जालसाजों पर भारी पड़ी पटना पुलिस

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PATNA SSP OFFICE MEIN GIRAFTAR KIDNEPERS

तीन राज्यों की पुलिस की, ठगी से नींद उड़ाने वाले संदीप राज को कोतवाली पुलिस ने होटल में छापेमारी कर दबोच लिया। उसने मेडिकल में एडमिशन के नाम पर करोड़ों की ठगी की है। बिहार-झारखंड के अलावा बंगाल पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। एसएसपी मनु महाराज ने उसे कोतवाली थाना क्षेत्र के एक होटल से दबोचे जाने की जानकारी दी।पुलिस के मुताबिक संदीप अपनी पहचान छुपाकर बुद्धा स्मृति पार्क के समीप स्थित एक होटल में ठहरा था। पुलिस को इसकी भनक लगी। होटल के कमरा नंबर 116 से पुलिस टीम ने ठग संदीप को दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक बेगूसराय के अखिलेश ने कोतवाली थाने में 12 सितम्बर को मामला दर्ज कराया था कि उससे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर संदीप ने 40 लाख रुपये लिये हैं। वह न तो एडमिशन करा रहा है और ना ही उसके पैसे लौटा रहा है। इसके बाद पुलिस ने संदीप की टोह लेनी शुरू कर दी थी। एसएसपी के मुताबिक संदीप मूलत: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा का निवासी है। उसके खिलाफ कोलकाता के विधान नगर में भी ठगी का मामला दर्ज है। उसके आपराधिक इतिहास को पुलिस खंगाल रही है।

पटना पुलिस के हाथ एक ऐसा गिरोह सरगना लगा है जो कंसल्टेंसी की आड़ में लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था। जालसाज भवन निर्माण विभाग के सफल सहायक अभियंता अभ्यर्थी से नौकरी दिलाने के नाम पर रकम मांग रहे थे। विभाग ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और पुलिस ने गिरोह सरगना मनु को दबोच लिया। एसएसपी मनु महाराज ने यह जानकारी प्रेस कांफ्रेंस में दी।एसएसपी के मुताबिक भवन निर्माण विभाग में बहाली की प्रक्रिया चल रही है। अभ्यर्थियों की काउंसलिंग चल रही है। इस बात की जानकारी ठग गिरोह को लगी और वे लोग अभ्यर्थियों को फोन कर काउंसलिंग में सफल कराने का झांसा देकर रकम की मांग कर रहे थे। बदमाश अभ्यर्थियों से 25 से 80 हजार तक की रकम की डिमांड कर रहे थे। कुछ अभ्यर्थियों ने विभागीय अधिकारियों से मिलकर इस तय से अवगत कराया। विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में बदमाशों के खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में मामला दर्ज कराया था। एसएसपी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस की विशेष टीम ने बदमाशों के बारे में जानकारी हासिल की। बदमाशों के वे मोबाइल नंबर खंगाले गये जिनसे रकम की मांग की गयी थी। शास्त्रीनगर थाने के इंस्पेक्टर निहार भूषण व पुलिस टीम ने नालंदा जिले के कतरी सराय में छापेमारी कर गिरोह सरगना मनु प्रसाद को दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से 15 मोबाइल फोन व पांच चार्जर बरामद किया। पुलिस के मुताबिक गिरोह में तीन दर्जन ठग शामिल हैं। ये लोग नंबर बदल-बदल कर अभ्यर्थियों से संपर्क साधते थे। पुलिस अन्य की तलाश कर रही है।

जहानाबाद डीएम कार्यालय से रिटार्यड कर्मी मदन मोहन प्रसाद के बेटे पंकज को अगवा कर बदमाश बतौर फिरौती 30 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। पुलिस ने जब बदमाशों को दबोच कर पंकज को बरामद किया तो ठगी की कहानी का पता चला।एसएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि मदन मोहन प्रसाद 9 सितम्बर को रिटायर हुए थे। अपहरण की घटना 10 सितम्बर की है। फुलवारी निवासी पंकज को मीठापुर बुलाकर उसे अगवा कर लिया था। फिरौती की रकम की मांग होने के बाद 11 सितम्बर को मदन मोहन प्रसाद ने फुलवारी थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। सिटी एसपी (पश्चिमी) रवीन्द्र कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर बदमाशों के टावर लोकेशन का पता किया। पुलिस टीम ने अरवल जिले में छापेमारी कर चार बदमाशों -मुकेश, दीपक, उपेन्द्र और रोहतास के काराकाट निवासी चंदन को दबोच लिया। एसएसपी के मुताबिक बदमाशों से पूछताछ में पता चला कि पंकज नौकरी लगाने के नाम पर कई युवकों से लाखों की रकम ले चुका था। अपने लाखों रुपये वापस नहीं मिलने के कारण युवकों ने पंकज को अगवा कर लिया था। ये लोग जब पंकज से अपने पैसे मांगते थे तो वह कोई ठोस जवाब नहीं देता था। इसके बाद सभी ने पंकज को अगवा करने की साजिश रची और उसे अगवा कर लिया। पुलिस के मुताबिक यह भी पता लगाया जा रहा है कि पंकज भी तो ठगी के खेल में शामिल नहीं है। यदि मामला सही निकला तो उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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