्य के निर्माण के लिए नए पहलों पर र्चचा की है।केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेन्सी सर्विसेज या टीसीएस जल्दी ही पटना में अपना एक बड़ा केंद्र शुरू करने जा रही है।टीसीएस का ये केंद्र बिहार में किसी बड़ी बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी द्वारा किया गया पहला बड़ा निवेश होगा। श्री प्रसाद ने ये आशा जताई कि टीसीएस जैसी बड़ी कंपनी का बिहार में निवेश एकअच्छी शुरुवात है और इस से प्रेरित हो कर अन्य आईटी कंपनियां भी बिहार में निवेश करने के लिए आगे आएंगी।ऐसी उम्मीद है की पटना साहिब के लोक सभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद जल्दी ही टीसीएस के पटना केंद्र का उद्घाटन करेंगे।लोक सभा चुनाव 2019 में भारी जीत के बाद टीसीएस जैसे बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनी का पटना में पदार्पण रविशंकर प्रसाद के प्रयासों से संभव हो पाया है। ये बिहार में निवेश और रोजगार के अवसर पैदा कराने की दिशा में किया गया एक सफल और सकारात्मक प्रयास है। उल्लेखनीय रहै कि 2014 में सत्ता संभालते ही प्रधानमन्त्री मोदी ने देश को उत्पादन व विनिर्माण का हब बनाने की दिा में ‘‘मेक इन इंडिया’ और डिजिटल इंडिया जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे, जिनके कारण विगत पांच वषों में भारत के मैन्युफैक्टरिंग सेक्टर में एक क्रांतिकारी बदलाव आया है। मई में जारी आंकड़ो के मुताबिक इस इंडेक्स में भारत 52.7 अंक पर आ गया है, जो अप्रैल में 51.8 अंक पर था। मैन्युफैक्टरिंग सेक्टर के रफ्तार पकड़ने से इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं। एक मासिक सव्रेक्षण के मुताबिक, सामानों के उत्पादकों की संख्या बढ़ने, मांग में वृद्धि के कारण नए अर्डर में ठोस बढ़ोत्तरी के कारण इस क्षेत्र में काफी संख्या में नए उधोग स्थापित हो रहे हैं, जिनसे लोगों को लगातार रोजगार मिल रहा है।

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