जिम्मेदारी पर खरा नहीं उतरे तो जवाबदेही तय होगी:राज्यपाल

0
36
PATNA RAJ BHVAN MEIN SAMAROH KA UDGHATAN KERTE RAJ PAL LAL JI TONDON

राज्यपाल लालजी टंडन ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, प्रति कुलपतियों और विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों और विवि के अधिकारियों को दो टूक कहा-जिम्मेदारी पर खरा नहीं उतरे तो जवाबदेही तय होगी। केंद्र और राज्य सरकार धन और साधन की विवि को कमी नहीं होने दे रही है, इसलिए छात्र हित में काम करें। भ्रष्टाचार किसी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा में बिहार का प्राचीन गौरवशाली इतिहास रहा है, इससे कोई खिलवाड़ न करें। विवि और और कॉलेजों में अराजकता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी व्यक्ति का नाम लिए बिना कहा-बड़े-बड़े लोग जिन्हें सत्ता सिंहासन पर होना चाहिए, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में हैं। गुरुवार को वे राजभवन के राजेंद्र मंडप में दो दिवसीय नैक जागरुकता व प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
कार्यशाला के दौरान विवि के अधिकारी व कॉलेज प्राचार्य के झपकी लेने पर राज्यपाल ने चेताया- अभी भी सो रहे हैं, तो जागना पड़ेगा। विवि, कॉलेज और शिक्षकों को स्वच्छ वातावरण में छात्रों के भविष्य निर्माण के लिए काम करना होगा। देश बदल रहा है तो कुछ न कुछ सब व्यक्ति में भी सकारात्मक बदलाव लाना होगा। अब विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मियों समय पर नहीं मिलने की शिकायत नहीं है। सेवानिवृत्ति लाभ के लिए कर्मियों को भटकना नहीं पड़ रहा है। लोकतंत्र में कुछ विषयों पर मतभेद हो सकता है, लेकिन शिक्षा के हित में सरकार, यूजीसी, मुख्य सचिव या प्रधान सचिव सभी की एक राय है। शीर्ष अधिकारी योगदान के लिए तैयार हैं।
राजभवन के राजेंद्र मंडप में दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते राज्यपाल लालजी टंडन।
अगले चरण के लिए करें मेहनत
उन्होंने कहा कि नैक एक्रीडिएशन किस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं, इस कार्यशाला में प्राचार्य सीख लें। कुछ विश्वविद्यालय तो कल्पना से भी ज्यादा अच्छा काम कर रहे हैं। नैक एक्रीडिएशन के लिए पहला चरण तो पूरा हो गया है, अब अगले चरणों में सफलता हासिल करने के लिए मेहनत करनी होगी। कमी को दूर करना होगा।
विवि-कॉलेज रोडमैप बनाकर करें काम
मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को रोडमैप बना कर उच्च शिक्षा की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। सरकार के साथ विश्वविद्यालयों और विश्वविद्यालयों का कॉलेजों के साथ एमओयू साइन होना चाहिए कि शाॅर्ट, मिडिल और लॉन्ग टर्म में क्या-क्या काम पूरा करना है। इसको वेबसाइट पर भी दिखाया जाना चाहिए कि एमओयू के आधार पर काम पूरा करने में कौन फेल साबित हुआ। सीएस ने कहा कि साइंस कॉलेज, पटना वीमेंस कॉलेज, टीएनबी कॉलेज सहित विभिन्न विवि में कुछ कॉलेज ब्रांड रहे हैं। बिहार मूल के विवि में शिक्षक बेहतर काम रहे हैं। अब तो सरकार पूरा रिसोर्स दे रही है, सुधार नहीं होने का कोई कारण नहीं हो सकता है।
मानकों की दी जानकारी
तकनीकी सत्र में नैक के पूर्व सलाहकार डॉ. बीएस मधुकर ने कहा कि नैक एक्रीडिएशन के विभिन्न चरणों में बेहतर प्रदर्शन जरूरी है। इसके लिए विवि और कॉलेज जागरूक रहें। ऑनलाइन फार्म भरने की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। प्रो. बीबीएल दास ने भी विचार रखा। बेंगलुरु के नैक सलाहकार डॉ. के. रमा ने आईसीटी इनेबल आरएएफ प्रोसेस एंड प्रिपेयर्डनेस पर जानकारी दी। उन्होंने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता विकास और नैक के मानकों पर विस्तार से चर्चा की। तीसरे सत्र में इंस्टीट्यूशनल इनफॉर्मेशन ऑर क्वालिटी एसेसमेंट और सेल्फ स्टडी रिपोर्ट में डाटा टेम्पलेट्स के उपयोग पर प्रो. प्रतोष बंसल ने जानकारी दी। इस पर प्रो. आई एन मिश्रा ने विचार रखा। नैक सलाहकार डॉ. रूचि त्रिपाठी, डॉ. अरविंद कुमार झा और डॉ. सरदार अरविंद सिंह ने भी प्रस्तुतीकरण दिया।

यह भी पढ़े  मैट्रिक परीक्षा के नतीजे घोषित ,सिमुलतला के छात्रों ने फिर लहराया परचम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here