जीएसटी युगांतकारी पहल, सफल रहा पहला साल : उपमुख्यमंत्री

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पटना-उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में लागू सबसे बड़े कर सुधार कार्यक्रम से राजस्व संग्रह में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान प्रत्यक्ष और परोक्ष करों के जरिये 4 लाख करोड़ रुपये तक की वृद्धि का अनुमान है। ये संसाधन गरीबों के लिए योजनाएं लागू करने में तो काम आएंगे ही, कर प्रशासन में सरलता और पारदर्शिता बढ़ने से छोटे और मझोले कारोबारियों को भी लाभ मिलेगा। श्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि देश के 31 राज्यों ने जीएसटी बिल पारित कर इसके संघात्मक स्वरूप को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए इसे सरल और तर्कसंगत बनाने की जो प्रक्रिया शुरू की गई, वह आगे भी जारी रहेगी। पेट्रोलियम और कुछ अन्य वस्तुओं को भी जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। कांग्रेस ने नोटबंदी की तरह जीएसटी का भी विरोध किया और व्यापारियों को भड़काने की कोशिश की, लेकिन उन्हें नकार दिया गया। नयी कर व्यवस्था की सफलता में सहयोग के लिए हम करदाताओं के आभारी हैं।

पटना – उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि ठीक एक साल पहले ‘‘एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार’ की अवधारणा को साकार करते हुए नरेन्द्र मोदी की सरकार ने जीएसटी लागू किया। यह एक क्रान्तिकारी व युगान्तकरी पहल थी। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से भ्रष्टाचार पर कारगर रोक लगी।जीएसटी कार्यान्वयन के एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि पूर्व की सरकार को जीएसटी लागू करने की हिम्मत नहीं थी क्योंकि उसने राज्यों का भरोसा खो दिया था। अरुण जेटली के नेतृत्व में जीएसटी काउंसिल ने असंभव काम को संभव कर दिखाया। जीएसटी लागू होने से जहां भ्रष्टाचार पर कारगर रोक लगी, चेक पोस्ट हट गए,इंस्पेक्टर राज का खात्मा हुआ वहीं पारदर्शिता आई। श्री मोदी ने कहा कि पिछले 9 महीने में 8 लाख 20 हजार करोड़ तथा एक साल में 11 लाख करोड़ का राजस्व 12 प्रतिशत वृद्धि के साथ जीएसटी के अन्तर्गत प्राप्त हुआ है। इस साल 1 लाख करोड़ वृद्धि के साथ 12 लाख करोड़ राजस्व संग्रह का लक्ष्य है। कर राजस्व बढ़ने के साथ 28 प्रतिशत कर की दर से अनेक चीजों को बाहर किया जा सकता है। जल्द ही विवरणी दाखिल करने का नया फॉर्म जारी किया जायेगा। कर वंचना करने वालों को सावधान करते हुए कहा है कि जीएसटी पूरी तरह से आईटी पर आधारित है। कर वंचना करने वाले आज नहीं तो कल पकड़े जायेंगे। कोई यह न समझे कि कम्प्यूटर उनकी चालाकी को नहीं समझेगा। उन्होंने कहा कि पहले साल का प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा है। लोगों को डर था कि जीएसटी आने के बाद महंगाई बढ़ जायेगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जीएसटी में आने के बावजूद पेट्रोलियम पदार्थो की कीमत में कमी संभव नहीं होगी क्योंकि 28 प्रतिशत कर स्लैब में आने के बावजूद राज्यों को उसके बाद करारोपण का अधिकार होगा। 

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