जयंती पर याद किए गए ‘भोजपुरी के शेक्सपीयर’

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सर गणोश दत्त विचार मंच के सचिव अजय कुमार की अध्यक्षता में नाटककार भिखारी ठाकुर की जयंती मंच के कार्यालय में मनाई गई। उन्होंने कहा कि लोक नाटक के क्षेत्र में स्व. ठाकुर के अमूल्य योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने नाटकों के जरिए भोजपुरी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर प्रतिष्ठा दिलाने का काम किया, जो अविस्मरणीय है। वे बहुआयामी प्रतिभा के व्यक्ति थे। उन्हें भोजपुरी का शेक्शपीयर कहा जाता है। कार्यक्रम में विनय शंकर, अजय, तरुण प्रभात, आरएस राय, राजेश पाठक, उमा सिंह, कुमार पुष्कर, अवनीश कुमार, लालबाबू राय, नीरज कुमार झा, मिथिलेश कुमार आदि ने भी स्व. ठाकुर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की।

नाटक दीमक का मंचन कर कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि1 भिखारी ठाकुर की 130वीं जयंती के मौके पर मंगल तालाब परिसर में स्वतंत्र रंगमंच द्वारा कार्यक्रम ‘जरा सा आओ न बैठो वतन की बात करें’ आयोजित किया गया। कलाकारों ने नाटक दीमक प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि अर्पित की। नाटक देखने उमड़े दशक एक युवा की वेदना एवं संदेवना से अवगत हुए। शिक्षा एवं व्यवस्था पर कई सवाल उठाए गए। गुरुशरण सिंह द्वारा लिखित एवं राहुल सिंह द्वारा निर्देशित नाटक में मनोरंजन चौहान, राहुल सिंह, गौतम सिंह, आकाश कुमार, निखिल सागर की अदाकारी काबिलेतारीफ रही। इस नाटक के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था, तालीम देने के नाम पर मची लूट, डिग्री का झोलझाल और बेरोजगारी पर चोट की गई थी। राहुल सिंह ने बताया कि हर रविवार अलग-अलग जगहों पर नाटक की प्रस्तुति कर लोगों को जागरूक किया जाएगा।

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