छेड़खानी पर थाने से पहले राजभवन को फोन करें

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Patna-June.14,2018-Bihar Governor Satyapal Mallik is lighting the lamp to inaugurating Chatra Samwad at S.K. Memorial hall in Patna, organized by Patna University Students Union.

बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक ने कहा कि केवल पुराने किस्सों की बदौलत कौमें जिन्दा नहीं रहतीं, नई जिन्दगी के लिए नये किस्से गढ़ने पड़ते हैं। बिहार में छात्र राजनीति का बड़ा लम्बा और गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। पुन: अब समय आ गया है कि बिहार की छात्र-युवा शक्ति शिक्षा के विकास-प्रयासों को गति देने में दृढ़ संकल्पों के साथ जुट जायें। उन्होंने ये बातें पटना विविद्यालय के शताब्दी समारोह के अवसर पर पटना विविद्यालय छात्र संघ की ओर से एसके मेमोरियल हॉल में आयोजित राज्य के विविद्यालयों के छात्र संघों के वर्तमान पदाधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। सम्मेलन ‘‘बिहार की राजनीति में छात्र नेताओं की भूमिका-सह-छात्र संवाद’ विषय पर आयोजित था। राज्यपाल ने कहा कि छात्र संघ के नेताओं को महाविद्यालय-विविद्यालय परिसरों में इस बात के लिए सहयोग करना चाहिए कि नियमित रूप से कक्षाएं चलें, समय पर कदाचारमुक्त परीक्षा आयोजित हो तथा छात्राओं को भरपूर सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि एकेडमिक कैलेंडर ईयर के शत-प्रतिशत परिपालन, सीबीसीएस के अनुरूप मॉडल पाठ्यक्रम का कार्यान्वयन, नियमित सत्र संचालन, समय पर परीक्षा-आयोजन, परीक्षाफल प्रकाशन, बायोमैट्रिक हाजिरी व सीसीटीवी कैमरों का संस्थापन महाविद्यालय- विविद्यालय भवनों में गर्ल्स कॉमन रूम व वाशरूम’ का निर्माण ये सारी बातें आज प्राथमिकताओं में शुमार हैं और इनका निश्चित समय-सीमा में परिपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। राज्यपाल ने छात्राओं से कहा कि अगर आपके साथ कोई छेड़खानी की कोशिश करे तो थाने से पहले राजभवन को फोन करें। बच्चियों की सम्मान की रक्षा हम करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था करायी जा रही है कि राजभवन व शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्यालय में बैठे यह देख सकें कि कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं या नहीं। महाविद्यालयों व विविद्यालयों में खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों को विकसित करने के लिए ‘‘एकलव्य’ व ‘‘तरंग’ नामक विविद्यालयीय प्रतियोगिताओं को पुनर्जीवित कराया जा रहा है। राज्यपाल ने छात्र संघ के शांतिपू़र्ण चुनाव सम्पन्न हो जाने पर सभी छात्र-नेताओं, विविद्यालय व प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि चुनाव हो जाने से विविद्यालय पदाधिकारियों व छात्रों के बीच एक सार्थक संवाद का मंच तैयार हो गया है। इससे न केवल शिक्षा का माहौल सुधरेगा बल्कि राजनीति और समाज के अन्य सभी प्रक्षेत्रों को नई दिशा भी मिलेगी। उन्होंने शिक्षा पर बजटीय प्रावधान को बढ़ाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि हमें अपने विविद्यालयों को इस रूप में विकसित करना होगा कि वे दुनिया के सौ उत्कृष्ट विविद्यालयों की श्रेणी में जगह बना सकें। उन्होंने विश्व के विभिन्न विविद्यालयों व शिक्षण संस्थाओं में पढ़नेवाली ‘‘नोबेल पुरस्कार’ प्राप्तकर्ता प्रतिभाओं की संख्या बताते हुए कहा कि दूसरे प्रतिष्ठित विविद्यालय सैकड़ों की संख्या में नोबेल पुरस्कार पाते हैं जबकि हमारे देश में बमुश्किल कुल दर्जनभर लोग ही ‘‘नोबेल पुरस्कार’ प्राप्त करने में सफलता हासिल की है।राज्यपाल ने कहा कि जॉन डोबास ने लिखा है कि छात्र संघ के दफ्तरों में जाने से युवाओं का व्यक्तित्व जितना विकसित होता है, उतना काक्षाओं में घंटों पढ़कर भी नहीं हो पाता। राज्यपाल ने भारत में छात्र राजनीति के इतिहास पर व्यापक रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र की लड़ाई को जीतने में बिहारी छात्र नेताओं से काफी ताकत मिली थी। उन्होंने 66-67 के यूपी के छात्र-आन्दोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोहिया जी ने इसे ‘‘आजाद भारत की पहली पीढ़ी का विद्रोह’ माना था। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय राजनीति के अधिकतर चमकते सितारे छात्र-राजनीति की ही उपज रहे हैं। बिहार का अत्यन्त गौरवमय इतिहास रहा है। भारत का ‘‘स्वर्णयुग का इतिहास’ दरअसल बिहार का ही इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र व विभिन्न राज्यों के प्रशासन में काफी संख्या में बिहारी आईएस व आईपीएस अधिकारी कार्यरत मिल जाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि छात्र समस्याओं को लेकर राजभवन व राज्य सरकार दोनों बेहद संजीदा हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं के प्रति शिष्टतापूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार हो इसे सुनिश्चित कराया जायेगा। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने विद्यार्थियों से राज्य सरकार की ‘‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ का भरपूर लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों को चार प्रतिशत व छात्राओं को एक प्रतिशत ब्याज-दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व वे स्वयं छात्र राजनीति से ही उभरकर आज राज्य में शीर्ष पदों पर हैं। वे छात्र हितों को कभी भी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि शिक्षक नियुक्ति व समय पर वेतन भुगतान को लेकर भी सरकार पूरी तरह गंभीर है। कार्यक्रम में राज्यपाल ने छात्र संघ की स्मारिका का का भी विमोचन किया। कार्यक्रम को पटना विविद्यालय के कुलपति प्रो रास बिहारी प्रसाद सिंह व पटना विविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज ने भी संबोधित किया। संचालन पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष (पीयू) आशीष सिन्हा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन छात्र संघ (पीयू) के कोषाध्यक्ष नीतीश पटेल ने किया। इस अवसर पर जय प्रकाश विविद्यालय के कुलपति प्रो हरिकेश सिंह, राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, पूर्व छात्र नेता अनिल शर्मा, प्रो. शिवजतन ठाकुर उपस्थित थे। 

स्मारिका का विमोचन करते राज्यपाल सत्यपाल मलिक, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी व अन्य।
 पटना विविद्यालय छात्र संघ (पुसू) के पूर्व उपाध्यक्ष अंशुमान ने कहा कि छात्र संवाद के आड़ में यह महज राजनीतिक कार्यक्रम था। छात्र संवाद अपनी निजी स्वार्थ को पूरी करने के लिए आयोजित किया गया था। इससे छात्रों को कोई लेना-देना नहीं था और न ही छात्रों को इसका फायदा मिलने वाला है। छात्र संवाद के नाम पर छात्रों को गुमराह किया गया है। कुछ राजनीतिक पार्टियां छात्रों को मूल उद्देश्य से भटकाकर गलत इस्तेमाल कर रही हैं। कार्यक्रम में छात्रों को पैसे का लोभ देकर बुलाया गया था। वर्तमान में विविद्यालय की हालत चिंताजनक है। शिक्षक नहीं है और छात्र अपने भविष्य को लेकर दिन-रात आंदोलन कर रहे हैं। बीएड के छात्र आंदोलन पर हैं। उनकी समस्या को सुनने वाला कोई नहीं हैं। विविद्यालय और शिक्षा की स्थिति बर्बादी के कगार पर पहुंच गयी है। छात्र संवाद को छात्रों को पूरी तरह से नकार दिया है। 

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