जो समाज और देश शिक्षा को सर्वाधिक महत्व देता है, वही तेजी से प्रगति करता है :राज्यपाल

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Patna-Dec.26,2017-Bihar Governor Satyapal Mallik is lighting the lamp to inaugurating convocation function of Nalanda Open University at Samrat Ashoka Convention Centre in Patna.

राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक ने कहा कि जो समाज और देश शिक्षा को सर्वाधिक महत्व देता है, वही तेजी से प्रगति करता है। तालीम से बढ़कर दूसरी कोई ताकत नहीं। शिक्षा मनुष्य को नैतिक मूल्यों और आदशरे के प्रति आस्थावान बनाती है। कोई भी मुल्क आतंकी गतिविधियों, सैनिक आक्रमण या रॉकेटों के बल-बूते नष्ट नहीं किया जा सकता, बल्कि वह संकटग्रस्त तभी होता है जब वहां की शिक्षा व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो जाती है। उन्होंने ये बातें नालंदा खुला विविद्यालय (एनओयू) के 12वें दीक्षांत समारोह में अपने अध्यक्षीय भाषण में कही। समारोह में राज्यपाल ने 29 टॉपर छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि आज बिहार में महिला सशक्तीकरण के प्रयासों का काफी सार्थक नतीजा दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि 29 स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं में लड़कियों की संख्या 20 होना साबित करता है कि लड़कियां अपनी प्रतिभा का समुचित सदुपयोग कर रही हैं। उन्होंने आह्वान किया कि छात्रों को भी पढ़ाई में मन लगाकर कम-से-कम बराबरी पर जरूर आना चाहिए। राज्यपाल ने पिछलों दिनों कुलपतियों की बैठक की र्चचा करते हुए कहा कि विविद्यालय व महाविद्यालय को अपने सभी भवनों में छात्राओं के लिए वाशरूम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इनके बगैर नये महाविद्यालयों को प्रस्वीकृति प्रदान नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि छात्राओं के लिए गर्ल्स कॉमन रूम, बायोमेट्रिक पद्धति से हाजिरी की व्यवस्था सभी विविद्यालयों को एक निर्धारित समयावधि में करनी होगी। सभी विविद्यालयों को आगामी वर्ष का एकेडमिक कैलेंडर और परीक्षा कैलेंडर शीघ्र तैयार कर उनका कार्यान्वयन सुनिश्चित करना होगा। राज्यपाल ने आवश्स्त किया कि राजभवन विविद्यालयों की स्वायत्तता को लेकर कोई भी हस्तक्षेप की मंशा नहीं रखता और उनकी समस्याओं को लेकर भरपूर सहयोग का नजरिया रखता है। मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कहा कि नालंदा खुला विविद्यालय के विद्यार्थियों को दहेज उन्मूलन के लिए जागरूकता अभियान को तेज करने में सहयोग करना चाहिए। समारोह में कुलपति प्रो. आरके सिन्हा ने विविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विविद्यालय के 98 वर्षीय छात्र राजकुमार वैश्य को पीजी में उपाधि प्रदान की गयी। धन्यवाद ज्ञापन विविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एसपी सिन्हा ने किया। 
अभिषेक आनंद (बॉटनी) : पढ़ाई में कभी पीछे नहीं हटा। कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल हुआ है। इस पल को भुलाया नहीं जा सकता। डॉली कुमारी (भूगोल) : गुरुजनों व बड़ों के अर्शीवाद से यह मुकाम हासिल हुआ। शिक्षा के क्षेत्र में आगे पढ़ाई जारी रखना है। समाज की सेवा करना अच्छा लगता है।एकता वर्मा (एमजेएमसी) : लिखना-पढ़ना अच्छा लगता है। पत्रकारिता के क्षेत्र में आकर देश और समाज की सेवा करना अच्छा लगता है।विष्णु प्रिया (प्रशासन) : कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल हुआ। आगे चलकर देश की सेवा करने की इच्छा है।शिवानी राय (इनवायरमेंटल साइंस) : मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। आज की लड़कियां किसी भी चीज में पीछे नहीं हैं। पूजा श्री (केमेस्ट्री) : लड़कियां चाह लें तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। कोई भी मुकाम पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। 
राज कुमार वैश्य (उम्र 98 वर्ष) : तालीम पाने के लिए उम्र बाधक नहीं होती, केवल ईच्छा होनी चाहिए। देश और समाज की सेवा में बच्चों को आगे आना चाहिए। सफलता कड़ी मेहनत से प्राप्त होती है। आज समाज को शिक्षा की जरूरत है। नौजवानों को इसमें आगे आने चाहिए ताकि हमारा समाज शिक्षित हो सके।

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