जोकीहाट उपचुनाव में सभी ने झोंकी ताकत

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जोकीहाट विधान सभा उप चुनाव का प्रचार अंतिम दौर में पहुंच गया है। लोकसभा चुनाव से करीब एक पहले साल हो रहे जोकीहाट विधान सभा उप चुनाव को सत्ताधारी राजग और महागठबंधन के नेता लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर लड़ रहे हैं। सत्ताधारी जदयू ने जहां अपनी पूरी ताकत झोंक दी है तो प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव भी कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। जोकीहाट सीट पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रतिपक्ष के तेजस्वी प्रसाद यादव की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। नीतीश कुमार को जहां सीट बचाने की चुनौती है। वहीं तेजस्वी प्रसाद यादव जदयू से यह सीट किसी भी हालत में छीनने की जुगत में लगे हैं। मुख्य मुकाबला राजद के शहनवाज आलम और जदयू के मुर्शीद आलम के बीच ही माना जा रहा है। हालांकि नौ उम्मीदवार चुनावी दंगल में हैं। जोकीहाट दूसरी बार उप चुनाव हो रहा है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू उम्मीदवार मुर्शीद आलम के पक्ष में चुनावी सभा कर लौट आये हैं तो प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव दो दिनों से जोकीहाट में ही डटे हुए हैं और अपने उम्मीदवार शाहनवाज के समर्थन में पसीना बहा रहे हैं। उनकी चुनावी 26 को भी कई को कई स्थानों पर निर्धारित है। बिहार सरकार के कई मंत्री और जदयू के अधिकांश नेता भी जोकीहाट में ही कैंप किये हुए हैं। जवाब में राजद के भी सभी बड़े नेता जोकीहाट में डटे हुए हैं। जोकीहाट विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 1967 के आम चुनाव में अस्तित्व में आया था। अब तक इस क्षेत्र में 14 चुनाव हो चुके है। इस उप चुनाव को जोड़ दिया जाये तो जोकीहाट के लोग 15वीं बार अपना विधायक चुनेंगे। इस विधान सभा क्षेत्र के 14 चुनावों में नौ चुनाव तस्लीमुद्दीन के परिवार को लोग ही जीते हैं। इनमें तस्लीमुद्दीन पांच और उनके पुत्र सरफराज आलम ने चार बार चुनाव जीतने का कीर्तिमान बनाया है। सरफराज दो बार जदयू के टिकट पर तो दो बार राजद के टिकट पर जीते हैं। तस्लीमुद्दीन पहली बार 1969 में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीत कर यहां से विधान सभा पहुंचे थे।इस सीट से जदयू उम्मीदवार मुर्शीद आलम भी पूर्व विधायक और अब सांसद सरफराज आलम की तरह कई मामलों में आरोपी हैं, जिनमें बलात्कार, मूर्ति चोरी और हत्या के प्रयास जैसे मामले हैं। इस बार का मुकाबला त्रिकोणीय है लेकिन राजद अपनी जीत के प्रति अश्वस्त इस आधार पर दिख रहा है कि दो महीने पूर्व हुए अररिया लोकसभा सीट के उपचुनाव में जोकीहाट विधानसभा से राजद को अस्सी हजार को बढ़त मिली थी। हालांकि पिछले चार चुनावों से जीत का रिकार्ड जदयू के नाम ही है।गौरतलब है कि 2015 के बिहार विधान सभा चुनाव में जदयू के टिकट पर सरफराज आलम ने जीत दर्ज की थी। सरफराज आलम जदयू और विधान सभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर राजद में शामिल हो गये थे और अररिया लोकसभा उपचुनाव में जीत दर्ज कर चुके हैं। इसी कारण यह उप चुनाव कराया जा रहा है। हालांकि सरफराज आलम भी पहली बार 1996 में अपने पिता तस्लीमुद्दीन के लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद उप चुनाव में जीत दर्ज कर विधान सभा पहुंचे थे। राजद ने तस्मीलुद्दीन के पुत्र व सरफराज के छोटे भाई शहनवाज आलम को चुनावी दंगल में उतारा है। मालूम हो कि जोकीहाट विधान सभा सीट पर चुनाव 28 मई को होगा और मतगणना 31 मई को होगी। 

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