ज्ञान, संस्कृति और दर्शन का केंद्र बनेगा राजगीर: नीतीश

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‘‘भगवान बुद्ध के राह पर चलने से ही विश्व में शांति कायम रह सकेगी। विश्व में लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर ऐतिहासिक स्थल है। आने वाले समय में यहां ज्ञान, संस्कृति, दर्शन का ऐसा केंद्र बनेगा, जहां प्राचीन परंपराओं का आदान-प्रदान होगा।’ये बातें राजगीर के रत्नागिरी पर स्थित विश्व शांति स्तूप के 49वें वार्षिकोत्सव में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा कि राजगीर का विश्व शांतिस्तूप शांति और मैत्री का प्रतीक है। भारत और जापान ने मिलकर इसे शांति की स्थापना के लिए बनवाया था। यहीं के गृद्धकूट पर्वत पर भगवान बुद्ध ने उपदेश दिया था। यहां से भगवान महावीर का भी संबंध रहा है। मखदूम साहब, गुरुनानक साहब भी यहां आये थे। उन्होंने कहा कि नालंदा विविद्यालय का पुनरुद्धार हो रहा है।इसमें जापान का भी सराहनीय योगदान है। नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विविद्यालय में कई विषयों की पढ़ाई होगी और यह एक कंप्लीट रिजॉयुलुशन सेंटर भी बनेगा। उन्होंने कहा कि विश्वशांति स्तूप अगले वर्ष 50वां वार्षिकोत्सव मनायेगा, जो जुबली वर्ष के रूप में होगा। इस दौरान विशेष कार्यक्रम का आयोजन होगा। अगले जुबली वर्ष के पूर्व राजगीर में नए रोपवे और नई सीढ़ी का निर्माण होगा। 50वें वार्षिकोत्सव में राष्ट्रपति को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल स्थल पर बुद्धिज्म को जोड़ने के लिए केंद्र को पहल करनी चाहिए। वैसे हम पर्यटन के क्षेत्र में हर तरह का विकास कर रहे हैं। राज्य के सभी बुद्धिस्ट स्थल को जोड़ने के लिए सड़क व रेलवे के अलावा हवाई अड्डे का निर्माण कार्य के लिए प्रयास जारी है। उन्होंने वैशाली में बुद्ध सम्यक संग्रहालय व विश्व संवाद केंद्र बनाने की घोषणा भी की।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बोधगया, वैशाली, राजगीर बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए विशिष्ट है। बौद्ध मतावलंबी देशों का एक इंटरनेशनल लिंक बनना चाहिए। गया में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रेग्युलर फ्लाइट की व्यवस्था हो जाने से विदेशी लोग आसानी से आ सकते हैं। गया और पटना के बीच बेहतर सड़क के निर्माण से कुछ दिनों में राजगीर आने में एक से सवा घंटे का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि बुद्धिस्ट प्लेस को लिंक करने के लिए सेमी हाई स्पीड ट्रेन के माध्यम से जोड़ने की योजना है। इसके लिए जापान की विशेषज्ञ टीम ने बिहार आने की सहमति दी है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने वन गंगा से छबिलापुर मोड़ के लिए एलिवेटेड सड़क के निर्माण की संभावनाओं का जायजा लिया। इसेक बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें एलिवेटेड सड़क के निर्माण के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राजगीर में पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा। साथ ही लोगों का आवागमन भी बढ़ेगा। एलिवेटेड सड़क बनाकर उसे फोर लेन से जोड़ा जा सकता है।

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