जनता ने सांप्रदायिक नीतियों को किया खारिज : भाकपा

0
114
file photo

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मिजोरम, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वहां के मतदाताओं ने भाजपा के खिलाफ वोट देकर भाजपा की सांप्रदायिक, जातिवादी एवं फासीवादी तथा जनविरोधी आर्थिक नीतियों को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के झूठे वायदों एवं व्यक्तिवादी अधिनायकवादी शासन शैली के कारण भाजपा उम्मीदवारों को जिताने की उनकी अपील को भी ठुकरा दिया है। भाकपा राज्य सचिव सत्यनायण सिंह ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार द्वारा किसानों, युवकों, दलितों, महिलाओं, मजदूरों और अन्य देशवासियों से जो वायदे किये गये, उनमें से एक पर भी भाजपा सरकार ने अमल नहीं किया। उलटे नोटबंदी एवं जीएसटी लागू करके उसने आम आदमी को घोर संकट में धकेल दिया। महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी, किसानों की ऋणग्रस्तता और आत्महत्या जैसे मुद्दों को भाजपा सरकार ने नजर अंदाज किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तिवादी अधिनायकवादी शासन शैली ने लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं पर कुठाराघात करके लोकतंत्र को कमजोर करने एवं संविधान के मूल्यों एवं आदशरे को नष्ट करने का प्रयास किया। इन सब कारणों से आम जनता में जबर्दस्त आक्रोश है। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराकर वहां के मतदाताओं ने अपने आक्रोश को प्रकट किया है। मतदाताओं ने भाजपा को स्पष्ट चेतावनी दे दी है कि भविष्य में लोकतंत्र को मिटाने और संविधान एवं कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इन पांच राज्यों के मतदाताओं ने यह भी संकेत दे दिया है कि न सिर्फ राज्यों में बल्कि केन्द्र में भी भाजपा को सत्ता से हटाया जायेगा।

यह भी पढ़े  सीएम ग्राम परिवहन योजना का लाभ लेने को महिलाएं भी आ रहीं आगे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here