छठे चरण का प्रचार थमा, मतदान कल , एनडीए के सामने हैं सभी आठ सीटें बचाने की चुनौती

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प्रदेश में लोकसभा चुनाव के छठे चरण में आठ संसदीय सीटों वाल्मीनिगर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज (सु.), वैशाली, महाराजगंज और सीवान में प्रचार-प्रसार का शोर शुक्रवार को शाम छह बजे थम गया। मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 12 मई को सुबह सात से दोपहर शाम छह बजे तक होगा। प्रचार समाप्त होते ही नेपाल और अंतर्राज्यीय सीमा सील कर दी गयी है। इस चरण में केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह, हेना साहेब, जर्नादन सिंह सिग्रीवाल सहित 127 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि छठे चरण का चुनाव प्रचार समाप्त हो गया है। प्रचार समाप्त होते ही विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए छापेमारी अभियान तेज कर दिया गया है। संबंधित जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी और आरक्षी अधीक्षकों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की हिदायत दी गयी है। एरिया डोमिनेशन किया जा चुका है। सुरक्षा बल एवं अर्ध सैनिक बलों की तैनाती कर दी गयी है। नेपाल अंतर्राज्यीय सीमा को भी सील कर दिया गया है। इन सीमाओं से हर आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है एवं उनकी जांच भी की जा रही है। ताकि स्वच्छ एवं निष्पक्ष मतदान हो सके। मतदानकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों को मतदान केंद्र पर भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। छठे चरण में 1,38,02,576 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिसमें 7305983 पुरु ष मतदाता एवं 6496117 महिला मतदाता शामिल हैं। इन मतदाताओं के लिए 13,973 मतदान केंद्रों की स्थापना की गयी है। इस चरण में ईवीएम के 13.973 कंट्रोल यूनिट, 13,973 वीवी पैट और 20844 वैलेट यूनिट का इस्तेमाल किया जायेगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा क्षेत्रवार समय भी निर्धारित किया गया है। जहां पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर,महाराजगंज, सीवान एवं गोपालगंज लोकसभा के संपूर्ण क्षेत्र में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा लेकिन वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र के वाल्मीकिनगर एवं रामनगर विधानसभा क्षेत्र में तथा वैशाली लोकसभा क्षेत्र के मीनापुर, पारू और साहेबगंज विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान संपन्न होगा। इसके अतिरिक्त वाल्मीकिनगर एवं वैशाली के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में सामान्य समयानुसार सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान संपन्न होगा। इस चरण में कुल 127 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिसमें बसपा के सात, भाजपा के चार, भाकपा के एक, कांग्रेस के एक,राकांपा के एक, राजद के पांच, जदयू के तीन, लोजपा के एक, रालोसपा के दो, निबंधित पार्टियों के 51 और निर्दलीय 51 उम्मीदवार मैदान में खम ठोक रहे हैं।

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एनडीए के सामने हैं सभी आठ सीटें बचाने की चुनौती

प्रदेश में लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 12 मई को होने वाले चुनाव में सत्ताधारी एनडीए के समक्ष सभी आठ सीटें बचाने की चुनौती है तो मुख्य विपक्षी राजद की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। राजद के सबसे ज्यादा पांच उम्मीदवार इसी चरण में मैदान में हैं। राजद के कद्दावर नेता रघुवंश प्रसाद सिंह, शहाबुद्दीन की पत्नी हिना साहेब और प्रभुनाथ सिंह के पुत्र रणधीर सिंह की सीट पर भी चुनाव होना है तो केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह के भाग्य का भी फैसला होना है। इस चरण में कुल 127 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें बसपा के सात, राजद के पांच, भाजपा के चार, जदयू के तीन, रालोसपा के दो, कांग्रेस, लोजपा, भाकपा और राकांपा के एक-एक उम्मीदवार हैं। 2014 में हुए चुनाव में छठे चरण में शामिल सभी आठ सीटों पर सत्ताधारी एनडीए ने कब्जा जमाया था। इनमें वाल्मीकिनगर, पश्चिम पंचारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज (सु.), सीवान और महाराजगंज से भाजपा ने जीत दर्ज की थी जबकि वैशाली से लोजपा जीती थी, लेकिन इस बार जदयू के राजग में शामिल होने पर भाजपा ने अपनी जीती हुई तीन सीटें वाल्मीकिनगर, सीवान और गोपालगंज (सु.) जदयू के लिए कुर्बान कर दी है।वाल्मीनिगर से जदयू के वैद्यनाथ महतो और कांग्रेस के शाश्वत केदार सहित 13 उम्मीदवार चुनावी दंगल में हैं। मुख्य मुकाबला जदयू के वैद्यनाथ महतो और कांग्रेस के शाश्वत केदार के बीच माना जा रहा है। 2014 में यहां से भाजपा के सतीशचंद्र दूबे जीते थे। पश्चिम चंपारण से भाजपा के डॉ. संजय जायसवाल और रालोसपा के बृजेश कुमार कुशवाहा सहित नौ उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और रालोसपा के बीच ही है। 2014 में यहां से भाजपा के डॉ. संजय जायसवाल जीते थे। छठे चरण की सबसे हॉट सीट पूर्वी चंपारण है। यहां से भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, रालोसपा के आकाश कुमार सिंह और भाकपा के प्रभाकर जायसवाल सहित 22 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां भाजपा के राधामोहन सिंह, रालोसपा के आकाश कुमार सिंह और भाकपा के संजय जायसवाल के बीच त्रिकोणात्मक संघर्ष है। तीनों की अपने-अपने संगठन के साथ-साथ स्वजातीय मतदाताओं पर नजर है। 2014 में यहां से भाजपा के राधामोहन सिंह जीते थे। शिवहर से भाजपा की रमा देवी, राजद के सैय्यद फैसल अली सहित 18 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां मुख्य मुकाबला भाजपा की रमा देवी और राजद के सैय्यद फैसल अली के बीच ही है। 2014 में यहां से भाजपा की रमा देवी ने जीत दर्ज की थी। वैशाली से राजद के कद्दावर नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह और लोजपा की वीणा देवी सहित 22 उम्मीदवार चुनावी दंगल में हैं। यहां पर मुख्य मुकाबला राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह और लोजपा के वीणा देवी के बीच ही है। यह सीट राजद की प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई है। कभी रघुवंश प्रसाद सिंह को चुनाव जिताने में महती भूमिका निभाने वाले विधान पार्षद निदेश सिंह ने अपनी पत्नी वीणा देवी को लोजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतारकर वैशाली की लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। 2014 में यहां से लोजपा के रामा किशोर सिंह जीते थे। इस बार लोजपा ने उनका टिकट काटकर वीणा देवी को मैदान में उतारा है। गोपालगंज (सु.) से जदयू के डॉ. आलोक कुमार सुमन, राजद के सुरेंद्र राम सहित 13 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां मुख्य मुकाबला राजद और जदयू के बीच ही है। 2014 के आम चुनाव में गोपालगंज (सु.) से भाजपा के जनक चमार जीते थे। इस बार यह सीट भाजपा ने जदयू के लिए छोड़ दी है। सीवान में भी लड़ाई काफी रोचक है। यहां से महागठबंधन और राजग ने बाहुबली की पत्नियों पर दाव खेला है जबकि भाकपा माले ने फिर से अमरनाथ यादव को उतारा है। राजद की हिना साहब, जदयू की कविता देवी, भाकपा माले के अमरनाथ यादव सहित 19 उम्मीदवार यहां मैदान में हैं। यहां राजद, जदयू और भाकपा माले के बीच लड़ाई त्रिकोणात्मक है। 2014 में यहां से भाजपा के ओमप्रकाश यादव जीते थे, लेकिन इस बार भाजपा ने यह सीट जदयू के लिए छोड़ दी है। महाराजगंज से भाजपा के जर्नादन सिंह सिग्रिवाल, राजद के रणधीर कुमार सिंह, बसपा के अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव सहित 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां मुकाबला राजद और भाजपा उम्मीदवार के बीच ही है, लेकिन राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साले अनिरुद्ध यादव उर्फ साधु यादव के चुनावी दंगल में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। 2014 में हुए चुनाव में महाराजगंज से भाजपा के जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने जीत दर्ज की थी।

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