जब योग गुरु बाबा रामदेव ने दिये निरोग रहने के टिप्स

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बिहारशरीफ के जिला स्टेडियम दीपनगर में बुधवार से योग गुरु बाबा रामदेव का तीन दिवसीय योग विज्ञान, चिकित्सा एवं ध्यान शिविर का कार्यक्रम शुरू हो गया.
योग गुरु बाबा रामदेव अपने निर्धारित समय सुबह पांच बजे योग शिविर स्थल पर बनाये गये मंच पर पहुंचे गये तथा योग, प्राणायाम करना शुरू किया और लोगों से अनुसरण करने का आह्वान किया. इस दौरान योग का महत्व और क्यों करना जरूरी है, इसकी भी जानकारी देते रहे. उन्होंने कहा कि योग करने से मन, मस्तिष्क व शरीर स्वस्थ रहता है तथा मन में अच्छे विचार आते हैं.
प्रत्येक मनुष्य को प्रतिदिन योग करना चाहिए. बाबा रामदेव ने हजारों लोगों को शीर्षासन, पद्मासन, नौकासन, पवन मुक्त आसन, दंड आसन, प्राणायाम, मंडूक आसन, शशक आसन, योग मुद्रा आसन, गोमुख आसन, कपाल भारती, चक्रदंड आदि योग की क्रियाएं करायी.
बिहारशरीफ : दीपनगर स्थित जिला स्टेडियम की लम्बी चौड़ी-भूमि बुधवार की अहले सुबह योग प्रेमियों से खचाखच भरा था। बाबा अपने निर्धारित समय पर प्रात: 5 बजे स्वामी रामदेव महाराज योग स्थल पर बनाए मंच पर आसीन हुए। स्वामी रामदेव ने योगासन शुरू कराने से पूर्व शिविर में आए हुए योग शिविरार्थियों को योग-विज्ञान और मेडिटेशन के रूप में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। स्वामी जी ने बताया कि नालंदा जैसे बौद्धिक और कृषि क्षेत्र में अधिक विकास के लिए आगे कुछ करना है। शहर से 5 किलो मीटर दूर रहने के बावजूद शिविर में 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। आने वाले समय में नालंदा का एक नया स्वरूप होगा और दुनिया भर में नालंदा का नाम आध्यात्मिक और बौद्धिक क्षेत्र के रुप में जाना जाएगा। जीवन में उत्साह और उमंग भरने और निरोग रहने के लिए योग सबसे महत्वपूर्ण है। जो योग करते है उन्हें आगे बढने से कोई नहीं रोक सकता। स्वामी रामदेव ने कहा कि स्टेडियम में 10 मई को महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष योग-विज्ञान, चिकित्सा एवं ध्यान शिविर का आयोजन सायं 5 बजे से शिविर स्थल जिला स्टेडियम दीपनगर पर किया जाएगा। बीच-बीच में स्वामी जी लोगों को खूब हंसाया और सम्पूर्ण योग, प्राणायाम कराया।
 नालंदा के इतिहास में पहली बार सुबह पांच बजे जब हजारों की संख्या में लोगों ने बिहारशरीफ जिला स्टेडियम दीपनगर में स्वामी बाबा रामदेव जी के साथ योग-आसन किए। इस मौके पर पूरा स्टेडियम ओम नमोकार मंत्र के जापों से गूंज उठा। इस दौरान भारत माता और वंदेमातरम के नारे भी गूंजे। सुबह 5 बजे जैसे ही योग कराने के लिए बाबा मंच पर पहुंचे, लोगों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से उनका स्वागत किया और मंगल दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण किया। तत्पश्चात बाबा ने योग, प्राणायाम करना शुरू किया। उन्होंने योग कराते समय उसके महत्व तथा योग क्यों करनी चाहिए की जानकारी दी। विश्व योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि योग करने से मनुष्य के मन में अच्छे विचार आते हैं। इसलिए हर मनुष्य को प्रतिदिन योग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि योग से घातक बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। वर्तमान समय की जीवन शैली के कारण लोगों को बीमारियों ने घेर लिया है। इसलिए बीमारियों से बचने का एक मात्र उपाय योगासन है। बाबा रामदेव ने हजारों लोगों को शीर्षासन, पदमासन, नौकासन, पवन मुक्त आसन, दंड आसन, प्राणायाम, मंडूक आसन, शशक आसन, योग मुद्रा आसन, गोमुख आसन, कपाल भाति, चक्रदंड आदि योग की क्रियाएं कराई।
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