टीवी पर इंटरव्यू के एवज में पैसे लेता था निर्भया का दोस्त

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देश के जाने माने पत्रकार और दो हिन्दी चैनलों को संपादक रहे अंजीत अंजुम ने दावा किया है कि निर्भया गैंगरेप के वक्त पीड़िता के साथ मौजूद उसका दोस्त टीवी चैनलों में इंटरव्यू देने के एवज में हजारों रुपये लेता था. पूर्व संपादक अंजुम ने यह दावा शनिवार को किए सिलेसिलेवार ट्वीट्स में किया है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि इंटरव्यू के बदले पैसे लेते हुए उन्होंने निर्भया के दोस्त का एक स्टिंग भी किया था.

निर्भया गैंगरेप की वारदात के बाद दिल्ली के तमाम टीवी चैनलों में पीड़िता के दोस्त के इंटरव्यू ऑन एयर हुए थे. इस पर अंजीत अंजुम ने ट्वीट करते हुए दावा किया कि गैंगरेप की रात पीड़िता के साथ मौजूद उसका दोस्त बाद में टीवी चैनलों पर इंटरव्यू देने के एवज में हजारों रुपये लेता था. अजीत अंजुम ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने एक टीवी का संपादक रहते हुए इंटरव्यू देने के बदले निर्भया के दोस्त के सामने उसके चाचा को 70 हजार रुपये दिए थे.

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अजीत अंजुम ने ट्वीट कर बताया कि निर्भया गैंगरेप पर बनी नेटफ्लिक्स की वेबसीरीज दिल्ली क्राइम देखने के बाद उन्होंने इस घटना के बारे में सार्वजनिक रूप से लिखा है. इस वेबसीरीज में भी पीड़िता के दोस्त का रोल निगेटिव दिखाया गया था. पत्रकार ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा कि जिसकी गर्लफ्रेंड के साथ उसके सामने ही ऐसी दरिंदगी हुई हो और उसकी जान चली गई हो, ऐसे में कैसे वह उस वारदात के बारे में बताकर लाखों रुपये कमाने में लगा है. अंजुम ने कहा कि मैंने कभी भी उस लड़के की आंखों में दर्द नहीं देखा.

दिल्ली की वो काली रात…

गौरतलब है कि देश भर को झकझोर देने वाली ये वारदात दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 की सर्द रात की है. लड़की अपने दोस्त अवनींद्र पांडे के साथ ‘लाइफ ऑफ पाई’ फिल्म देखकर निकली थी. इसके बाद वह मुनिरका से अपने दोस्त के साथ चार्टर्ड बस में चढ़ गई. इस बस में छात्रा के साथ कई बार गैंगरेप किया गया और बाद में बेसुध हालत में उसको उसके दोस्त के साथ सड़क पर फेंक दिया. आरोपियों ने सड़क पर फेंकने के बाद दोनों को कुचलकर मारने का भी प्लान बनाया था. बाद में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई.

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