जीपीएस लगे वाहनों से ही होगी लघु खनिज की ढुलाई : खनन मंत्री

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पटना :खान एवं भूतत्व मंत्री बिनोद कुमार सिंह ने कहा कि लोगों के हित में बालू और मिट्टी के अवैध खनन पर रोक लगायी गयी है। बालू के अवैध खनन पर रोक लगाने के कारण कुछ दिन तो लोगों को परेशानी हुई, लेकिन अब अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। आम लोगों को 3200 से लेकर 4000 रुपये तक प्रति सौ सीएफटी बालू मिल रहा है। कुछ जगह महंगा बालू मिलने का मुख्य कारण परिवहन पर खर्च है। राज्य में निजी कार्य में मिट्टी के खनन पर कोई रोक नहीं लगायी गयी है। राज्य में आठ जून से जीपीएस लगे वाहनों से ही लघु खनिज की ढुलाई होगी।मंत्री बुधवार को सूचना भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में 1002.02 करोड़ रुपये के राजस्व की वसूली हुई है। बालूघाटों की बंदोबस्ती पंचांग वर्ष के आधार पर जिलावार एक इकाई के रूप में लोक नीलामी के माध्यम से की जाती है। नई बालू नीति के तहत पटना, भोजपुर एवं सारण जिले को एक इकाई, रोहतास एवं औरंगाबाद को एक इकाई और जमुई एवं लखीसराय जिले को एक इकाई के रूप में बंदोबस्ती का प्रावधान किया गया है। राज्य के 29 जिलों में बालू खनिज उपलब्ध है। इन जिलों के 25 बालूघाट इकाइयों के रूप में संगठित किया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं परिवन की रोकथाम के लिए समाहर्ता की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में टास्क फोर्स गठित है। टास्क फोर्स द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 में 11801 छापेमारी की गयी जिसमें 2692 प्राथमिकी दर्ज करायी गयी और 8.33 करोड़ रुपये अर्थ दंड के रूप में वसूले गये। उन्होंने कहा कि पटना एवं सारण के नदी क्षेत्र चिंता का विषय बने हुए हैं जहां नाव से बालू अवैध रूप से लायी जाती है। उन्होंने कहा कि भोजपुर जिले में सबसे ज्यादा बालू के अवैध खनन हुए हैं। जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ओवर लोडिंग और अवैध ढुलाई रोकने के लिए सभी वाहनों में जीपीएस लगाये जा रहे हैं। राजस्व में वृद्धि करने के लिए सासाराम, नवादा, शेखपुरा, भागलपुर एवं गया जिले में नये पत्थर भूखंडों को चिह्नित कर उसकी बंदोबस्ती लोक नीलामी ई.टेंडरिंग के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के विकल्प के रूप में ईट के निर्माण में फ्लाई ऐश के उपयोग को लेकर विभाग कार्रवाई कर रहा है। राज्य में 6400 ईट भठ्ठे हैं। इतने ही फ्लाई ऐश की स्थापना की जायेगी। ईट निर्माण के लिए पावर कंपनी पावर प्लांट से तीन सौ किलोमीटर दूरी तक मुफ्त में फ्लाई ऐश पहुंचायेगा। प्रधान सचिव अतुल प्रसाद ने कहा कि बालू घाटों का हवाई सव्रे मानसून से पहले और मानसून के बाद कराया जायेगा। राज्य में बालू के जितने चलान काटे गये थे। उससे 10 फीसद अधिक बालू का उत्खनन हुआ है। कई जगह तालाब जैसा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को बालू मिलने में कोई कठिनाई नहीं हो रही है। पटना में 3200 रुपये सौ सीएफटी बालू मिल रहा है। उन्होंने कहा कि निजी कार्य के लिए मिट्टी खनन पर कोई रोक नहीं है। इस संबंध में सभी जिलों को दिशा निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के सभी कार्य विभागों में फ्लाई ऐश का ही उपयोग किया जायेगा। इसको लेकर सभी विभागों को निर्देश दिये जा चुके हैं। 

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