जांच एजेंसियों का नोटिस झेल रहे तेजस्वी कैसे पार लगाएंगे राजद की नैया?

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2020 विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के भरोसे है. अपने युवा नेता के चेहरे पर आरजेडी जहां चुनाव लड़ने की तैयारी में है, तो वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियों के दर पर हाजिरी-पर-हाजिरी भी दे रहे हैं. ऐसे में सवाल यह है कि तेजस्वी का मिशन 2020 का क्या होगा?

जांच एजेंसियां आए दिन तेजस्वी को पूछताछ के लिए बुलाती है. किसी दिन सीबीआई तो कभी इनकम टैक्स तो फिर कभी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का चक्कर लगाना पड़ता है. तेजस्वी को जिस हिसाब से जांच एजेंसियों के सामने हाजिर होना पड़ता है विरोधी अब तंज कसने लगे हैं.

विरोधियों का कहना है कि लालू खेमा तेजस्वी को लेकर दिन में हीं सपने देख रही है. जांच एजेंसियों के बहाने जेडीयू जहां तेजस्वी और उनकी टीम को हतोत्साहित करने की कोशिश में लगी है, वहीं आरजेडी अलग ही ताल ठोक रही है.

आरजेडी भले ही तेजस्वी को लेकर ताल ठोक रही हो, लेकिन यह बात भी सच है कि तेजस्वी जांच एजेंसियों के चक्कर में इन दिनों बेहद परेशान हैं. कई बार तो तेजस्वी का दर्द खुलकर सबके सामने भी आया है. ऐसे में तेजस्वी के लिए मिशन 2020 किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं.

साढ़े आठ घंटे चली पूछताछ…

प्रवर्तन निदेशालय, ईडी ने सोमवार को रेलवे टेंडर घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव से साढ़े अाठ घंटे तक लगातार पूछताछ की। इस दौरान उनसे 100 से अधिक प्रश्न पूछे गए

तेजस्वी से 2006 में आईआरसीटीसी होटल के रखरखाव अनुबंध मामले की जांच के संबंध में पूछताछ की गई।ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक, ‘बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री से लगभग दिनभर चली पूछताछ में 100 से ज्यादा प्रश्न पूछे गए। तेजस्वी से पूछताछ दिल्ली स्थित ईडी के कार्यालय में सुबह 11 बजे से शुरू हुई, जहां उनका बयान भी दर्ज किया गया।’

यह दूसरी बार है, जब इस मामले में ईडी ने तेजस्वी से पूछताछ की है। इससे पहले ईडी तेजस्वी से 10 अक्टूबर को नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ कर चुकी है। तेजस्वी ने पिछली नोटिसों को दरकिनार कर सोमवार को ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए।

ईडी तेजस्वी, उनके पिता व राजद के नेता लालू प्रसाद और उनके अन्य परिवार के सदस्यों के खिलाफ धन शोधन रोकथाम (पीएमएलए) मामले में वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है। राबड़ी देवी के खिलाफ ईडी ने छह सम्मन जारी किए हैं और इस मामले में अब उनसे भी पूछताछ की जाएगी।

प्रवर्तन निदेशालय ने 27 जुलाई को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एफआईआर पर पीएमएलए के तहत एक मामला दर्ज किया था, जिसमें फर्जी कंपनियों द्वारा कथित तौर पर हस्तांतरित धन की जांच की जा रही है।

सीबीआई ने पांच जुलाई को लालू, उनकी पत्नी और तेजस्वी के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज किया था।सीबीआई ने तीनों पर 2006 में रांची और पुरी में भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के दो अनुबंधों को आवंटित करने में कथित वित्तीय अनियमितता पाई थी. उस वक्त लालू रेल मंत्री थे।

सीबीआई ने कहा कि ठेका विजय और विनय कोचर के स्वामित्व वाली कंपनी सुजाता होटल को दिया गया था।जिन्होंने बदले में कथित तौर पर बिहार में एक प्रमुख भूखंड को रिश्वत के तौर पर दी थी।

अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्टर्स के प्रमोटर बिक्रमजीत सिंह अहलूवालिया के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता और आईआरसीटीसी के प्रबंध निदेशक पी.के. गोयल भी इस मामले में आरोपी हैं। सीबीआई ने इस मामले में तेजस्वी और लालू प्रसाद के बयान दर्ज कर लिए है।

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