जदयू नेता की मौत पर बवाल, थानाध्यक्ष समेत 3 गिरफ्तार

0
108

नगरनौसा थाने में गुरुवार की शाम पुलिस कस्टडी में हुए जदयू महादलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गणोश रविदास की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर शहर में शुक्रवार को भारी बवाल मचा। पथराव में रहुई थानाध्यक्ष श्रीमंत सुमन, नूरसराय थानाध्यक्ष अभय कुमार, गिरियक पुलिस निरीक्षक शेरसिंह यादव सहित एक महिला आरक्षी घायल हो गये। जानकारी मिलने के बाद आईजी सुनील कुमार एवं डीआईजी राजेश कुमार ने घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल नगरनौसा थानाध्यक्ष कमलेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक बलिन्द्र राय एवं चौकीदार संजय पासवान को निलंबित करते हुए प्राथमिकी दर्ज की और सभी को गिरफ्तार कर लिया। ऐहतियात के तौर पर थाना परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहां कई डीएसपी एवं थानाध्यक्षों को दंडाधिकारी के नेतृत्व में तैनात किया गया है।

नगरनौसा थाना में जदयू नेता की हत्या के बाद जहां नगरनौसा रणक्षेत्र में घंटों तब्दील रहा, वहीं मृतक के परिजन कथित रूप से पुलिस प्रशासन को दोषी ठहराते हुए थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों पर हत्या करने का सीधा आरोप लगा रहे थे। उग्र महादलितों ने सड़क पर आगजनी करते हुए जहां पुलिसकर्मियों पर जमकर रोड़े बरसाये, वहीं पुलिस ने भी अपने आप को बचाते हुए उग्र लोगों पर जमकर लाठी भी चटकाई इस घटना में महादलित के कई लोग चोटिल हो गए। इस दौरान घंटो अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा। जबकी नगरनौसावासी पुलिस के डंडे व रोड़े से भयभीत अपने घरों में दुबके रहे। इस दौरान नगरनौसा में रात से हीं पुलिस छावनी में तब्दील रही। पुलिस कस्टडी में जेडीयू नेता की हत्या के मामले में आईजी के आदेश पर नगरनौसा के थानेदार, एएसआई और चौकीदार को गिरफ्तार कर लिया गया। जिससे नालंदा के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, यही नहीं जिन जिन थानेदारो ने दो या तीन दिनों से अपने अपने थाने में लोगो को पुछताछ के लिए रखा था उन्हें बाइज्जत अपनी पुलिस जीप से उनके घर पहुंचा दिया। बहरहाल मामला तो गंभीर था ही वह भी सत्ताधारी दल के एक नेता का शायद थानेदार को यह नहीं मालूम होगा की गणोश रविदास नेता हैं। थानेदार का पद ही रसूक वाला होता है। इधर गणोश के परिजन अस्पताल में हंगामा कर रहे थे उधर नगरनौसा में उग्र ग्रामीण सड़क पर आगजनी कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उग्र ग्रामीणों ने पुलिस के ऊपर पथराव शुरू कर दिया, जिससे नूरसराय थानाध्यक्ष अभय कुमार, रहुई थानाध्यक्ष श्रीमंत कुमार सुमन, गिरियक सर्किल इंस्पेक्टर शेर सिंह यादव सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। फांसी की खबर मिलते ही सूबे के आलाकमान ने तुरंत आईजी और डीआईजी को मौकाए वारदात पर भेज दिया और तुरंत मामले की जाँच करने एफएसीएल की टीम नगरनौसा थाना पहुँच गयी। मृतक के परिजनों के आरोप पर आईजी ने थानाध्यक्ष कमलेश कुमार और दरोगा बलिंद्र रॉय और चौकीदार संजय पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्र बताते है कि जिस लड़की के अपहरण के मामले में गणोश को हिरासत में लिया गया था उस लड़की के रिश्तेदार पुलिस महकमे में उच्च पद पर आसीन हैं, यही कारण था की इस मामले में पुलिस ने लड़के की माँ को गिरफ्तार कर दो दिन पहले ही जेल भेज दिया था। जिस लड़के पर आरोप था वह गणोश का भतीजा है। जबकि एफआईआर में गणोश का नाम नहीं था, बावजूद इसे पुलिस ने अपने रसूक का इस्तेमाल कर गणोश को दो दिन तक अपने कस्टडी में रखा। इस कांड का एक पहलू यह है की जब गणोश के पुत्र पिता से मिलने थाने पहुंचे तो उसे मिलने नहीं दिया गया और जब गणोश की मौत हो गयी तब भी उसके परिजनों को शव देखने नहीं दिया गया। यह सभी प्रकरण पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करता है। जिस खिड़की से गणोश के फांसी लगाए जाने तस्वीर आयी है वह भी संदेह के घेरे में है। शव के ऊपर गर्दन के अलावे अन्य निशान भी जांच के दायरे में है, जिस प्रकार गणोश के साथ पुलिस ने कार्रवाई की उसकी कानून इजाजत नहीं देता है। मगर कानून के रखवाले ही कानून की धज्जियाँ उड़ाए तो स्वच्छ और भयमुक्त बिहार बनाने का मुख्यमंत्री का सपना कैसे साकार होगा, यह एक बड़ा सवाल है। जदयू नेता के पुलिस कस्टडी में मौत मामले में मृतक के पुत्र बलराम रविदास ने एससी एसटी थाना में थानेदार सहित 9 लोगों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कराया है। मामला दर्ज होते ही आईजी के निर्देश पर नगरनौसा थानाध्यक्ष कमलेश कुमार, एएसआई बलिन्द्र रॉय और चौकीदार जितेंद्र कुमार को तुरंत गिरफ्तार कर बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय में एडीजे वन के कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। जिसके बाद से तीनों को 14 दिन के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। बहरहाल इस त्वरित कार्रवाई से गणोश रविदास के परिजनों को इंसाफ की उम्मीद जगी है। हालांकी हत्या के बाद प्रशासन द्वारा मृतक के परिजन को चार लाख बारह हजार रूपए सहायता राशि का चेक दिया गया है।

क्या है पूरा मामला
जदयू नेता 50 वर्षीय गणेश रविदास नगरनौसा थाने के सैदपुरा गांव के निवासी थे. इसी गांव के नरेश साव ने अपनी 16 वर्षीया बेटी के अपहरण की आशंका जताते हुए 11 जून को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस मामले में बलराम रविदास ने बताया कि प्राथमिकी में उनके पिता गणेश आरोपित भी नहीं थे. इसके बाद भी 10 जुलाई की शाम चार बजे घर से गिरफ्तार कर हाजत में बंद कर दिया गया था.
11 जुलाई की रात पुलिस से सूचना मिली कि उनके पिता की मौत हो चुकी है. इधर, पुलिस का कहना है कि गणेश ने थाने के शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. लेकिन, मृतक के परिजनों ने बताया कि गणेश की पुलिस कस्टडी में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी है.

 

यह भी पढ़े  सीएम नीतीश कुमार ने किया आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय भवन का उद्घाटन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here